सिंधु बनीं डिप्टी कलेक्टर

रियो ओलिंपिक की रजत पदक विजेता पीवी सिंधु को शुक्रवार को आंध्रप्रदेश सरकार ने डिप्टी कलेक्टर नियुक्त किया। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने सचिवालय में सिंधु को इस ग्रुप-1 अधिकारी की नियुक्ति का पत्र सौंपा।

सिंधु ने अपनी इस नियुक्ति पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उनकी प्राथमिकता बैडमिंटन बना रहेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री नायडू का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि उनका ध्यान खेल पर केंद्रित रहेगा।

सिंधु ने पिछले वर्ष रियो ओलिंपिक में बैडमिंटन में रजत पदक जीता था। उस वक्त आंध्रप्रदेश सरकार ने उन्हें 3 करोड़ रुपए, घर के निर्माण के लिए 1000 स्क्वेयर यार्ड का प्लॉट और ग्रेड-1 अधिकारी की नौकरी का वादा किया था। राज्य सरकार ने इस वर्ष बजट सत्र में अपने संविधान में संशोधन कर नियुक्ति के नियमों को बदला ताकि सिंध की सीधे ग्रेड-1 अधिकारी के तौर पर नियुक्ति की जा सके।

विशेष मुख्य सचिव (राजस्व) मनमोहन सिंह ने कहा कि विभाग ने सिंधु को नियुक्ति पत्र इस शर्त पर सौंपा है कि वे 30 दिनों के अंदर पद ग्रहण कर लेंगी। उनका तीन साल का प्रोबेशन ‍पीरियड रहेगा।

स्मार्टफोन खरीदने का सही समय नहीं है अभी

साल 2017 में कई स्मार्टफोन कंपनियों ने बाजार में अपने स्मार्टफोन पेश किए है। इनमें शाओमी, सोनी, एलजी और सैमसंग जैसे कई कंपनियों के फ्लैगशिप हैंडसेट शामिल है। अगर स्मार्टफोन लॉन्चिंग की बात की जाए तो इस महीने अब भी कई हैंडसेट लॉन्च होने बाकी हैं।

बजट डिवाइस से लेकर फ्लैगशिप स्मार्टफोन्स तक कई फोन्स इस साल मार्किट में दस्तक देने की तैयारी में हैं। आज हम आपको ऐसे स्मार्टफोन्स के बारे में बताने जा रहे हैं जो आने वाले महीनों में लॉन्च होने वाले हैं।

सैमसंग गैलेक्सी नोट 8 –

खबरों के मुताबिक, 23 अगस्त को सैमसंग अपने आने वाले फ्लैगशिप फोन गैलेक्सी नोट 8 को पेश करने वाला है। कई लीक के अनुसार, गैलेक्सी नोट 8 स्मार्टफोन लॉन्च हो चुके गैलेक्सी एस 8 के जैसा ही होगा जिसमें ड्यूल लेंस कैमरा, बड़ी स्क्रीन और सुंदर डिजाइन को शामिल किया जाएगा।

ऐपल आईफोन –

अब बात करते हैं ऐपल की। उम्मीद की जा रही हैं कि ऐपल सितंबर में अपने तीन नए आईफोन की घोषणा कर सकता है। इनमें से दो मॉडल आईफोन 7 और आईफोन 7 प्लस के अपडेट वर्जन आईफोन 7S और 7S प्लस होंगे। लेकिन सबकी नजर आईफोन के 10th एनिवर्सरी एडीशन पर टिकी हुई है, जिसे ज्यादातर लोग आईफोन 8 नाम से बुला रहे है।

ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि आईफोन 8 में OLED स्क्रीन के साथ कम से कम बेजल्स दी होगी। इसके साथ ही वायरलेस चार्जिंग, खास फ्रंट कैमरा दिया होगा जो कि चेहरे की पहचान के साथ फोन को अनलॉक कर सकता है। इसके साथ ही यह फोन मेटल और ग्लास बॉडी से बना होगा।

गूगल पिक्सल –

आखिर में हम बात कर रहे हैं गूगल के स्मार्टफोन की। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि गूगल अपनी पिक्सल स्मार्टफोन के अगले सीरिज की घोषणा कर सकता है। गूगल द्वारा डिजाइन किया गया पहला स्मार्टफोन पिक्सल था। जिसे यूजर्स की ओर से खूब पसंद किया गया। पिक्सल 2 से भी ऐसी उम्मीद की जा रही है। एक नए लीक के अनुसार, फोन में 6 इंच की स्क्रीन, एक बेहतर कैमरा और फोन में सबसे तेज प्रोसेसर उपलब्ध होगा।

