सिंधु बनीं डिप्टी कलेक्टर

रियो ओलिंपिक की रजत पदक विजेता पीवी सिंधु को शुक्रवार को आंध्रप्रदेश सरकार ने डिप्टी कलेक्टर नियुक्त किया। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने सचिवालय में सिंधु को इस ग्रुप-1 अधिकारी की नियुक्ति का पत्र सौंपा।

सिंधु ने अपनी इस नियुक्ति पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उनकी प्राथमिकता बैडमिंटन बना रहेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री नायडू का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि उनका ध्यान खेल पर केंद्रित रहेगा।

सिंधु ने पिछले वर्ष रियो ओलिंपिक में बैडमिंटन में रजत पदक जीता था। उस वक्त आंध्रप्रदेश सरकार ने उन्हें 3 करोड़ रुपए, घर के निर्माण के लिए 1000 स्क्वेयर यार्ड का प्लॉट और ग्रेड-1 अधिकारी की नौकरी का वादा किया था। राज्य सरकार ने इस वर्ष बजट सत्र में अपने संविधान में संशोधन कर नियुक्ति के नियमों को बदला ताकि सिंध की सीधे ग्रेड-1 अधिकारी के तौर पर नियुक्ति की जा सके।

विशेष मुख्य सचिव (राजस्व) मनमोहन सिंह ने कहा कि विभाग ने सिंधु को नियुक्ति पत्र इस शर्त पर सौंपा है कि वे 30 दिनों के अंदर पद ग्रहण कर लेंगी। उनका तीन साल का प्रोबेशन ‍पीरियड रहेगा।

स्मार्टफोन खरीदने का सही समय नहीं है अभी

साल 2017 में कई स्मार्टफोन कंपनियों ने बाजार में अपने स्मार्टफोन पेश किए है। इनमें शाओमी, सोनी, एलजी और सैमसंग जैसे कई कंपनियों के फ्लैगशिप हैंडसेट शामिल है। अगर स्मार्टफोन लॉन्चिंग की बात की जाए तो इस महीने अब भी कई हैंडसेट लॉन्च होने बाकी हैं।

बजट डिवाइस से लेकर फ्लैगशिप स्मार्टफोन्स तक कई फोन्स इस साल मार्किट में दस्तक देने की तैयारी में हैं। आज हम आपको ऐसे स्मार्टफोन्स के बारे में बताने जा रहे हैं जो आने वाले महीनों में लॉन्च होने वाले हैं।

सैमसंग गैलेक्सी नोट 8 –

खबरों के मुताबिक, 23 अगस्त को सैमसंग अपने आने वाले फ्लैगशिप फोन गैलेक्सी नोट 8 को पेश करने वाला है। कई लीक के अनुसार, गैलेक्सी नोट 8 स्मार्टफोन लॉन्च हो चुके गैलेक्सी एस 8 के जैसा ही होगा जिसमें ड्यूल लेंस कैमरा, बड़ी स्क्रीन और सुंदर डिजाइन को शामिल किया जाएगा।

ऐपल आईफोन –

अब बात करते हैं ऐपल की। उम्मीद की जा रही हैं कि ऐपल सितंबर में अपने तीन नए आईफोन की घोषणा कर सकता है। इनमें से दो मॉडल आईफोन 7 और आईफोन 7 प्लस के अपडेट वर्जन आईफोन 7S और 7S प्लस होंगे। लेकिन सबकी नजर आईफोन के 10th एनिवर्सरी एडीशन पर टिकी हुई है, जिसे ज्यादातर लोग आईफोन 8 नाम से बुला रहे है।

ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि आईफोन 8 में OLED स्क्रीन के साथ कम से कम बेजल्स दी होगी। इसके साथ ही वायरलेस चार्जिंग, खास फ्रंट कैमरा दिया होगा जो कि चेहरे की पहचान के साथ फोन को अनलॉक कर सकता है। इसके साथ ही यह फोन मेटल और ग्लास बॉडी से बना होगा।

