कई लोगों ने हरमनप्रीत की तुलना महान बल्लेबाज कपिल देव से की

हरमनप्रीत में आक्रामकता पहले से ही है और उन्होंने छक्के जड़ने की अपनी क्षमता का श्रेय अपने करियर के शुरुआती दिनों में लड़कों के साथ खेलने को दिया।
हरमनप्रीत ने कहा, ‘मुझे बचपन से ही इस तरह बल्लेबाजी करना पसंद है। मैंने इस तरह खेलना सीखा है और लड़कों के साथ क्रिकेट खेला है जो छक्के मारा करते थे और मुझे भी छक्के जड़ना पसंद है। फाइनल में हमें रनों की जरूरत थी और मैं रन बनाने की कोशिश कर रही थी, मैंने यह सोचकर शॉट खेला कि यह सुरक्षित होगा, लेकिन वो क्षेत्ररक्षक के हाथों में चला गया। मैं काफी निराश थी।’
हरमनप्रीत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ महिला विश्व कप सेमीफाइनल में 171 रन की पारी खेली और कई लोगों ने उनकी तुलना महान बल्लेबाज कपिल देव से की। इस स्टार बल्लेबाज ने कहा, ‘मैंने घरेलू क्रिकेट में इस तरह की आक्रामक पारियां खेली हैं। मुझे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मौका मिला, लेकिन मैंने कभी बड़ा स्कोर नहीं बनाया। इस मैच का प्रसारण हुआ और लोगों ने इसे देखा, हमारे अंदर उस मैच को जीतने की भूख थी और मैं खुश थी कि मैंने उस समय वह पारी खेली जब टीम को जरूरत थी और टीम जीती।’
डीएसपी पद स्वीकार कर सकती हैं कौर : भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उपकप्तान हरमनप्रीत कौर पंजाब पुलिस में डीएसपी बनने का प्रस्ताव स्वीकार कर सकती हैं। बुधवार को मुंबई में दैनिक जागरण से बात करते हुए हरमनप्रीत ने कहा, ‘तीन साल की पश्चिम रेलवे की नौकरी के दौरान उन्हें विभाग से काफी प्रोत्साहन एवं समर्थन मिला, लेकिन पंजाब में नौकरी करने का अवसर मिले तो वह अपने घर या उसके नजदीक रह सकेंगी। फिर भी इस संबंध में अंतिम निर्णय वह घर पहुंचकर माता-पिता से बातचीत के बाद ही करेंगी।’ हरमनप्रीत ने विश्व कप के सेमीफाइनल में शानदार शतकीय पारी खेलकर टीम के फाइनल में जाने का रास्ता बनाया था। इसके बाद ही पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने उन्हें पंजाब पुलिस में डीएसपी की नौकरी देने का प्रस्ताव दिया है। हरमनप्रीत फिलहाल पश्चिम रेलवे की कर्मचारी हैं।

अगर राष्ट्रपति ट्रंप आदेश देते हैं तो वो चीन पर अगले हफ्ते परमाणु बम गिरा सकते हैं।

