किदांबी श्रीकांत ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए बैडमिंटन चैंपियनशिप में सेमीफाइनल का टिकट कटा लिया

इंडोनेशिया ओपन चैंपियन किदांबी श्रीकांत ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए शुक्रवार को ऑस्ट्रेलियन ओपन सुपर सीरीज बैडमिंटन चैंपियनशिप में सेमीफाइनल का टिकट कटा लिया। पीवी सिंधु और साइना नेहवाल का अभियान क्वार्टर फाइनल में ही थम गया।
अब टूर्नामेंट में श्रीकांत के रूप में एकमात्र भारतीय चुनौती बची है। ऑल इंडियन क्वार्टर फाइनल में श्रीकांत ने बी साई प्रणीत को 25-23, 21-17 से हराया। श्रीकांत ने यह मुकाबला 43 मिनट में जीता। यह दूसरा मौका था जब दोनों भारतीय किसी सुपर सीरीज में आमने-सामने थे। इससे पहले श्रीकांत और प्रणीत सिंगापुर ओपन के फाइनल में भिड़े थे, जहां श्रीकांत को हार मिली थी।
प्री-क्वार्टर फाइनल में दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी कोरिया के सोन वान हो को बाहर करने वाले श्रीकांत का सामना अब चौथी वरीय और ऑल इंग्लैंड के उपविजेता चीनी खिलाड़ी युकी शी से होगी।
दुनिया के चौथे नंबर की खिलाड़ी सिंधु को नंबर एक चीनी ताइपे की ताई जु यिंग के हाथों 21-10, 20-22, 16-21 से शिकस्त मिली। शीर्ष वरीय यिंग ने यह मुकाबला एक घंटे में अपने नाम किया। हैदराबादी खिलाड़ी सिंधु की यह यिंग के खिलाफ सात मैचों में सातवीं हार है। गत चैंपियन साइना को सुन यू के हाथों 17-21, 21-10, 17-21 से हार झेलनी पड़ी। यह मुकाबला एक घंटे 19 मिनट तक चला।

शराब लिवर पर कितना बुरा असर कर सकती है वीडियो सामने आया

हम सुनते, पढ़ते आए हैं कि शराब पीने से लिवर खराब हो जाता है। लेकिन यह हमारे लिए केवल एक टॉकिंग प्‍वांइट से बढ़कर नहीं होता। हमें इसका अंदाजा नहीं है कि शराब लिवर पर कितना बुरा असर कर सकती है। अब एक वीडियो सामने आया है जो आंखें खोलने के लिए काफी है।
अमेरिका के सेलिब्रिटी डॉक्‍टर ड्रियू पिन्‍सकी ने अपने सहयोगियों के साथ एक शो में यह दिखाया था। इसमें उन्‍होंने दो प्रकार के लिवर सामने रखे थे।
पहला, एक स्‍वस्‍थ व्‍यक्ति का स्‍वस्‍थ लिवर और दूसरा अल्‍कोहल से डेमेज्‍ड लिवर। दोनों के रंग रूप और हालत में बड़ा अंतर देखकर दीर्घा में बैठे दर्शक दंग रह गए। डॉक्‍टर ने बताया कि महिलाओं में अल्‍कोहल से होने वाला खतरा पुरुषों की तुलना में पांच गुना अधिक होता है।
किसी स्‍पंज की तरह नजर आने वाले लिवर को हाथ में थामकर और खराब वाले लिवर को देखकर डॉक्‍टर की सहयोगी भी आंसू छुपा नहीं सकी और उसे अल्‍कोहल के दुष्‍प्रभाव का स्‍पष्‍ट अंदाजा हो गया।
नॉर्मल लिवर :
– प्राकृतिक बनावट सही निकली
– रंग भी बदला नहीं था, वह हल्‍का महरून रंग का था
– केमिकल डक्‍ट ठीक थे
– आकार पतला और परफेक्‍ट था
डेमेज्‍ड लिवर :
– रंग उड़ा हुआ था, यह गहरा मटमैला हो चुका था, यानी सारी रक्‍त वाहिनियां नष्‍ट हो चुकी थीं
– अल्‍कोहल से पूरी तरह छलनी हो चुका था, इसके पूरे स्‍वरूप में छोटे बड़े छेद नजर आते हैं
– नष्‍ट होते डक्‍ट ने पुनर्निर्माण की कोशिश की लेकिन वे लिवर को खराब होने से नहीं बचा पाए
– नॉर्मल की तुलना में यह लिवर सूजा हुआ था
– जिस व्‍यक्ति के शरीर में यह था, उसका इम्‍यून सिस्‍टम बिगड़ चुका था

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चार दिवसीय यात्रा, पहले पुर्तगाल जाएंगे

