केरल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा सरेआम बछड़े को काटकर उसका बीफ खाने के मामले ने पकड़ लिया तूल

केरल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा सरेआम बछड़े को काटकर उसका बीफ खाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। कांग्रेस ने जहां पहले उनके कांग्रेस कार्यकर्ता होने पर सवाल उठाए थे वहीं बाद में राहुल गांधी द्वारा घटना की आलोचना किए जाने पर दो कार्यकर्ताओं को पार्टी से निकाल दिया है।
राहुल गांधी ने इस घटना पर ट्वीट करते हुए लिखा है कि केरल में जो भी हुआ वो मेरे और कांग्रेस के लिए पूरी तरह से विचारहीन, बर्बर और अस्वीकार्य है। मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं। इसके बाद पार्टी ने कार्रवाई करते हुए दो कार्यकर्ताओं को पार्टी से निकाल दिया है। कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि ऐसे लोगों का पार्टी में कोई स्थान नहीं है और उन्हें निकाल दिया गया है।
केरल में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा बूचड़खाने को मवेशियों की बिक्री पर केंद्र सरकार के रोक लगाने के विरोध में ‘बीफ फेस्ट’ आयोजित किया गया था।
केरल भाजपा के अध्यक्ष के. राजशेखरन ने इस घटना का फोटो ट्विटर पर डालते हुए इसे निर्दयता का चरम बताया। उन्होंने कहा कि कोई भी सामान्य आदमी इस तरह का व्यवहार नहीं कर सकता। राजग ने इस घटना को लेकर मंगलवार को विरोध दिवस मनाने का फैसला किया है। माकपा सांसद एमबी राजेश ने इसकी निंदा करते हुए कहा कि अतार्किक तरीके के विरोध से बचा जाना चाहिए। ऐसी हरकत संघ परिवार की मदद करेगी।

‘द राइज ऑफ केजरीवाल’ पर संकट के बादल छा गए

अरविंद केजरीवाल के एक सामाजिक कार्यकर्ता से दिल्ली का मुख्यमंत्री बनने तक के सफर पर बनी डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘द राइज ऑफ केजरीवाल’ पर संकट के बादल छा गए हैं।
दरअसल, फिल्म निर्माताओं ने दावा किया है कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) ने फिल्म से भाजपा और कांग्रेस के जिक्र को हटाने को कहा है।
फिल्म निर्देशक खुशबू रंका और विनय शुक्ला ने इस फिल्म में केजरीवाल के उत्थान और आम आदमी पार्टी (आप) के जन्म का ब्योरा दिया है।
खुशबू ने बताया कि हमारी फिल्म में दिखाया गया है कि एक बाहरी कैसे राजनीति में कदम रखता है। इसलिए हम इस फिल्म के लिए किसी तरह की मुसीबत की उम्मीद नहीं कर रहे थे।
यह एक राजनीतिक फिल्म है। इसलिए कोई भी बात मुसीबत बन सकती है या मुसीबत नहीं भी बन सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सेंसर बोर्ड के प्रमुख का काम राजनीतिक दलों को बचाना नहीं है।
इधर, सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष पहलाज निहलानी ने इन आरोपों से इन्कार करते हुए कहा कि उनसे सिर्फ सामान्य प्रक्रिया को अपनाने को कहा गया है।
उनसे और कुछ भी नहीं मांगा गया है। हमने उन्हें नोटिस देकर कुछ शब्दों पर आवाज बंद करने को कहा है।

मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के तहत निजी कॉलेजों में एडमिशन लेने वाले छात्रों की फीस रैंक के आधार

मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के तहत सरकार निजी कॉलेजों में एडमिशन लेने वाले छात्रों की फीस प्रतियोगी परीक्षा में उनकी रैंक के आधार पर दे सकती है। काफी मशक्कत के बाद भी निजी कॉलेजों के नाम तय नहीं होने के बाद अब सरकार इस विकल्प पर विचार कर रही है। योजना का ड्राफ्ट लगभग तैयार है। इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाना है, लेकिन निजी कॉलेजों को लेकर कोई नीति तय नहीं हुई है।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि राष्ट्रीय स्तर के कॉलेजों में एडमिशन लेने के साथ-साथ सरकारी कॉलेजों और चुनिंदा निजी कॉलेजों के लिए भी सरकार फीस भरेगी। विभाग निजी कॉलेजों के नाम तय करने को लेकर कई दिनों से मशक्कत कर रहा है। पहले राष्ट्रीय स्तर के निजी कॉलेजों की रैंकिंग ढूंढी गई, लेकिन कोई भी सरकारी संस्था निजी कॉलेजों की रैंकिंग नहीं करती।
निजी कॉलेजों को लेकर योजना पर वित्त विभाग भी आपत्ति जता चुका है। सूत्रों के मुताबिक वित्त विभाग ने कहा था कि तकनीकी शिक्षा विभाग यह तय करे कि कितने और कौन-से निजी कॉलेजों में एडमिशन लेने पर सरकार फीस भरेगी। मुख्यमंत्री ने अपने सचिवालय के अफसरों को भी निजी कॉलेजों के नाम तय करने की जिम्मेदारी दी थी।
अधिकारियों के मुताबिक प्रतियोगी परीक्षा में रैंक तय करने पर विचार चल रहा है। इससे अच्छी रैंक वाले विद्यार्थियों की ही निजी कॉलेज में फीस भरी जाएगी। उदाहरण के लिए इंजीनियरिंग में एनआईटी में एडमिशन के लिए जेईई के कटऑफ वाली रैंक तय की जाती है तो कटऑफ से अच्छी रैंक वाले छात्र को ही निजी कॉलेज में एडमिशन लेने पर फीस का पैसा सरकार देगी, लेकिन प्रदेश के सरकारी कॉलेज में एडमिशन लेने पर किसी रैंक की जरूरत नहीं होगी।
मुख्यमंत्री ने योजना के लिए 12वीं में न्यूनतम अंक सीमा को 85 फीसदी से घटाकर 75 फीसदी करने की घोषणा की थी, लेकिन वित्त विभाग की आपत्ति के कारण कैबिनेट को 85 प्रतिशत का ही प्रस्ताव भेजा गया है।

नहीं दिखेंगे फेडरर व सेरेना

लाल बजरी पर सोमवार से शुरू होने वाले साल के दूसरे ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट फ्रेंच ओपन में नौ बार के चैंपियन रफाएल नडाल और गत चैंपियन जोकोविच की राह आसान नहीं होगी। यह दोनों खिलाड़ी सेमीफाइनल में आपस में टकरा सकते हैं।
इस सत्र में क्ले कोर्ट पर सिर्फ एक मैच गंवाने वाले स्पेनिश स्टार नडाल अपने अभियान की शुरुआत फ्रांस के बेनोट पियरे के खिलाफ करेंगे। दूसरी वरीय सर्बिया के जोकोविच अपना पहला मुकाबला स्पेन के मार्सेल ग्रैनोलर्स के खिलाफ खेलेंगे। जोकोविक ने इस सत्र में क्ले कोर्ट पर तीन ट्रॉफी जीती हैं।
शुक्रवार को निकाले गए ड्रॉ के अनुसार इस सत्र में ज्यादातर समय में जूझते रहे दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी एंडी मरे रूस के आंद्रे कुज्नेत्सोव के खिलाफ शुरुआत करेंगे। मरे और कुज्नेत्सोव दो बार आमने-सामने हुए हैं और दोनों बार ब्रिटिश खिलाड़ी ने बाजी मारी है। इस सत्र में सिर्फ दुबई ओपन की ट्रॉफी जीतने वाले मरे तीसरे दौर में क्ले कोर्ट के विशेषज्ञ स्पेन के निकोलस अल्माग्रो और अर्जेंटीना के जुआन डेल पोत्रो से हो सकती है। तीसरी वरीय और 2015 के चैंपियन स्विट्जरलैंड के स्टेन वावरिंका पहले दौर में क्वालीफायर से खेलेंगे। सेमीफाइनल में वावरिंका की भिड़ंत मरे से हो सकती है।
महिला वर्ग में गत चैंपियन स्पेन की गार्बिन मुगुरूजा पहले दौर में 2010 की विजेता इटली की फ्रांस्सिका शियावोन के खिलाफ शुरुआत करेंगी। फाइनल तक का सफर तय करने में चौथी वरीय मुगुरूजा को अमेरिका की वीनस विलियम्स और जर्मनी की एंजेलिक कर्बर की चुनौती से भी पार पाना पड़ सकता है। दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी कर्बर अपने अभियान की शुरुआत रूस की एकटारिना माकारोवा के खिलाफ करेंगी। दुनिया की सातवीं वरीय योहाना कोंटा पहले दौर में ताइवान की सिहे सु वेई से खेलेंगी।
रोलां गैरां पर इस बार 18बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन रोजर फेडरर, 23 बार की ग्रैंडस्लैम विजेता सेरेना विलियम्स और रूसी सुंदरी मारिया शारापोवा का जलवा नहीं दिखेगा। स्विस स्टार फेडरर ने विंबलडन की तैयारियों के मद्देनजर नहीं खेलने का फैसला किया है। वहीं अमेरिका की सेरेना प्रेग्नेंसी के कारण नहीं खेलेंगी। डोपिंग के चलते 15 माह का प्रतिबंध झेलनी वाली शारापोवा को आयोजकों ने वाइल्डकार्ड देने से इन्कार कर दिया।