गूगल पिक्सल –

आखिर में हम बात कर रहे हैं गूगल के स्मार्टफोन की। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि गूगल अपनी पिक्सल स्मार्टफोन के अगले सीरिज की घोषणा कर सकता है। गूगल द्वारा डिजाइन किया गया पहला स्मार्टफोन पिक्सल था। जिसे यूजर्स की ओर से खूब पसंद किया गया। पिक्सल 2 से भी ऐसी उम्मीद की जा रही है। एक नए लीक के अनुसार, फोन में 6 इंच की स्क्रीन, एक बेहतर कैमरा और फोन में सबसे तेज प्रोसेसर उपलब्ध होगा।

कश्मीर में तिरंगा थामने वाला कोई नहीं होगा : महबूबा

जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने चेतावनी दी है कि यदि राज्य के लोगों के विशेषाधिकारों से छेड़छाड़ की गई तो वहां तिरंगा थामने वाला कोई नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि एक ओर हम संविधान के दायरे में कश्मीर समस्या हल करने की बात करते हैं और दूसरी ओर कोड़े मारते हैं।

संविधान के अनुच्छेद 35(ए) को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दिए जाने पर भड़कते हुए महबूबा ने ये बातें कहीं। उन्होंने साफ कहा कि नेशनल कांफ्रेंस की तरह मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टियों और उनकी पार्टी पीडीपी अपने कार्यकर्ताओं के लिए खतरा मोल लेंगे जो कश्मीर में राष्ट्र ध्वज की रक्षा कर रहे हैं। इस धारा में किसी तरह के हेरफेर को मंजूरी नहीं दी जाएगी।

उन्होंने कहा-“यदि इसमें बदलाव होता है तो मुझे यह कहते हुए झिझक नहीं होगी कि कश्मीर में गिरे हुए तिरंगे को भी कोई नहीं उठाएगा।”

“इंडिया इज इंदिरा, मोदी इज ए मैन ऑफ मोमेंट”

महबूबा ने पीएम मोदी की तारीफ की, लेकिन कहा-“मेरे लिए “इंडिया इज इंदिरा” और “मोदी मैन ऑफ मोमेंट” हैं। जब मैं पढ़ रही थी तब इंदिरा गांधी ही मेरे लिए भारत थीं। हो सकता है कुछ लोगों को मेरी यह बात अच्छी न लगे, लेकिन इंदिरा भारत थीं।” संघ परिवार द्वारा नेहरू-गांधी परिवार की नापसंदगी के विपरीत उन्होंने यह बात कही। मोदी को मौजूदा दौर के नेता बताते हुए कहा कि वह इतिहास पुरुष बन सकते हैं, उनका नेतृत्व देश के लिए मूल्यवान है। उसे बढ़ावा देने की जरूरत है। उनके साथ मिलकर कश्मीर को दलदल से निकालने का रास्ता खोजा जाना चाहिए।

जोखिम के बाद भी हम थामते हैं तिरंगा

दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में महबूबा ने नाराजी भरे अंदाज में कहा, “अनुच्छेद 35 ए को चुनौती देने का काम कौन कर रहा है ये सब? क्यों कर रहे हैं? मेरी पार्टी व अन्य दल सारी जोखिम उठाकर जम्मू-कश्मीर में राष्ट्र ध्वज थामते हैं। इन अधिकारों को चुनौती देकर आप भारतीयों व भारत पर भरोसा करने वाले तथा चुनाव में भाग लेने वालों को कमजोर कर रहे हैं, जो सम्मान की जिंदगी जीना चाहते हैं। कश्मीर भारत का एक सिद्धांत है और सवाल यह है कि भारत कश्मीर के सिद्धांत को कितना स्वीकार करने को तैयार है। यही समस्या का मूलभूत सवाल है।”