अमेरिका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 26 जून को होने वाली अमेरिका यात्रा के लिए रेड कार्पेट बिछा दिया है। शाम करीब 3.30 बजे जब मोदी वहां पहुंचेंगे, तो ट्रंप के साथ बातचीत करने के लिए उनके पास करीब पांच घंटे का समय होगा। मोदी अमेरिका दौरे पर जाने वाले पहले विदेशी नेता होंगे, जो व्हाइट हाउस में ट्रंप के साथ डिनर करेंगे।
दोनों राष्ट्र प्रमुखों के बीच इस दौरे के दौरान साझा प्राथमिकताओं वाले मुद्दों पर बातचीत होगी। प्रतिनिधि मंडल के बीच द्विपक्षीय वार्ता के अलावा मोदी और ट्रंप के बीच आमने-सामने की बात होगी। अधिकारियों के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच आतंकवाद की समस्या से निपटने, भारत के रक्षा क्षेत्र के आधुनिकीकरण में मदद और एशिया-पसिफिक में भारत की भूमिका को बढ़ाने में मदद को लेकर चर्चा हो सकती है।
इसके अलावा मोदी अमेरिकी-भारतीय व्यापार, अमेरिका में भारतीयों के उदय, एच1बी1 वीजा पर बात, भारत को 22 ड्रोन बेचे जाने पर भी बात हो सकती है। आपसी बातचीत के बाद वे संयुक्त बयान जारी करेंगे, लेकिन मीडिया के सवालों का जवाब नहीं देंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका दौरे पर रवाना होने से पहले कहा कि यात्रा के दौरान उनका लक्ष्य द्विपक्षीय साझेदारी के लिए ‘भविष्योन्मुखी दृष्टिकोण’ विकसित करने और पहले से सुदृढ़ एवं व्यापक संबंधों को और मजबूत बनाना होगा। मोदी की राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप से पहली मुलाकात 26 जून को वाशिंगटन में होनी है। मोदी ने कहा कि वह विचारों का गहराई से आदान-प्रदान करने के इस अवसर को लेकर आशावादी हैं।
प्रधानमंत्री शनिवार से शुरू हो रही अपनी चार दिवसीय यात्रा के दौरान अमेरिका के साथ पुर्तगाल और नीदरलैंड की यात्रा भी करेंगे। उन्होंने ट्वीट किया कि मेरी अमेरिका यात्रा का लक्ष्य अपने राष्ट्रों के बीच संबंधों को मजबूत बनाना है। भारत-अमेरिका के मजबूत संबंधों से हमारे राष्ट्रों को और विश्व को लाभ होता है।
अपनी यात्रा के प्रथम चरण में मोदी कल पुर्तगाल की यात्रा करेंगे जहां वह प्रधानमंत्री एंटोनियो कोस्टा से बात करेंगे। कोस्टा के साथ अपनी बैठक के बारे में मोदी ने कहा, ‘हाल में हुई हमारी चर्चा के आधार पर हम विभिन्न संयुक्त कदमों और फैसलों की समीक्षा करेंगे। भारत और पुर्तगाल दोनों देश इस वर्ष राजनयिक संबंधों की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ मना रहे हैं।
प्रधानमंत्री पुर्तगाल में भी भारतीय समुदाय के लोगों के साथ संवाद करेंगे। यहां भी प्रधानमंत्री देश के महत्वपूर्ण सीईओ से मिलेंगे। अमेरिका यात्रा के बाद मोदी 27 जून को नीदरलैंड रवाना होंगे, जहां उनकी प्रधानमंत्री मार्क रेता और राजा विलम ऐलगजैंडर और रानी मैक्सिमा से औपचारिक भेंट होगी।

गुजरात में 15 अगस्त तक कॉलेज में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को टेबलेट

गुजरात में बच्चों को स्कूल में दाखिला दिलाने के लिए प्रदेश की सरकार द्वारा हर साल शाला प्रवेशोत्सव के कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। प्रदेश के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने बच्चों को प्रवेशोत्सव के तहत स्कूल में दाखिला दिलाने के साथ घोषणा की है कि इस बार 15 अगस्त तक कॉलेज में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को टेबलेट दिया जाएगा। विजय रुपाणी ने कहा कि टेबलेट की मदद से विद्यार्थियों को पढ़ाई करने में आसानी होगी।
गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने सूरत में शाला प्रवेशोत्सव का प्रारंभ कराते हुए कहा कि 100 फीसद बच्चे स्कूल जाएं, इसके लिए सरकार सतत् प्रयास कर रही है। विजय रुपाणी ने कहा कि सूरत में चार ब्रिज और रास्ते कम बनेंगे तो चलेगा, लेकिन बच्चे शिक्षा बिना रहे यह सही नहीं है। फुटपाथ पर रहने वाले तथा गरीब बच्चे भी शिक्षा से वंचित नहीं रहेंगे। सरकार ने शिक्षा को प्रोत्साहन देने के लिए बजट में 25 हजार करोड़ रुपए का आवंटन किया है। सरकारी स्कूलों को स्मार्ट बनाने के लिए सरकार काम कर रही है। शिक्षकों को भी ट्रेनिंग दी जा रही है। पायलट प्रोजेक्ट सफल होने के बाद गुजरात के स्कूलों में भी प्रयोग किया जाएगा।
विजय रुपाणी ने जोर देते हुए कहा कि अगले 15 अगस्त तक 12वीं पास कर कॉलेज में प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए टेबलेट का वितरण किया जाएगा। बाजार में इस टेबलेट की कीमत 8000 रुपए है जिसे सरकार की ओर से केवल 1000 हजार रुपए में छात्रों को दिया जाएगा। इस योजना के तहत कुल चार लाख छात्रों को टेबलेट दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश आधुनिकता की तरफ बढ़ रहा है और प्रदेश के छात्र भी आधुनिक बनें, इसके लिए राज्य सरकार ने यह पहल की है।

