भारत के अंडर-17 विश्व कप के मैच राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कराने पर सहमति

अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल नियामक संस्था फीफा ने भारत सरकार के आग्रह को ‘काफी गंभीरता’ से लेते हुए भारत के अंडर-17 विश्व कप के मैच मुंबई से हटाकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कराने पर सहमति दे दी है। अखिल भारतीय फुटबॉल संघ (एआईएफएफ) शुरू में चाहता था कि भारत के घरेलू मैचों की मेजबानी मुंबई करे, लेकिन बाद में उसने खेल मंत्रालय के दबाव के कारण फीफा से इन मैचों को दिल्ली में आयोजित करने को कहा क्योंकि उसे यही उचित लगा।
यह पूछने पर कि क्या उसने भारत के राउंड रॉबिन मैच मुंबई से दिल्ली कराने को अंतिम रूप दे दिया है, फीफा के टूर्नामेंट प्रमुख जैमी यार्जा ने कहा, ‘हम टूर्नामेंट के लिए सबसे फायदेमंद फैसलों पर काम कर रहे हैं। हम भारत सरकार के आग्रह को बेहद गंभीरता से ले रहे हैं क्योंकि फीफा अंडर-17 विश्व कप के आयोजन में वह हमारा मुख्य साझेदार है।’
बतौर मेजबान भारत को ग्रुप ‘ए’ में रखा जाएगा और वह ग्रुप की चार टीमों में नंबर एक (ए-1) टीम होगी। पहले ग्रुप ‘ए’ के मैचों की मेजबानी नवी मुंबई को करनी थी, लेकिन एआइएफएफ के आग्रह का मतलब है कि दिल्ली अब इन मैचों की मेजबानी कर सकती है, जबकि नवी मुंबई को ग्रुप ‘बी’ मैचों पर ही संतोष करना होगा। एक करीबी सूत्र ने कहा कि फीफा इन मैचों को दिल्ली स्थानांतरित करने के काफी करीब है।
यार्जा ने कहा, ‘एआइएफएफ और सरकार के साथ मिलकर यह विश्व कप भारत में फुटबॉल के भविष्य को बदल देगा। हम जल्द ही एक फैसले पर पहुंच जाएंगे जो सभी पक्षों को संतुष्ट कर देगा।’ भारत में यह फीफा का पहला टूर्नामेंट होगा, जो छह से 28 अक्टूबर तक देश के छह शहरों में आयोजित किया जाएगा।

इंसानों की उम्र की सीमा नहीं पता

इंसान कितने साल जिंदा रह सकते हैं? मनुष्य की अधिकतम उम्र क्या है? मॉन्ट्रियल के मैकगिल विश्वविद्यालय में बायोलॉजिस्ट्स इस सवाल का जवाब जानने के लिए अध्ययन कर रहे हैं। उनका कहना है कि इंसानों की उम्र की सीमा है, लेकिन कितनी यह वे पता नहीं कर सके हैं।
सिगफ्रेड हेकीमी ने कहा कि हमें नहीं पता कि उम्र की सही सीमा क्या हो सकती है। वास्तव में ट्रेंड लाइन को बढ़ाकर हम दिखा सकते हैं कि अधिकतम और औसत उम्र लगातार बढ़ती जा रही है। पिछले अध्ययन ने 1968 के बाद हर साल यूएस, यूके, फ्रांस और जापान के सबसे अधिक समय तक जीवित रहने वाले व्यक्तियों की उम्र को देखा गया।
शोधकर्ताओं ने यह निष्कर्ष निकाला कि अधिकतम मानव जीवनकाल करीब 115 वर्ष है। इस निष्कर्ष को बुधवार को नेचर जर्नल में प्रकाशित किया गया था।
हेकिमी ने कहा कि किसी ने यह नहीं दिखाया है कि मानव शरीर की कोई एक्सपायरी डेट है या उसके आंतरिक तंत्र थक सकते हैं। इस तरह की जैविक प्रक्रियाएं मौजूद हैं, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि ये जैविक प्रक्रियाएं एक घड़ी की तरह काम करती हैं। ऐसा नहीं कहा जा सकता है कि वे 115 साल की उम्र के बाद नहीं जीवित रहेंगे।
औसत जीवनशैली बढ़ रही है। साल 1920 में कनाडा में रहने वाले व्यक्ति औसत 60 साल तक जीने की उम्मीद कर सकता था। साल 1980 में पैदा हुए कनाडा के लोग 76 साल तक जीने की उम्मीद कर सकते हैं और आज जीवन प्रत्याशा बढ़कर औसतन 82 साल हो गई है।