भारत और चीन के बीच सिक्किम में डोकलाम को लेकर जारी विवाद के बीच अमेरिकी कमांडर का बड़ा बयान आया है। उन्होंने कहा है कि अगर राष्ट्रपति ट्रंप आदेश देते हैं तो वो चीन पर अगले हफ्ते परमाणु बम गिरा सकते हैं। यूएस पैसिफिक फ्लीट के कमांडर एडमिरल स्कॉट स्विफ्ट ने कहा कि अगर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उन्हें आदेश देते हैं तो वह चीन पर अगले सप्ताह ही परमाणु हमला कर सकते हैं।
ऑस्ट्रेलियाई तट पर अमेरिका-ऑस्ट्रेलियाई सेना के प्रमुख युद्धाभ्यास के बाद ऑस्ट्रेलियाई नेशनल यूनिवर्सिटी सुरक्षा सम्मेलन में एक कॉन्फ्रेंस के दौरान कमांडर ने यह बात कही। यहां दर्शकों में मौजूद एक शख्स ने जब स्विफ्ट से यह पूछा कि अगर ट्रंप आपको चीन पर परमाणु हमला करने का आदेश देते हैं तो आप क्या करेंगे? इस पर कमांडर ने हां में जवाब दिया।
स्विफ्ट ने कहा, ‘अमेरिकी सेना के हर सदस्य को देश के संविधान के सभी घरेलू और विदेशी दुश्मनों से रक्षा करने की शपथ दिलाई जाती है और अधिकारियों व राष्ट्रपति के आदेश पालन करने को कहा जाता है। यह अमेरिकी संविधान का मूल है।’
रूस, ईरान, उत्तर कोरिया पर प्रतिबंध के पक्ष में ट्रंप अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और उनका प्रशासन रूस, ईरान और उत्तर कोरिया के खिलाफ और कड़े प्रतिबंध लगाने का समर्थन करता है। व्हाइट हाउस प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने प्रतिनिधि सभा में इसके पक्ष में हुए मतदान के बाद यह बयान दिया। सभा ने मंगलवार को तीन के मुकाबले 419 मतों के प्रचंड बहुमत से इन तीनों देशों के खिलाफ और कड़े प्रतिबंध लगाने का समर्थन करने वाला विधेयक पारित कर दिया था।
ट्रंप ने दूसरी तिमाही का अपना वेतन शिक्षा विभाग को दान कर दिया ताकि अमेरिकी छात्रों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा मुहैया कराने में मदद मिल सके। प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने यह जानकारी दी। उन्होंने शिक्षा सचिव बेटसी देवोस को एक लाख डॉलर का चेक प्रदान किया। ट्रंप ने पहली तिमाही का वेतन भी दान कर दिया था।
उन्होंने चुनाव प्रचार में कहा था कि अगर वह जीतते हैं तो वह अपना वेतन नहीं लेंगे लेकिन अमेरिकी कानून के तहत राष्ट्रपति के लिए वेतन लेना अनिवार्य है इसलिए उन्होंने अपना वेतन दान करने का निर्णय लिया है। इस बीच, ट्रंप ने घोषणा में बताया कि ताईवान की कंपनी फॉक्सकॉन विस्कॉन्सिन में एक प्लांट स्थापित करेगी। 10 अरब डॉलर की निवेश से बनाए जाने वाले इस प्लांट से अमेरिकियों के लिए तीन हजार रोजगारों का सृजन होगा।
नौ साल के बच्चे के मित्र बने ट्रंप व्हाइट हाउस में ट्रंप को मिलने वाले पत्र या ईमेल को पढ़कर सुनाने की प्रथा शुरू हुई है। यहां की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने ट्रंप को नौ वर्षीय डायलन हार्बिन द्वारा लिखा पत्र पढ़कर सुनाया। इस बच्चे ने ट्रंप को लिखा है, ‘ट्रंप, मैं आपको इतना पसंद करता हूं कि मेरी बर्थडे थीम भी आप पर आधारित थी। मेरे केक का आकार आपकी हैट की तरह था। आप बहुत अच्छे हैं। क्या हम दोस्त बन सकते हैं? प्रेस सचिव ने पढ़ते हुए बताया कि डायलन ने राष्ट्रपति से पूछा कि उनके पास कितना धन है। जवाब में उन्होंने कहा, ‘डायलन, मुझे नहीं पता लेकिन निश्चित तौर पर ढेर सारा धन है।’ उन्होंने पत्र के लिए डायलन को धन्यवाद दिया और कहा कि वॉशिंगटन आने पर वह व्हाइट हाउस जरूर घूमने आएं।

भीड़ द्वारा की जा रही हिंसा किसी भी तरह से स्वीकार्य नहीं – मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे

भीड़ द्वारा हिंसा को लेकर संसद से लेकर देशभर में चल रही बहस के बीच राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा है कि भीड़ द्वारा की जा रही हिंसा किसी भी तरह से स्वीकार्य नहीं है। एक अंग्रेजी समाचार पत्र में लिखे अपने आलेख में राजे ने कहा है कि किसी राजनीतिक दल पर भीड़ की हिंसा को प्रश्रय देने का आरोप लगाना पूरी तरह गलत है।
गौरतलब है कि राजस्थान में गौरक्षा व अन्य मामलों को लेकर भीड़ द्वारा हिंसा के कई मामले पिछले दिनों सामने आए है। इनमें अलवर के पहलू खान, प्रतापगढ़ में जफर खान की मौत जैसे मामले देश भर में चर्चित रहे है। इन मामलों को राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे हालांकि पहले भी गलत बता चुकी है, लेकिन इस लेख के जरिए उन्होंने इन मामलों पर पहली बार पार्टी और सरकार की स्थिति विस्तार से स्पष्ट की है।
इस लेख में उन्होंने कहा है कि घटना होने और उसके पीछे के कारणों को लेकर हर व्यक्ति का दृष्टिकोण अलग होता है। राजे ने लिखा है कि पिछले 18 माह से विपक्ष द्वारा यह प्रचारित किया जा रहा है कि भीड़ द्वारा की जा रही हिंसा को भाजपा का राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। जबकि हकीकत यह है कि कोई भी राजनीतिक दल धर्म, जाति या खाने की आदतों को लेकर होने वाली किसी भी तरह का हिंसा का समर्थन नहीं कर सकता। ऐसा आरोप ईमानदारी से परे और पूर्वाग्रह से ग्रसित है।
राजे ने स्वीकार किया है कि राजस्थान में इस तरह की घटनाओं को लेकर मुझे भी निशाना बनाया जा रहा है, लेकिन इन मामलों में जो कुछ सरकार ने अब तक किया है, उससे ऐसे आरोप पूरी तरह गलत साबित होते है।
राजे ने लिखा है कि आरोप लगाने से दोष सिद्ध नहीं हो जाता। आरोप और दोष दो अलग- अलग बातें है। राजे ने प्रतापगढ़ में खुले में शौच को लेकर हुए विवाद में जफर खान की मौत पर दुख प्रकट करते हुए कहा कि इस मामले को लेकर अलग-अलग बातें सामने आ रही है।
मामले की जांच चल रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी। इसी तरह पहलू खान के मामले में भी दोषियों को पकड़ा गया है और कोर्ट में चालान पेश किए गए है। राजे ने कहा कि इन मामलों में पेश की जा रही कहानियां आंकड़ों से बिल्कुल विपरीत है।
राजे ने अपने लेख में लिखा है कि भाजपा के हर कार्यकर्ता को असहिष्णु बताना उचित नहीं है। ऐसी घटनाओ के पीछे कई तरह के कारण होते है। सरकार पर ऐसी घटनाओं के प्रति आंखे मूंदने का आरोप पूरी तरह गलत है। राजे ने लिखा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कई बार भीड द्वारा की जा रही हिंसा को गैर कानूनी बता चुके है और हम सभी इस तरह की घटनाओं का समर्थन नहीं कर सकते। संविधान के लिए सबसे उपर है। हम चाहते है कि ऐसी धटनाएं न हो और हम इसके लिए प्रयास करते रहेंगे।

तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में जलस्तर बनाए रखने का प्रयास

तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में सावन माह में नर्मदा नदी सूखी है। यह स्थिति तब है जब मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की थी कि अब नर्मदा की जलधारा नहीं रुकेगी। अफसरों का दावा है कि स्नान लायक पानी उपलब्ध है लेकिन हकीकत में इससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं को स्नान में बेहद परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
नर्मदा सूखने की स्थिति 520 मेगावाट के ओंकारेश्वर बांध की वजह से बनती है। बांध प्रबंधन द्वारा बिजली उत्पादन किए जाने के समय नर्मदा में पानी बहता है लेकिन बिजली उत्पादन बंद होते ही पानी की धार रुक जाती है। यह स्थिति विगत कई सालों से बनती आ रही है। जनप्रतिनिधि, स्थानीय लोगों के तमाम विरोध के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ।
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने फरवरी में नर्मदा यात्रा के दौरान मंच से घोषणा की थी कि अब नर्मदा की जलधारा अविरल बहती रहेगी। मुख्यमंत्री के इस आदेश का भी पालन नहीं हुआ और नर्मदा पूरे सावन माह में सूखी पड़ी है। इससे देशभर से यहां नर्मदा स्नान और ज्योतिर्लिंग दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सावन के प्रत्येक सोमवार को भगवान ओंकारेश्वर-ममलेश्वर की सवारी निकलती है और नौका विहार भी कराया जाता है। नर्मदा सूखने की वजह से भगवान का नौका विहार भी पूरा नहीं हो रहा है। इससे धार्मिक मान्यताओं को भी ठेस पहुंच रही है। नर्मदा का जलस्तर कम-ज्यादा होते रहने से दुर्घटना का भी अंदेशा बना रहता है। चट्टानों के बीच स्नान के दौरान कई श्रद्धालु घायल हुए हैं। खास बात यह है कि बांध के ठीक पीछे नर्मदा का जलस्तर 190 मीटर से अधिक है। इसके बावजूद तीर्थनगरी में नर्मदा सूखी है।
ओंकारेश्वर में नर्मदा नदी का जलस्तर बनाए रखने का प्रयास करते हैं। कितनी भी टरबाइन चले पानी बना रहे, इसकी कोशिश रहती है। सावन सोमवार को जरूरत पड़ने पर पानी छुड़वा लिया जाता है।