गुजरात में 15 अगस्त तक कॉलेज में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को टेबलेट

गुजरात में बच्चों को स्कूल में दाखिला दिलाने के लिए प्रदेश की सरकार द्वारा हर साल शाला प्रवेशोत्सव के कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। प्रदेश के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने बच्चों को प्रवेशोत्सव के तहत स्कूल में दाखिला दिलाने के साथ घोषणा की है कि इस बार 15 अगस्त तक कॉलेज में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को टेबलेट दिया जाएगा। विजय रुपाणी ने कहा कि टेबलेट की मदद से विद्यार्थियों को पढ़ाई करने में आसानी होगी।
गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने सूरत में शाला प्रवेशोत्सव का प्रारंभ कराते हुए कहा कि 100 फीसद बच्चे स्कूल जाएं, इसके लिए सरकार सतत् प्रयास कर रही है। विजय रुपाणी ने कहा कि सूरत में चार ब्रिज और रास्ते कम बनेंगे तो चलेगा, लेकिन बच्चे शिक्षा बिना रहे यह सही नहीं है। फुटपाथ पर रहने वाले तथा गरीब बच्चे भी शिक्षा से वंचित नहीं रहेंगे। सरकार ने शिक्षा को प्रोत्साहन देने के लिए बजट में 25 हजार करोड़ रुपए का आवंटन किया है। सरकारी स्कूलों को स्मार्ट बनाने के लिए सरकार काम कर रही है। शिक्षकों को भी ट्रेनिंग दी जा रही है। पायलट प्रोजेक्ट सफल होने के बाद गुजरात के स्कूलों में भी प्रयोग किया जाएगा।
विजय रुपाणी ने जोर देते हुए कहा कि अगले 15 अगस्त तक 12वीं पास कर कॉलेज में प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए टेबलेट का वितरण किया जाएगा। बाजार में इस टेबलेट की कीमत 8000 रुपए है जिसे सरकार की ओर से केवल 1000 हजार रुपए में छात्रों को दिया जाएगा। इस योजना के तहत कुल चार लाख छात्रों को टेबलेट दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश आधुनिकता की तरफ बढ़ रहा है और प्रदेश के छात्र भी आधुनिक बनें, इसके लिए राज्य सरकार ने यह पहल की है।

कपास के खराब बीज सप्लाय करने वाली कंपनी को किसानों ने सिखा दिया सबक

कपास के खराब बीज सप्लाय करने वाली कंपनी को किसानों ने सबक सिखा दिया। लगभग छह साल पहले करोड़ों रुपए के खराब बीज सप्लाय करने और किसानों के बर्बाद हो जाने के बावजूद सरकार आश्वासन देती रही। शुक्रवार को मुआवजे के चेक मिलना शुरू हो गए। सुनवाई नहीं होने पर ये किसान उपभोक्ता फोरम मंडलेश्वर पहुंचे थे।
वर्ष 2010-11 में महेश्वर, कसरावद और बड़वाह क्षेत्र के करीब 1100 किसानों ने निजी कंपनी के विश्वास पर कपास बीज खरीदा। समय के साथ पौधे विकसित नहीं हुए और न ही कपास के घेंटे (फल) बने। लगभग 500 किसान उपभोक्ता फोरम मंडलेश्वर पहुंचे।
न्यायाधीश आनंद मोहन खरे ने किसानों के पक्ष में प्रति पैकेट 10 हजार रुपए, 5 हजार रुपए मानसिक प्रताड़ना और 500 रुपए कोर्ट खर्च के अनुशंसित किए। असंतुष्ट किसान राज्य स्तरीय उपभोक्ता फोरम भोपाल पहुंचे। सितंबर में इस निर्णय को यथावत रख भुगतान मय 12 प्रतिशत ब्याज के देने को कहा।
किसान डॉ. रमेश पाटीदार ने बताया कि शुक्रवार को लगभग 70 किसानों को ये चेक मिले। उल्लेखनीय है कि निईदुनिया ने किसानों की परेशानियों को लगातार प्रकाशित किया था।