विभाजन के वक्त भी दो राष्ट्र का सिद्धांत न माना

महबूबा ने आगे कहा कि देश के विभाजन के वक्त भी कश्मीर ने मुस्लिम बहुल होने के बाद भी धार्मिक आधार पर विभाजन के दो राष्ट्र के सिद्धांत को नहीं माना और भारत के साथ रहने का फैसला किया। भारत के संविधान में जम्मू-कश्मीर को लेकर विशेष प्रावधान हैं। दुर्भाग्य से समय बीतने के साथ कुछ ऐसा हुआ कि दोनों पक्ष बेईमानी करने लगे।

केंद्र और राज्य की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र और लालची हो गया और राज्य को 70 साल तक पीड़ा भोगना पड़ी। समस्या के हल की बजाए प्रशासकीय कदम उठाएमुख्यमंत्री ने कहा कि समस्या का हल करने की बजाए हमने प्रशासकीय कदम जैसे-सरकारों की बर्खास्तगी, साजिश व देशद्रोह के आरोप लगाने जैसे कदम उठाए। अलगाववादी हिंसा से निपटने के लिए सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ाई गई। इन कदमों से कश्मीर के सिद्धांत को सुलझाने में मदद नहीं मिली।

एनजीओ ने दायर की याचिका

“वी द सिटिजंस” नामक एनजीओ ने 2014 में एक रिट याचिका दायर की है। इसमें संविधान के अनुच्छेद 35ए और अनुच्छेद 370 को यह कहते हुए चुनौती दी है कि इन प्रावधानों के चलते जम्मू-कश्मीर सरकार राज्य के कई लोगों को उनके मौलिक अधिकारों तक से वंचित कर रही है। सर्वोच्च न्यायालय ने इस याचिका पर सुनवाई के लिए तीन जजों की एक पीठ गठित करने की बात कही है जो छह हफ्तों के बाद इस पर सुनवाई शुरू करेगी।

मुश्किलों के दौर से गुजर रही कांग्रेस गुजरात में

बिहार के बाद अब कांग्रेस गुजरात में भी मुश्किलों के दौर से गुजर रही है। जहां एक तरफ गुरुवार को तीन कांग्रेस विधायकों ने पार्टी का दामन छोड़ दिया है वहीं शुक्रवार को भी तीन विधायकों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद अब कांग्रेस के राज्यसभा उम्मीदवार अहमद पटेल की मुश्किलें बढ़ गईं हैं।

माना जा रहा है कि अभी और विधायक पार्अटी छोड़ सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार अहमद पटेल के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं। बता दें कि इससे पहले विधानसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक बलवंत सिंह राजपूत समेत दो अन्य विधायक तेजश्री पटेल और पी आई पटेल ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।

वरिष्ठ नेता बलवंत सिंह शंकरसिंह वाघेला के समधी हैं। पटेल ने यह भी कहा कि कांग्रेस में कुछ लोगों के हाथ में नेतागिरी है, अहमद पटेल लंबे समय से गुजरात से राज्यसभा के लिए चुने जा रहे हैं इस बार किसी दूसरे वरिष्ठ नेता को मौका मिलने के उम्मीद थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ जिससे कांग्रेस नेताओं में नाराजगी बढ़ रही है।

हजारों किसानों के करोड़ो रुपए अटक गए

समर्थन मूल्य पर प्याज बेचने वाले हजारों किसानों के 80 करोड़ रुपए अटक गए हैं। राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) ने खरीदी बंद होने के बाद बिना जांच रिपोर्ट के भुगतान पर रोक लगा दी है। जांच का काम कलेक्टरों को सौंपा गया है। वे भंडारण, नष्ट करने वाली प्याज सहित अन्य बिन्दुओं पर जब रिपोर्ट देंगे, उसके बाद ही भुगतान होगा। वहीं, सरकार ने धार, उज्जैन, दमोह, छतरपुर और शहडोल में ज्यादा प्याज खराब होने की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। खराब प्याज को नष्ट करने का अधिकार पांच अधिकारियों की कमेटी को दिया गया है।