श्रीलंका में मूसलाधार बारिश के चलते बाढ़ और भूस्खलन

श्रीलंका में मूसलाधार बारिश के चलते बाढ़ और भूस्खलन की वजह से 91 लोगों की मौत हो गई है जबकि 100 से ज्यादा अभी तक लापता हैं। इन बदतर हालातों में भारतीय नौसेना श्रीलंका की मदद के लिए पहुंची है।
सरकार ने बचाव कार्य के लिए सेना की मदद ली है। हेलीकॉप्टरों व नावों के जरिये जवान फंसे लोगों को निकाल रहे हैं। मानसून की पहली बारिश ने ही सैकड़ों लोगों को बेघर कर दिया है। पुलिस प्रवक्ता प्रियंथा जयकॉडी का कहना है कि केलुटारा में पांच जगहों पर भूस्खलन की खबर है।
सबसे ज्यादा नुकसान पश्चिमी सीमा पर हुआ है। केलुटारा में 38 मौत होने की खबर हैं जबकि रत्नापुरा में 40 लोग मौत के मुंह में समा गए। सेना के प्रवक्ता का कहना है कि बचाव कार्य के लिए चार सौ जवान जुटे हैं। उधर, मौसम विभाग ने बताया कि 2003 के बाद ऐसी बारिश नहीं देखी गई। दक्षिण-पश्चिमी मानसून के सक्रिय होने की वजह से माना जा रहा है कि बारिश अभी और ज्यादा होगी।

सरकार कराएगी देश में दो लाख इलेक्ट्रिक बसों के निर्माण व संचालन में मदद मुहैया

स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने के लिए सरकार देश में दो लाख इलेक्ट्रिक बसों के निर्माण व संचालन में मदद मुहैया कराएगी। जापान के साफ्ट बैंक के साथ सस्ते कर्ज लेने पर बात चल रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने यहां इस आशय की घोषणा की। वह नागपुर में महिंद्रा एंड महिंद्रा तथा ओला के सहयोग से शुरू देश की पहली इलेक्ट्रिक वाहन परियोजना के उद्घाटन के मौके पर संवाददाताओं को संबोधित कर रहे थे।
200 इलेक्ट्रिक वाहनों की आवाजाही शुरू होने के साथ ही नागपुर देश का पहला ऐसा शहर बन गया है। नागपुर में सार्वजनिक परिवहन की यह अपने किस्म की पहली इलेक्ट्रिक वाहन योजना है। गडकरी इसे पूरे देश में लागू करना चाहते हैं। इसके तहत ओला के दो सौ ई-वाहन, जिनमें टैक्सी, आटो रिक्शा, ई-रिक्शा, व ई-बसें शामिल हैं। ये वाहन शहर में चलाए जाएंगे।
उन्होंने कहा इलेक्ट्रिक वाहन की तर्ज पर बायो एथनॉल, बायो सीएनजी वाहनों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इससे पेट्रोलियम आयात को कम किया जा सकेगा। इसके लिए गन्नो की खोई, धान की पराली, कपास के डंठल व बांस की पत्तियों को जलाने के बजाय बायो ईंधन बनाने में उपयोग किया जाएगा और ऐसे उद्योग लगाने को बढ़ावा दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अभी तो यह शुरुआत है। इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग के लिए देशभर में चार्जिंग स्टेशन खोले जाएंगे। इससे हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। निगमों के कचरे से एथनॉल बनाने के लिए पंद्रह उद्योगों के साथ करार किया गया है।
महिंद्रा एंड महिंद्रा के एमडी पवन गोयनका ने कहा कि अभी हर महीने 400-500 वाहन बनाने की कंपनी की क्षमता है जिसे पहले 700-800 और फिर 5000 तक किया जाएगा। ओला के सह संस्थापक व सीईओ भावीश अग्रवाल ने कहा इलेक्ट्रिक टैक्सी पर प्रति किलोमीटर डेढ़ रुपए का खर्च आता है। इससे आगे चलकर टैक्सी की दरें घटने की गुंजाइश है। वह देश में दस लाख ई-वाहन लाना चाहते हैं।

