वन्य जीवों की मॉनिटरिंग के लिए ड्रोन और आधुनिक कैमरों का उपयोग

राजस्थान के वन्य जीव अभयारण्यों में बाघ और अन्य वन्य जीवों की मॉनिटरिंग के लिए राज्य सरकार अब ड्रोन और आधुनिक कैमरों का उपयोग करेगी। इसके लिए 50 करोड़ रुपये की परियोजना तैयार की गई है।
इन उपकरणों को अगले साल मार्च तक वन्य जीव अभयारण्यों में स्थापित किया जाएगा। राजस्थान के रणथंभौर, सरिस्का, मुकुंदरा, जवाईबाग और झालाना वन्य जीव अभयारण्यों में एक हजार संवेदनशील स्थान चिन्हित किए गए हैं।
ये वे स्थान हैं जहां शिकार तथा अन्य गतिविधियां होती हैं। अब तक इन स्थानों पर नजर रखने के लिए वन विभाग अपने गार्डों पर ही निर्भर था।
अब इन स्थानों पर थर्मल इमेजिंग कैमरे, ऑप्टिकल कैमरे और ड्रोन कैमरों से नजर रखी जाएगी। इन कैमरों से प्राप्त तस्वीरों पर नजर रखने के लिए सेंट्रल कंट्रोल रूम स्थापित होगा। यहां से आपदा की स्थिति में वनकर्मियों को निर्देश भेजे जाएंगे।

जिनका नाम सर्वे सूची 2011 में नहीं जुड़ा उन्हें भी मुफ्त गैस कनेक्शन का लाभ

देश के पेट्रोलियम मंत्रालय ने उज्जवला योजना की जगह अब उज्जवला प्लस योजना लांच कर दी है। इस योजना के तहत ऐसे हितग्राही जिनका नाम सामाजिक आर्थिक सर्वे सूची 2011 में नहीं जुड़ा है और उनके पास बीपीएल कार्ड है तो उन्हें भी इस योजना के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन का लाभ दिया जा सकेगा।
ग्वालियर में अब तक इस योजना से 25 हजार हितग्राहियों को लाभ मिल चुका है। लेकिन सामाजिक आर्थिक सर्वे सूची में नाम न होने के कारण कई हितग्राही इस योजना से नहीं जुड़ पाए थे। इस बाध्यता के हटने से अब उन्हें भी लाभ मिल सकेगा।
इंडेन कंपनी के अधिकारियों के अनुसार सप्ताहभर में इस योजना के क्रियान्वयन के लिए प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी। हालांकि पहले की योजना के मुकाबले कुछ परिवर्तन नई योजना में किया गया है। पहले जो उज्जवला योजना थी, उसमें भरा हुआ गैस सिलेंडर और चूल्हा खरीदने के लिए सरकार लोन भी दे रही थी, लेकिन उज्जवला प्लस योजना में यह लोन सिस्टम हटा दिया गया है।
अब भरा हुआ गैस सिलेंडर और चूल्हा संबंधित हितग्राही को खरीदना पड़ेगा। जिसकी कीमत औसतन 1750 रुपए आएगी। इसके अतिरिक्त रेगूलेटर, पाइप, प्रोसेस फीस, नीली किताब सरकार की ओर से मुफ्त दी जाएगी, जिसकी औसतन कीमत आम उपभोक्ता को 1600 रुपए चुकानी पड़ती है।

कंटेनर बारातियों की कार पर चढ़ दूल्हे समेत नौ लोगों की मौत

जिले धामनोद क्षेत्र के गणपति घाट पर कंटेनर बारातियों की कार पर चढ़ गया। हादसे में दूल्हे समेत नौ लोगों की मौत हो गई। ये सभी सीहोर जिले की इछावर तहसील के रहने वाले बताए जा रहे हैं। घटना में घायल दो लोगों को प्राथमिक इलाज के बाद इंदौर रेफर किया गया है।
जानकारी के मुताबिक जाट परिवार की बारात धार जिले के मनावर में सिरसी गांव जा रही थी। घाट पर टवेरा कार में सवार बारातियों के वाहन के पीछे चल रहा एक कंटेनर अचानक अनियंत्रित होकर कार पर चढ़ गया। घटनास्थल पर ही 8 लोगों ने दम तोड़ दिया।
आस-पास से गुजर रहे लोगों ने घायलों को तुरंत बाहर निकाला और पुलिस तथा एंबुलेंस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने के बाद 108 एंबुलेंस द्वारा उन्हें पास के अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से 2 घायलों को इंदौर रेफर कर दिया गया।
मृतकों के नाम
1- मुकेश पिता जगदीश जाट निवासी ग्राम रूगदी इच्छावर (दूल्हा)
2 – टीना पिता बिरम जाट 14 वर्ष
3 – सुरेश पिता मोहनलाल जाट
4 – नंदलाल पिता गोविंद
5 – राधेश्याम पिता बद्रीप्रसाद जाट
6 – महेश पिता बद्रीप्रसाद जाट
7 – बाबूलाल पिता काशीराम जाट
8 – कैलाश पिता प्रभुलाल जाट
9 – सुरेश पिता खेमाराम (कंटेनर चालक)
दुल्हन के गांव में पसरा मातम
जानकारी के मुताबिक गणपुर शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में शिक्षक हीरालाल जाट की बेटी के मंगलवार को लगन थे। सोमवार रात दुल्हन का बाना निकला था, रात से की रसोई बन रही थी शादी की पूरी तैयारियां हो गई थी। तभी मंगलवार सुबह दुर्घटना की खबर आई और दुल्हन के गांव में मातम पसर गया। सभी मेहमान और रिश्तेदार भी घर में मौजूद थे।