खुल्ले की किल्लत को कम करने में लगी सरकार

नोटबंदी के बाद सरकार अब सरकार बाजार में खुल्ले की किल्लत को कम करने में लगी है। इसी कड़ी में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया जल्द ही 200 रुपए का नया नोट लेकर आने वाली है और इसके लिए नोट की छपाई भी शुरू हो चुकी है। साथ ही नोट के सिक्युरिटी फीचर्स की टेस्टिंग भी जारी है। अंग्रेजी अखबार की खबर के अनुसार रिजर्व बैंक ने अपनी कुछ यूनिट्स में नए नोट की छपाई शुरू कर दी है।
माना जा रहा है की रोजमर्रा के लेनदेन को आसान बनाने के उद्देश्य से इस नोट को बाजार में उतारा जाएगा। अखबार के दावा है कि मामले से जुड़े दो लोगों के अनुसार रिजर्व बैंक ने कुछ हफ्ते पहले ही इन नोटों की छपाई का आदेश दिया है। पहले इन नोटों को जुलाई में जारी करने की बात कही गई थी लेकिन अब संभव है कि इसमें कुछ देरी हो जाए।
हालांकि रिजर्व बैंक की तरफ से इसे लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है लेकिन अखबार को दिए एक बयान में स्टेट बैंक के ग्रुप चीफ इकॉनामिस्ट सौम्या कांति घोष के अनुसार 200 का नोट आने के बाद लेनदेन में आसानी हो जाएगी।
बता दें कि रिजर्व बैंक ने मार्च में हुई एक बैठक में 200 रुपए के नोटों को लागू करने का फैसला किया था। घोष के अनुसार 200 रुपए का नोट बाजार में आने के बाद छोटे नोटों की कमी पूरी करने में मदद मिलेगी।

दिल्ली विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र शुरू

दिल्ली विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र शुरू होते ही सदन में जमकर हंगामा हुआ। सदन में विचित्र स्थिति तब उत्‍पन्‍न हो गई जब दर्शक दीर्घा में बैठे कुछ लोगों ने सत्‍येंद्र जैन पर पर्चे फेंके। इससे सदन में हंगामा मच गया। इसके चलते 30 मिनट के लिए सदन की कार्यवाही रोक दी गई।
इनकी मांग थी कि सत्येंद्र जैन को मंत्री के पद से बर्खास्त किया जाए। सदन में आम आदमी पार्टी के दो विधायकों ने इन दोनों युवकों को सदन से बाहर फेंक दिया। बता दें कि दिल्ली सरकार ने 28 और 29 जून का दो दिन का विशेष सत्र बुलाया है।
इस दो दिन के सत्र के दौरान मंत्री सत्येंद्र जैन के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर विपक्ष के हंगामे की भी आशंका है। सत्र के पहले दिन बुधवार को भाजपा भ्रष्‍टाचार के मुद्दे पर दिल्ली सरकार को घेरेगी और विधानसभा के बाहर प्रदर्शन करेगी।
वहीं, सबसे ज्यादा नजर दिल्ली के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा पर रहेगी, जिन्होंने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घोटालों को सदन में खुलासा करने के लिए विस अध्यक्ष से इजाजत मांगी है।
माना जा रहा है कि दिल्ली में PWD और नगर निगम के नालों की सफाई को लेकर विधानसभा की पिटीशन कमेटी की रिपोर्ट बुधवार को सदन में पेश की जाएगी।
पिटीशन कमेटी का चेयरमैन विधायक सौरव भारद्वाज हैं। इसके अलावा दिल्ली में होने वाली नौ हजार गेस्ट टीचर्स की भर्ती पर दिल्ली के टीचर्स को वरीयता दी जाने पर चर्चा की होनी है। सत्र में नियम 280 के तहत विधायक अपनी समस्याएं सदन के सामने रखेंगे।
राजधानी में भूमिहीन परिवारों को दिए गए प्लॉट का मालिकाना हक देने की मांग पर चर्चा की जाएगी। पूर्व पीएम इंदिरा गांधी द्वारा 1970 के दशक के अंत के दौरान शुरू किए गए 20 सूत्रीय कार्यक्रम के तहत दिल्ली सहित देशभर में विधवाओं, सैनिकों एवं अन्य श्रेणियों के तहत आने वाले गरीबों को प्लॉट दिए गए थे।
दिल्ली विस के अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने बताया कि अन्य राज्यों में इस योजना के तहत दिए गए प्लॉटों का मालिकाना हक संबंधित परिवारों को दिया जा चुका है, लेकिन दिल्ली में ऐसा नहीं हो सका है। सदन की जो राय बनेगी, उससे एलजी को अवगत कराया जाएगा।
सदन में विस की याचिका समिति लोक निर्माण विभाग के कामों पर रिपोर्ट पेश करेगी। इसमें नालों की सफाई एवं जलभराव को लेकर अभी तक किए गए कामों का ब्योरा एवं समिति का अपना दृष्टिकोण होगा। रिपोर्ट के आधार पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय हो सकती है।
सत्र के दूसरे दिन गेस्ट शिक्षकों की नियुक्ति में दिल्ली के आवेदकों के लिए 85 फीसद सीट आरक्षित करने पर चर्चा होगी। इसमें शर्त है कि आवेदक ने 12वीं कक्षा दिल्ली के स्कूल से, स्नातक दिल्ली विवि या दिल्ली के ही अन्य किसी विवि से की हो।
दिल्ली सरकार द्वारा वित्तपोषित कॉलेजों में दिल्ली के छात्रों के लिए 85 फीसद सीटें आरक्षित करने पर चर्चा होगी। सत्र काफी हंगामेदार रह सकता है। इसके पीछे वजह यह बताई जा रही है कि हाल ही में उपराज्यपाल ने सतर्कता विभाग को एक मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ जांच शुरू करने के आदेश दिए हैं। संभव है कि इस मुद्दे पर विस में कोई प्रस्ताव पारित हो।