अब 50 के नए नोट नई डिजाइन के साथ छापे जाएंगे इंक तैयार

पिछले साल नवंबर में नोटबंदी के बाद से बैंक नोट प्रेस यानि बैंक नोट प्रेस (बीएनपी) में युद्धस्तर पर पांच सौ रुपए के नए नोट छापे जा रहे हैं। इस दौरान सौ के भी नोट छप रहे थे लेकिन अब सौ रुपए के नए नोट छापना बंद कर दिए गए हैं। सूत्रों की मानें तो सौ और 50 के नए नोट नई डिजाइन के साथ छापे जाएंगे।
सूत्रों के अनुसार सौ रुपए के वर्तमान में प्रचलित नोट काफी संख्या में छपकर तैयार हैं। इन्हें ही प्रोसेस कर बाहर भेजा जा रहा है। कहा जा रहा है कि यह वर्तमान के नोट से थोड़ा छोटा होगा। इसका डिजाइन भी लगभग तैयार हो चुका है। हालांकि यह तय नहीं है कि यह कब से छापा जाएगा।
सौ रुपए के साथ ही 50 रुपए का नोट भी नए कलेवर में आ सकता है। इसके लिए बीएनपी स्थित इंक कारखाने में इंक तैयार कर ली गई है। इसके जल्द ही नासिक यूनिट भेजा जाएगा।
नवंबर से लेकर अभी तक लगातार पांच सौ स्र्पए के नोटों की छपाई बीएनपी में की जा रही है लेकिन इसके बाद भी नोटों की कमी बनी हुई है। सूत्रों की मानें तो इसे देखते हुए पूरा फोकस पांच सौ स्र्पए के नोटों की छपाई पर किया जा रहा है।
प्रबंधन ने छपाई को देखते हुए मेन पॉवर बढ़ाने की भी डिमांड की है। इसके अलावा कर्मचारियों की मदद के लिए आए सेना के जवान भी फिलहाल यहीं हैं। पूर्व में कहा गया था कि एक अप्रैल से सेना के जवान लौट जाएंगे लेकिन इसके बाद उन्हें रोकने का आदेश आ गया।

दुनिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फेसबुक पर सबसे ज्यादा फॉलोअर्स

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के तीन साल पूरे हो गए हैं और मोदी की लोकप्रियता दिनों दिन बढ़ती ही जा रही है। देश ही नहीं दुनिया के नेताओं की बात करें, तो मोदी के फेसबुक पर सबसे ज्यादा फॉलोअर्स हैं। पीएम मोदी का फेसबुक पेज जिसके दुनिया में सबसे ज्‍यादा फॉलोअर्स हैं। इस मामले में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी मोदी से पीछे हैं।
मोदी के ऑफिशिएल पेज पीएमओ भी मोदी के बाद तीसरे नंबर पर है। केंद्र में तीन सरकार पूरे होने के मौके पर जितने भी सर्वे और पोल कराए गए उसमें सरकार की लोकप्रियता में इजाफा दिखा है। डाटा से पता चलता है कि सरकार की ओर से चलाए गए डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया और स्वच्छ भारत अभियान सबसे ज्यादा इंगेज्ड कैंपन रहे हैं।
फेसबुक इंडिया, साउथ एंड सेंट्रल एशिया की पब्लिक पॉलिसी डायरेक्टर अंखी दास ने कहा कि यह लोक प्रशासन का नया रूप है। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया या मेक इन इंडिया जैसे बड़ी परियोजनाओं में सबसे ज्यादा इंगेजमेंट रहा है, जो अधिकांश नौकरियों से जुड़ा हुआ था।
फेसबुक की ओर से दी गई जानकारी में कहा गया है कि साल 2014 में लोकसभा चुनाव के दौरान मोदी के 1.4 करोड़ फॉलोअर्स थे। मगर, आज सरकार के तीन साल पूरा कर लेने के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 4.19 करोड़ हो गया है। वहीं, नवंबर 2016 में चुनाव जीतकर व्‍हाइट हाउस पहुंचे राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप भी फेसबुक पर लोकप्रियता के मामले में 2.2 करोड़ फॉलोअर्स के साथ पीएम मोदी से पीछे हैं और दूसरे नंबर हैं।
हालांकि, अभी भी कोई वर्ल्‍ड लीडर लोकप्रियता के मामले में पूर्व अमेरिकी राष्‍ट्रपति बराक ओबामा को कोई नेता पीछे नहीं छोड़ पाया है। राजनीति से रिटायर होने के बाद भी ओबामा के अभी भी 5.4 करोड़ फॉलोअर्स बने हुए हैं।