सूत्रों के मुताबिक प्याज खरीदी के बाद भंडारण, परिवहन और सड़ी प्याज को नष्ट किए जाने को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। सड़ी प्याज को नष्ट करने की लगातार बढ़ रही मांग को देखते हुए सरकार ने तय किया है कि पहले खरीदी, भंडार, परिवहन, बिक्री आदि रिकॉर्ड की जांच की जाएगी।

जांच के आधार पर जो रिपोर्ट आएगी, उसके हिसाब से आगे कदम उठाए जाएंगे। मार्कफेड के अधिकारियों का कहना है कि सात लाख टन से ज्यादा प्याज का भुगतान किसानों को किया जा चुका है। एक लाख टन से ज्यादा प्याज का भुगतान किसानों को होना है पर ये अब जांच के बाद जिलों की रिपोर्ट के आधार पर होगा।

दरअसल, नागदा में खरीदी बंद होने के आठ दिन बाद एंट्री पाई गई है। प्रारंभिक रिपोर्ट में अधिकारियों ने बताया कि ज्यादा प्याज होने की वजह से चार-पांच अतिरिक्त खरीदी केंद्र खोले गए थे, इसलिए आंकड़े इकठ्ठे होने में समय लगा। इसके बाद ही सरकार ने पूरी पड़ताल के भुगतान करने का निर्णय लिया।

जल्द जारी होगी राशि

मार्कफेड के प्रबंध संचालक ज्ञानेश्वर पाटिल ने बताया कि जहां से भी जांच की रिपोर्ट मिल रही है, वहां भुगतान के लिए राशि दी जा रही है। 7 लाख टन से ज्यादा प्याज का भुगतान किसानों को किया जा चुका है। बाकी राशि भी जल्द ही किसानों के खातों में जमा करा दी जाएगी।

उधर, खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग ने जहां प्याज ज्यादा खराब हुई है, वहां जांच करने के निर्देश दिए हैं। जांच में प्याज खराब होने के कारण, खरीदी की मात्रा सहित अन्य बातों को देखा जाएगा। इसके साथ ही मार्कफेड के प्रस्ताव पर जिलों को खराब प्याज नष्ट करने के अधिकार दे दिए हैं। इसके लिए पांच सदस्यीय कमेटी बनेगी। इसमें डिप्टी कलेक्टर स्तर का अधिकारी अध्यक्ष होगा। साथ ही नागरिक आपूर्ति निगम, मार्कफेड, उद्यानिकी और मंडी बोर्ड के अधिकारी रहेंगे। प्याज नष्ट करने की पूरी वीडियोग्राफी भी करवानी होगी।