मप्र में पुलिस थाने आएंगे नए स्वरूप में कैफेटेरिया होगा अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए रेस्ट रूम

मप्र में पुलिस थाने अब नए स्वरूप आएंगे। इनमें कैफेटेरिया होगा, अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए रेस्ट रूम बनेगा, फिटनेस के लिए जिम और मनोरंजन के लिए टेलीविजन भी लगाए जाएंगे। ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (बीपीआरएंडडी) ने भविष्य में तैयार होने वाले स्मार्ट पुलिस थानों के मापदंड तय कर दिए हैं। ये बिल्कुल कॉर्पोरेट ऑफिस जैसी सुविधाओं से लैस होंगे।
इसका प्लान थानों में पदस्थ पुलिसकर्मियों की संख्या और आम लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसे राज्यों को भेज दिया गया है। भविष्य में जो भी नए थाने बनेंगे, अब वो इसी पैटर्न के हिसाब से रहेंगे। प्लान में ग्रामीण, शहरी ग्रामीण, शहर और मेट्रो सिटी के हिसाब अलग-अलग मॉडल दिए गए हैं। जो क्रमश: एक से तीन मंजिला तक के होंगे।
– ड्यूटी डॉक्टर के लिए अलग से कमरा होगा और दिव्यांगों की सुविधाओं का भी ध्यान रखा गया है।
– थानों के लॉकअप रूम टॉयलेट भी बनेंगे और निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाया जाएगा।
– टीआई के लेकर हेड कॉन्स्टेबल तक के लिए अलग कमरे और आरक्षकों के कॉमन रूम बनेंगे।
– कम्युनिटी पुलिस रूम भी होगा। जहां आम लोगों से बातचीत कर उनकी समस्या अलग से सुनी जाएगी।
– संदिग्ध व गवाह से पूछताछ के लिए अलग कमरा रहेगा।
– कॉन्फ्रेंस और ब्रीफिंग रूम होगा, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के साथ डिजिटल मैप की सुविधा भी होगी।
– एनआईए और सीबीआई की तरह पुलिस द्वारा जब्त सामग्री को मालखाने में इलेक्ट्रॉनिक्स तिजोरी रहेगी।
– विस्फोटक थाने के अंदर नहीं रखा जाएगा। हथियार रखे जाने का कमरा भी अलग होगा।
46 जिलों के 236 थाने बेहाल
स्थिति थानों की संख्या
जर्जर 137
कंडम 35
जीर्ण-शीर्ण 12
भवनविहीन 52
एरिया के हिसाब से ऐसा होगा प्लान
पुलिस स्टेशन प्रकार—–जमीन—–पुलिस बल—–बजट
मेट्रो सिटी—–3300 —–250—–7.30
बड़े शहर—–2800—–200—–6.74
छोटे शहर—–2075—–150—–4.56
ग्रामीण—–1300—–100—–4.02
(जमीन वर्गमीटर में, बजट करोड़ रुपए में)