भारत को चीन से पार पाने के लिए अपने प्रदर्शन में सुधार लाना पड़ेगा

सुदीरमन कप मिक्स्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में शुक्रवार को भारत के सामने चीन की कड़ी चुनौती होगी। ग्रुप स्टेज में दूसरे स्थान पर रहने वाले नौंवीं वरीयता प्राप्त भारत को चीन से पार पाने के लिए अपने प्रदर्शन में सुधार लाना पड़ेगा।
मालूम हो कि चीन ने टूर्नामेंट के पिछले 14 संस्करणों में से दस में जीत हासिल की है। टूर्नामेंट के पहले मैच में भारतीय शटलरों ने उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं किया था। इसमें केवल रियो ओलिंपिक की रजत पदक विजेता पीवी सिंधु ही अपनी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ जीत दर्ज कर पाई थीं।
डेनमार्क के खिलाफ इस मैच में सिंधु ने महिला सिंगल्स का मैच जीता था, जबकि अश्विनी पोनप्पा, किदांबी श्रीकांत, एन सिक्की रेड्डी, मनु अत्री और बी सुमित रेड्डी निराशाजनक प्रदर्शन कर अपने मुकाबले हार गए थे। हालांकि दूसरे मैच में भारत ने प्रदर्शन में सुधार किया और इंडोनेशिया को 4-1 से मात दी। इस मैच में पुरुष डबल्स में सैत्विकसैराज रनकिरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी को अपने मुकाबले में हार मिली थी, लेकिन बाकी सभी मुकाबलों में भारत ने जीत दर्ज की थी।
इससे पहले 2011 में भी भारत ने टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई किया था, लेकिन क्वार्टर फाइनल में चीन से हार गया था। जबकि पिछले दो संस्करणों में भारत ग्रुप स्टेज भी पार नहीं कर पाया। इस बार इतिहास को दोहराने से बचने के लिए भारत को प्रदर्शन में सुधार के साथ ही एकजुट होकर खेलना होगा। चीन की टीम में लिन डान, शेन लांग सुन यू और शेन यूफेई जैसे खिलाड़ी भारत को आसानी से कब्जे में लेना चाहेंगे। राउंड रॉबिन स्टेज में पिछले दस मैचों में चीन केवल एक मैच में ही हारा है।

मोदी सरकार ने दिया नया नारा साथ है, विश्वास है हो रहा विकास है’

केंद्र की मोदी सरकार ने शुक्रवार (26 मई) को तीन साल पूरे कर लिए हैं। सरकार ने अपने तीन साल पूरे होने पर एक नया नारा दिया है, ‘साथ है, विश्वास है हो रहा विकास है’। प्रधानमंत्री नरेंद्न मोदी ने 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी।
शुक्रवार को इस स्लोगन को विभिन्य इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, रेडिया पर चलाया जा रहा है और साथ ही कई न्यूजपेपर में इसे पब्लिश भी किया गया है। खुद पीएम मोदी भी इस नारे को पेश करेंगे। इस विज्ञापन के साथ मोदी सरकार ने अपनी तीन साल की कई उपलब्धियां भी गिनाई हैं।
मोदी सरकार के नये नारे साथ है, विश्वास है, हो रहा विकास है का जो पोस्टर जारी किया है। उसमे नीचे केंद्र सरकार के कार्यों की जानकारी दी गई है। इस पोस्टर को भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने ट्वीट किया है।
केंद्र सरकार के दो साल पूरे होने पर भी एक नारा दिया गया था, मेरा देश बदल रहा है, आगे बढ़ रहा है। वो नारा जनता के बीच काफी हिट हुआ था। इस नारे के बाद भी सरकार को काफी उम्मीदे हैं।