कई लोगों ने हरमनप्रीत की तुलना महान बल्लेबाज कपिल देव से की

हरमनप्रीत में आक्रामकता पहले से ही है और उन्होंने छक्के जड़ने की अपनी क्षमता का श्रेय अपने करियर के शुरुआती दिनों में लड़कों के साथ खेलने को दिया।
हरमनप्रीत ने कहा, ‘मुझे बचपन से ही इस तरह बल्लेबाजी करना पसंद है। मैंने इस तरह खेलना सीखा है और लड़कों के साथ क्रिकेट खेला है जो छक्के मारा करते थे और मुझे भी छक्के जड़ना पसंद है। फाइनल में हमें रनों की जरूरत थी और मैं रन बनाने की कोशिश कर रही थी, मैंने यह सोचकर शॉट खेला कि यह सुरक्षित होगा, लेकिन वो क्षेत्ररक्षक के हाथों में चला गया। मैं काफी निराश थी।’
हरमनप्रीत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ महिला विश्व कप सेमीफाइनल में 171 रन की पारी खेली और कई लोगों ने उनकी तुलना महान बल्लेबाज कपिल देव से की। इस स्टार बल्लेबाज ने कहा, ‘मैंने घरेलू क्रिकेट में इस तरह की आक्रामक पारियां खेली हैं। मुझे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मौका मिला, लेकिन मैंने कभी बड़ा स्कोर नहीं बनाया। इस मैच का प्रसारण हुआ और लोगों ने इसे देखा, हमारे अंदर उस मैच को जीतने की भूख थी और मैं खुश थी कि मैंने उस समय वह पारी खेली जब टीम को जरूरत थी और टीम जीती।’
डीएसपी पद स्वीकार कर सकती हैं कौर : भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उपकप्तान हरमनप्रीत कौर पंजाब पुलिस में डीएसपी बनने का प्रस्ताव स्वीकार कर सकती हैं। बुधवार को मुंबई में दैनिक जागरण से बात करते हुए हरमनप्रीत ने कहा, ‘तीन साल की पश्चिम रेलवे की नौकरी के दौरान उन्हें विभाग से काफी प्रोत्साहन एवं समर्थन मिला, लेकिन पंजाब में नौकरी करने का अवसर मिले तो वह अपने घर या उसके नजदीक रह सकेंगी। फिर भी इस संबंध में अंतिम निर्णय वह घर पहुंचकर माता-पिता से बातचीत के बाद ही करेंगी।’ हरमनप्रीत ने विश्व कप के सेमीफाइनल में शानदार शतकीय पारी खेलकर टीम के फाइनल में जाने का रास्ता बनाया था। इसके बाद ही पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने उन्हें पंजाब पुलिस में डीएसपी की नौकरी देने का प्रस्ताव दिया है। हरमनप्रीत फिलहाल पश्चिम रेलवे की कर्मचारी हैं।

अगर राष्ट्रपति ट्रंप आदेश देते हैं तो वो चीन पर अगले हफ्ते परमाणु बम गिरा सकते हैं।