कश्मीर में तिरंगा थामने वाला कोई नहीं होगा : महबूबा

जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने चेतावनी दी है कि यदि राज्य के लोगों के विशेषाधिकारों से छेड़छाड़ की गई तो वहां तिरंगा थामने वाला कोई नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि एक ओर हम संविधान के दायरे में कश्मीर समस्या हल करने की बात करते हैं और दूसरी ओर कोड़े मारते हैं।

संविधान के अनुच्छेद 35(ए) को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दिए जाने पर भड़कते हुए महबूबा ने ये बातें कहीं। उन्होंने साफ कहा कि नेशनल कांफ्रेंस की तरह मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टियों और उनकी पार्टी पीडीपी अपने कार्यकर्ताओं के लिए खतरा मोल लेंगे जो कश्मीर में राष्ट्र ध्वज की रक्षा कर रहे हैं। इस धारा में किसी तरह के हेरफेर को मंजूरी नहीं दी जाएगी।

उन्होंने कहा-“यदि इसमें बदलाव होता है तो मुझे यह कहते हुए झिझक नहीं होगी कि कश्मीर में गिरे हुए तिरंगे को भी कोई नहीं उठाएगा।”

“इंडिया इज इंदिरा, मोदी इज ए मैन ऑफ मोमेंट”

महबूबा ने पीएम मोदी की तारीफ की, लेकिन कहा-“मेरे लिए “इंडिया इज इंदिरा” और “मोदी मैन ऑफ मोमेंट” हैं। जब मैं पढ़ रही थी तब इंदिरा गांधी ही मेरे लिए भारत थीं। हो सकता है कुछ लोगों को मेरी यह बात अच्छी न लगे, लेकिन इंदिरा भारत थीं।” संघ परिवार द्वारा नेहरू-गांधी परिवार की नापसंदगी के विपरीत उन्होंने यह बात कही। मोदी को मौजूदा दौर के नेता बताते हुए कहा कि वह इतिहास पुरुष बन सकते हैं, उनका नेतृत्व देश के लिए मूल्यवान है। उसे बढ़ावा देने की जरूरत है। उनके साथ मिलकर कश्मीर को दलदल से निकालने का रास्ता खोजा जाना चाहिए।

जोखिम के बाद भी हम थामते हैं तिरंगा

दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में महबूबा ने नाराजी भरे अंदाज में कहा, “अनुच्छेद 35 ए को चुनौती देने का काम कौन कर रहा है ये सब? क्यों कर रहे हैं? मेरी पार्टी व अन्य दल सारी जोखिम उठाकर जम्मू-कश्मीर में राष्ट्र ध्वज थामते हैं। इन अधिकारों को चुनौती देकर आप भारतीयों व भारत पर भरोसा करने वाले तथा चुनाव में भाग लेने वालों को कमजोर कर रहे हैं, जो सम्मान की जिंदगी जीना चाहते हैं। कश्मीर भारत का एक सिद्धांत है और सवाल यह है कि भारत कश्मीर के सिद्धांत को कितना स्वीकार करने को तैयार है। यही समस्या का मूलभूत सवाल है।”

विभाजन के वक्त भी दो राष्ट्र का सिद्धांत न माना

महबूबा ने आगे कहा कि देश के विभाजन के वक्त भी कश्मीर ने मुस्लिम बहुल होने के बाद भी धार्मिक आधार पर विभाजन के दो राष्ट्र के सिद्धांत को नहीं माना और भारत के साथ रहने का फैसला किया। भारत के संविधान में जम्मू-कश्मीर को लेकर विशेष प्रावधान हैं। दुर्भाग्य से समय बीतने के साथ कुछ ऐसा हुआ कि दोनों पक्ष बेईमानी करने लगे।

केंद्र और राज्य की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र और लालची हो गया और राज्य को 70 साल तक पीड़ा भोगना पड़ी। समस्या के हल की बजाए प्रशासकीय कदम उठाएमुख्यमंत्री ने कहा कि समस्या का हल करने की बजाए हमने प्रशासकीय कदम जैसे-सरकारों की बर्खास्तगी, साजिश व देशद्रोह के आरोप लगाने जैसे कदम उठाए। अलगाववादी हिंसा से निपटने के लिए सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ाई गई। इन कदमों से कश्मीर के सिद्धांत को सुलझाने में मदद नहीं मिली।

एनजीओ ने दायर की याचिका

“वी द सिटिजंस” नामक एनजीओ ने 2014 में एक रिट याचिका दायर की है। इसमें संविधान के अनुच्छेद 35ए और अनुच्छेद 370 को यह कहते हुए चुनौती दी है कि इन प्रावधानों के चलते जम्मू-कश्मीर सरकार राज्य के कई लोगों को उनके मौलिक अधिकारों तक से वंचित कर रही है। सर्वोच्च न्यायालय ने इस याचिका पर सुनवाई के लिए तीन जजों की एक पीठ गठित करने की बात कही है जो छह हफ्तों के बाद इस पर सुनवाई शुरू करेगी।

मुश्किलों के दौर से गुजर रही कांग्रेस गुजरात में

बिहार के बाद अब कांग्रेस गुजरात में भी मुश्किलों के दौर से गुजर रही है। जहां एक तरफ गुरुवार को तीन कांग्रेस विधायकों ने पार्टी का दामन छोड़ दिया है वहीं शुक्रवार को भी तीन विधायकों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद अब कांग्रेस के राज्यसभा उम्मीदवार अहमद पटेल की मुश्किलें बढ़ गईं हैं।

माना जा रहा है कि अभी और विधायक पार्अटी छोड़ सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार अहमद पटेल के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं। बता दें कि इससे पहले विधानसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक बलवंत सिंह राजपूत समेत दो अन्य विधायक तेजश्री पटेल और पी आई पटेल ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।

वरिष्ठ नेता बलवंत सिंह शंकरसिंह वाघेला के समधी हैं। पटेल ने यह भी कहा कि कांग्रेस में कुछ लोगों के हाथ में नेतागिरी है, अहमद पटेल लंबे समय से गुजरात से राज्यसभा के लिए चुने जा रहे हैं इस बार किसी दूसरे वरिष्ठ नेता को मौका मिलने के उम्मीद थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ जिससे कांग्रेस नेताओं में नाराजगी बढ़ रही है।

हजारों किसानों के करोड़ो रुपए अटक गए

समर्थन मूल्य पर प्याज बेचने वाले हजारों किसानों के 80 करोड़ रुपए अटक गए हैं। राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) ने खरीदी बंद होने के बाद बिना जांच रिपोर्ट के भुगतान पर रोक लगा दी है। जांच का काम कलेक्टरों को सौंपा गया है। वे भंडारण, नष्ट करने वाली प्याज सहित अन्य बिन्दुओं पर जब रिपोर्ट देंगे, उसके बाद ही भुगतान होगा। वहीं, सरकार ने धार, उज्जैन, दमोह, छतरपुर और शहडोल में ज्यादा प्याज खराब होने की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। खराब प्याज को नष्ट करने का अधिकार पांच अधिकारियों की कमेटी को दिया गया है।

सूत्रों के मुताबिक प्याज खरीदी के बाद भंडारण, परिवहन और सड़ी प्याज को नष्ट किए जाने को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। सड़ी प्याज को नष्ट करने की लगातार बढ़ रही मांग को देखते हुए सरकार ने तय किया है कि पहले खरीदी, भंडार, परिवहन, बिक्री आदि रिकॉर्ड की जांच की जाएगी।

जांच के आधार पर जो रिपोर्ट आएगी, उसके हिसाब से आगे कदम उठाए जाएंगे। मार्कफेड के अधिकारियों का कहना है कि सात लाख टन से ज्यादा प्याज का भुगतान किसानों को किया जा चुका है। एक लाख टन से ज्यादा प्याज का भुगतान किसानों को होना है पर ये अब जांच के बाद जिलों की रिपोर्ट के आधार पर होगा।

दरअसल, नागदा में खरीदी बंद होने के आठ दिन बाद एंट्री पाई गई है। प्रारंभिक रिपोर्ट में अधिकारियों ने बताया कि ज्यादा प्याज होने की वजह से चार-पांच अतिरिक्त खरीदी केंद्र खोले गए थे, इसलिए आंकड़े इकठ्ठे होने में समय लगा। इसके बाद ही सरकार ने पूरी पड़ताल के भुगतान करने का निर्णय लिया।

जल्द जारी होगी राशि

मार्कफेड के प्रबंध संचालक ज्ञानेश्वर पाटिल ने बताया कि जहां से भी जांच की रिपोर्ट मिल रही है, वहां भुगतान के लिए राशि दी जा रही है। 7 लाख टन से ज्यादा प्याज का भुगतान किसानों को किया जा चुका है। बाकी राशि भी जल्द ही किसानों के खातों में जमा करा दी जाएगी।

उधर, खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग ने जहां प्याज ज्यादा खराब हुई है, वहां जांच करने के निर्देश दिए हैं। जांच में प्याज खराब होने के कारण, खरीदी की मात्रा सहित अन्य बातों को देखा जाएगा। इसके साथ ही मार्कफेड के प्रस्ताव पर जिलों को खराब प्याज नष्ट करने के अधिकार दे दिए हैं। इसके लिए पांच सदस्यीय कमेटी बनेगी। इसमें डिप्टी कलेक्टर स्तर का अधिकारी अध्यक्ष होगा। साथ ही नागरिक आपूर्ति निगम, मार्कफेड, उद्यानिकी और मंडी बोर्ड के अधिकारी रहेंगे। प्याज नष्ट करने की पूरी वीडियोग्राफी भी करवानी होगी।