भारत और चीन के बीच सिक्किम में डोकलाम को लेकर जारी विवाद के बीच अमेरिकी कमांडर का बड़ा बयान आया है। उन्होंने कहा है कि अगर राष्ट्रपति ट्रंप आदेश देते हैं तो वो चीन पर अगले हफ्ते परमाणु बम गिरा सकते हैं। यूएस पैसिफिक फ्लीट के कमांडर एडमिरल स्कॉट स्विफ्ट ने कहा कि अगर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उन्हें आदेश देते हैं तो वह चीन पर अगले सप्ताह ही परमाणु हमला कर सकते हैं।
ऑस्ट्रेलियाई तट पर अमेरिका-ऑस्ट्रेलियाई सेना के प्रमुख युद्धाभ्यास के बाद ऑस्ट्रेलियाई नेशनल यूनिवर्सिटी सुरक्षा सम्मेलन में एक कॉन्फ्रेंस के दौरान कमांडर ने यह बात कही। यहां दर्शकों में मौजूद एक शख्स ने जब स्विफ्ट से यह पूछा कि अगर ट्रंप आपको चीन पर परमाणु हमला करने का आदेश देते हैं तो आप क्या करेंगे? इस पर कमांडर ने हां में जवाब दिया।
स्विफ्ट ने कहा, ‘अमेरिकी सेना के हर सदस्य को देश के संविधान के सभी घरेलू और विदेशी दुश्मनों से रक्षा करने की शपथ दिलाई जाती है और अधिकारियों व राष्ट्रपति के आदेश पालन करने को कहा जाता है। यह अमेरिकी संविधान का मूल है।’
रूस, ईरान, उत्तर कोरिया पर प्रतिबंध के पक्ष में ट्रंप अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और उनका प्रशासन रूस, ईरान और उत्तर कोरिया के खिलाफ और कड़े प्रतिबंध लगाने का समर्थन करता है। व्हाइट हाउस प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने प्रतिनिधि सभा में इसके पक्ष में हुए मतदान के बाद यह बयान दिया। सभा ने मंगलवार को तीन के मुकाबले 419 मतों के प्रचंड बहुमत से इन तीनों देशों के खिलाफ और कड़े प्रतिबंध लगाने का समर्थन करने वाला विधेयक पारित कर दिया था।
ट्रंप ने दूसरी तिमाही का अपना वेतन शिक्षा विभाग को दान कर दिया ताकि अमेरिकी छात्रों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा मुहैया कराने में मदद मिल सके। प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने यह जानकारी दी। उन्होंने शिक्षा सचिव बेटसी देवोस को एक लाख डॉलर का चेक प्रदान किया। ट्रंप ने पहली तिमाही का वेतन भी दान कर दिया था।
उन्होंने चुनाव प्रचार में कहा था कि अगर वह जीतते हैं तो वह अपना वेतन नहीं लेंगे लेकिन अमेरिकी कानून के तहत राष्ट्रपति के लिए वेतन लेना अनिवार्य है इसलिए उन्होंने अपना वेतन दान करने का निर्णय लिया है। इस बीच, ट्रंप ने घोषणा में बताया कि ताईवान की कंपनी फॉक्सकॉन विस्कॉन्सिन में एक प्लांट स्थापित करेगी। 10 अरब डॉलर की निवेश से बनाए जाने वाले इस प्लांट से अमेरिकियों के लिए तीन हजार रोजगारों का सृजन होगा।
नौ साल के बच्चे के मित्र बने ट्रंप व्हाइट हाउस में ट्रंप को मिलने वाले पत्र या ईमेल को पढ़कर सुनाने की प्रथा शुरू हुई है। यहां की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने ट्रंप को नौ वर्षीय डायलन हार्बिन द्वारा लिखा पत्र पढ़कर सुनाया। इस बच्चे ने ट्रंप को लिखा है, ‘ट्रंप, मैं आपको इतना पसंद करता हूं कि मेरी बर्थडे थीम भी आप पर आधारित थी। मेरे केक का आकार आपकी हैट की तरह था। आप बहुत अच्छे हैं। क्या हम दोस्त बन सकते हैं? प्रेस सचिव ने पढ़ते हुए बताया कि डायलन ने राष्ट्रपति से पूछा कि उनके पास कितना धन है। जवाब में उन्होंने कहा, ‘डायलन, मुझे नहीं पता लेकिन निश्चित तौर पर ढेर सारा धन है।’ उन्होंने पत्र के लिए डायलन को धन्यवाद दिया और कहा कि वॉशिंगटन आने पर वह व्हाइट हाउस जरूर घूमने आएं।

भीड़ द्वारा की जा रही हिंसा किसी भी तरह से स्वीकार्य नहीं – मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे

भीड़ द्वारा हिंसा को लेकर संसद से लेकर देशभर में चल रही बहस के बीच राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा है कि भीड़ द्वारा की जा रही हिंसा किसी भी तरह से स्वीकार्य नहीं है। एक अंग्रेजी समाचार पत्र में लिखे अपने आलेख में राजे ने कहा है कि किसी राजनीतिक दल पर भीड़ की हिंसा को प्रश्रय देने का आरोप लगाना पूरी तरह गलत है।
गौरतलब है कि राजस्थान में गौरक्षा व अन्य मामलों को लेकर भीड़ द्वारा हिंसा के कई मामले पिछले दिनों सामने आए है। इनमें अलवर के पहलू खान, प्रतापगढ़ में जफर खान की मौत जैसे मामले देश भर में चर्चित रहे है। इन मामलों को राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे हालांकि पहले भी गलत बता चुकी है, लेकिन इस लेख के जरिए उन्होंने इन मामलों पर पहली बार पार्टी और सरकार की स्थिति विस्तार से स्पष्ट की है।
इस लेख में उन्होंने कहा है कि घटना होने और उसके पीछे के कारणों को लेकर हर व्यक्ति का दृष्टिकोण अलग होता है। राजे ने लिखा है कि पिछले 18 माह से विपक्ष द्वारा यह प्रचारित किया जा रहा है कि भीड़ द्वारा की जा रही हिंसा को भाजपा का राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। जबकि हकीकत यह है कि कोई भी राजनीतिक दल धर्म, जाति या खाने की आदतों को लेकर होने वाली किसी भी तरह का हिंसा का समर्थन नहीं कर सकता। ऐसा आरोप ईमानदारी से परे और पूर्वाग्रह से ग्रसित है।
राजे ने स्वीकार किया है कि राजस्थान में इस तरह की घटनाओं को लेकर मुझे भी निशाना बनाया जा रहा है, लेकिन इन मामलों में जो कुछ सरकार ने अब तक किया है, उससे ऐसे आरोप पूरी तरह गलत साबित होते है।
राजे ने लिखा है कि आरोप लगाने से दोष सिद्ध नहीं हो जाता। आरोप और दोष दो अलग- अलग बातें है। राजे ने प्रतापगढ़ में खुले में शौच को लेकर हुए विवाद में जफर खान की मौत पर दुख प्रकट करते हुए कहा कि इस मामले को लेकर अलग-अलग बातें सामने आ रही है।
मामले की जांच चल रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी। इसी तरह पहलू खान के मामले में भी दोषियों को पकड़ा गया है और कोर्ट में चालान पेश किए गए है। राजे ने कहा कि इन मामलों में पेश की जा रही कहानियां आंकड़ों से बिल्कुल विपरीत है।
राजे ने अपने लेख में लिखा है कि भाजपा के हर कार्यकर्ता को असहिष्णु बताना उचित नहीं है। ऐसी घटनाओ के पीछे कई तरह के कारण होते है। सरकार पर ऐसी घटनाओं के प्रति आंखे मूंदने का आरोप पूरी तरह गलत है। राजे ने लिखा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कई बार भीड द्वारा की जा रही हिंसा को गैर कानूनी बता चुके है और हम सभी इस तरह की घटनाओं का समर्थन नहीं कर सकते। संविधान के लिए सबसे उपर है। हम चाहते है कि ऐसी धटनाएं न हो और हम इसके लिए प्रयास करते रहेंगे।

तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में जलस्तर बनाए रखने का प्रयास

तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में सावन माह में नर्मदा नदी सूखी है। यह स्थिति तब है जब मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की थी कि अब नर्मदा की जलधारा नहीं रुकेगी। अफसरों का दावा है कि स्नान लायक पानी उपलब्ध है लेकिन हकीकत में इससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं को स्नान में बेहद परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
नर्मदा सूखने की स्थिति 520 मेगावाट के ओंकारेश्वर बांध की वजह से बनती है। बांध प्रबंधन द्वारा बिजली उत्पादन किए जाने के समय नर्मदा में पानी बहता है लेकिन बिजली उत्पादन बंद होते ही पानी की धार रुक जाती है। यह स्थिति विगत कई सालों से बनती आ रही है। जनप्रतिनिधि, स्थानीय लोगों के तमाम विरोध के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ।
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने फरवरी में नर्मदा यात्रा के दौरान मंच से घोषणा की थी कि अब नर्मदा की जलधारा अविरल बहती रहेगी। मुख्यमंत्री के इस आदेश का भी पालन नहीं हुआ और नर्मदा पूरे सावन माह में सूखी पड़ी है। इससे देशभर से यहां नर्मदा स्नान और ज्योतिर्लिंग दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सावन के प्रत्येक सोमवार को भगवान ओंकारेश्वर-ममलेश्वर की सवारी निकलती है और नौका विहार भी कराया जाता है। नर्मदा सूखने की वजह से भगवान का नौका विहार भी पूरा नहीं हो रहा है। इससे धार्मिक मान्यताओं को भी ठेस पहुंच रही है। नर्मदा का जलस्तर कम-ज्यादा होते रहने से दुर्घटना का भी अंदेशा बना रहता है। चट्टानों के बीच स्नान के दौरान कई श्रद्धालु घायल हुए हैं। खास बात यह है कि बांध के ठीक पीछे नर्मदा का जलस्तर 190 मीटर से अधिक है। इसके बावजूद तीर्थनगरी में नर्मदा सूखी है।
ओंकारेश्वर में नर्मदा नदी का जलस्तर बनाए रखने का प्रयास करते हैं। कितनी भी टरबाइन चले पानी बना रहे, इसकी कोशिश रहती है। सावन सोमवार को जरूरत पड़ने पर पानी छुड़वा लिया जाता है।

बीसीसीआई की आगामी स्पेशल जनरल बॉडी मीटिंग में भारतीय महिला क्रिकेट टीम को दिए जाने वाले पुरस्कार की राशि को बढ़ाए जाने की संभावना

बीसीसीआई की आगामी स्पेशल जनरल बॉडी मीटिंग में भारतीय महिला क्रिकेट टीम को दिए जाने वाले पुरस्कार की राशि को बढ़ाए जाने की संभावना है। यह कदम वर्तमान में महिला खिलाड़ियों को दिए गए पुरस्कार की कम राशि होने पर कई स्टेट यूनिट्स की ओर से नाराजगी जाहिर करने के बाद उठाया गया है।
महिला विश्व कप में भारत के शानदार प्रदर्शन के बाद प्रशासक समिति ने 15 सदस्यीय टीम की हर महिला खिलाड़ी को 50 लाख रुपए और सपोर्ट स्टाफ को 25 लाख रुपए का पुरस्कार देने का फैसला किया था। भारतीय महिला खिलाड़ियों ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बनाई थी और मेजबान इंग्लैंड को कड़ी टक्कर दी थी।
हालांकि, बड़े पैमाने पर लोगों का मानना है कि महिला खिलाड़ियों को दी जाने वाली राशि काफी कम है, जिन्होंने सभी बाधाओं को पार करते हुए देश को गर्व का मौका दिया। विभिन्न स्टेट यूनिट्स के सदस्यों को भी लगता है कि महिला खिलाड़ियों को दिए जाने वाले पुरस्कार की राशि में वृद्धि होनी चाहिए। बुधवार 26 जुलाई को आयोजित होने वाली विशेष जनरल बॉडी की मीटिंग में इसके बारे में एक सुझाव दिया जा सकता है।
वेस्ट जोन की स्टेट यूनिट के एक प्रतिनिधि ने अनौपचारिक रूप से कहा कि मैं यह प्रस्ताव दूंगा कि खिलाड़ियों को 60 लाख रुपए और सपोर्टिंग स्टाफ को 30 लाख रुपए नकद पुरस्कार दिया जाना चाहिए। वह स्पेशल जनरल बॉडी मीटिंग में भी उपस्थित रहेंगे। प्रतिनिधि ने कहा कि लड़कियों ने हमें गर्व महसूस करने का मौका दिया है और उन्हें पर्याप्त रूप से पुरस्कृत किया जाना चाहिए। मुझे लगता है कि यदि महिला खिलाड़ियों को अधिक भुगतान मिलता है, तो किसी को भी कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
बीसीसीआई के कार्यकारी अध्यक्ष सीके खन्ना का भी मानना है कि महिला खिलाड़ियों को मिलने वाली पुरस्कार राशि को बढ़ाने की जरूरत है। खन्ना ने कहा कि मैं इस मामले को उचित मंच पर उठाऊंगा। यह पहली बार नहीं होगा कि प्रारंभिक अधिकृत घोषणा के बाद पुरस्कार राशि में वृद्धि की जाए। हालांकि, वित्त से संबंधित सभी मामलों को पहले जनरल बॉडी पारित करती है।