भारतीय टीम के पूर्व तेज गेंदबाज अजीत अगरकर को नियुक्त किया चयन समिति का चेयरमैन

मुंबई क्रिकेट संघ (एमसीए) ने भारतीय टीम के पूर्व तेज गेंदबाज अजीत अगरकर को मुंबई सीनियर टीम और पुरुषों की अंडर-23 टीम की चयन समिति का चेयरमैन (मुख्य चयनकर्ता) नियुक्त किया है।
भारत के लिए 191 वनडे मैचों में 288 विकेट लेने वाले अगरकर पूर्व क्रिकेटर मिलिंद रेगे की जगह लेंगे। 39 वर्षीय अगरकर ने अपना अंतिम टेस्ट मैच पाकिस्तान के खिलाफ 2006 में और अंतिम वनडे 2007 में इंग्लैंड के खिलाफ खेला था।
सीनियर चयन समिति में पूर्व भारतीय खिलाड़ियों नीलेश कुलकर्णी, जतिन परांजपे और सुनील मोरे को भी जगह दी गई है। एमसीए के सूत्रों के मुताबिक, यह फैसला क्रिकेट सुधार समिति ने लिया है।
साथ ही राजेश पवार को पुरुषों की अंडर-19 टीम की चयन समिति का चेयरमैन चुना गया है। इस समिति में उनके साथ पूर्व भारतीय गेंदबाज अविष्कार साल्वी, राजू सुतार और संतोष शिंदे भी होंगे।
लड़कों की अंडर-16 टीम के लिए अतुल रानाडे को चयन समिति का चेयरमैन चुना गया है। इस समिति में मंदर फड़के, पियूष सोनेजी और मयूर कादरेकर भी शामिल होंगे।

तनाव की बावजूद नॉर्थ कोरिया लगा मिसाइल परीक्षण करने में

अमेरिका की चेतावनी और उसके साथ तनाव की बावजूद नॉर्थ कोरिया लगातार मिसाइल परीक्षण करने में लगा है। ताजा मामले में दक्षिण कोरिया ने बताया है कि नॉर्थ कोरिया ने एक और बलैस्टिक मिसाइल परीक्षण किया है। ताजा मिसाइल परीक्षण किया, वो एक कम दूरी की बैलेस्टिक मिसाइल है जो जापान सागर में जाकर गिरी है। अमेरिकी सैन्य मॉनिटर्स ने बताया कि जापान सागर में गिरने से पहले ये मिसाइल उत्तर कोरिया के समुद्री तट से 450 किमी. हवा में रही।
तीसरे हफ्ते में यह उत्‍तर कोरिया का तीसर मिसाइल परीक्षण है। उत्‍तर कोरिया अमेरिकी युद्धपोत पर हमले की धमकी भी दे चुका है। उत्‍तर कोरिया इस साल 9 मिसाइल परीक्षण कर चुका है। अब जो
जापानी सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि यह मिसाइल परीक्षण नौवहन और हवाई यातायात की सुरक्षा के लिहाज से बेहद चिंताजनक है और यह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के खिलाफ है। जापान ने उत्तर कोरिया के उकसावे की कार्रवाई को बर्दाश्त न करने की चेतावनी भी है। हालांकि इसे मिसाइल परीक्षण के चलते किसी तरह के नुकसान की बात अभी तक सामने नहीं आई है।
बता दें कि जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे जी-7 शिखर सम्मेलन में उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चिंता भी जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि उत्तर कोरिया को उकसावे वाली कार्रवाई से रोकने के लिए जापान दूसरे देशों के साथ मिलकर कोशिश करेगा।
विदेश मामलों के जानकार रहीस सिंह के अनुसार, चीन का झुकाव उत्तर कोरिया की ओर नजर आ रहा है। यदि तनाव बढ़ता है, तो अमेरिका और चीन आमने-सामने हो जाएंगे और इसकी सीधी आंच बाकी एशियाई देशों पर आएगी। जापान, ऑस्ट्रेलिया, थाईलैंड, वियतनाम और रूस के सीधे तौर पर युद्ध में शामिल होने का खतरा पैदा हो जाएगा। इस युद्ध में भारत सीधे-सीधे शामिल नहीं होता है, तो भी उसके द्विपक्षीय और बहुपक्षीय संबंधों पर असर पड़ेगा।

केरल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा सरेआम बछड़े को काटकर उसका बीफ खाने के मामले ने पकड़ लिया तूल

केरल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा सरेआम बछड़े को काटकर उसका बीफ खाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। कांग्रेस ने जहां पहले उनके कांग्रेस कार्यकर्ता होने पर सवाल उठाए थे वहीं बाद में राहुल गांधी द्वारा घटना की आलोचना किए जाने पर दो कार्यकर्ताओं को पार्टी से निकाल दिया है।
राहुल गांधी ने इस घटना पर ट्वीट करते हुए लिखा है कि केरल में जो भी हुआ वो मेरे और कांग्रेस के लिए पूरी तरह से विचारहीन, बर्बर और अस्वीकार्य है। मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं। इसके बाद पार्टी ने कार्रवाई करते हुए दो कार्यकर्ताओं को पार्टी से निकाल दिया है। कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि ऐसे लोगों का पार्टी में कोई स्थान नहीं है और उन्हें निकाल दिया गया है।
केरल में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा बूचड़खाने को मवेशियों की बिक्री पर केंद्र सरकार के रोक लगाने के विरोध में ‘बीफ फेस्ट’ आयोजित किया गया था।
केरल भाजपा के अध्यक्ष के. राजशेखरन ने इस घटना का फोटो ट्विटर पर डालते हुए इसे निर्दयता का चरम बताया। उन्होंने कहा कि कोई भी सामान्य आदमी इस तरह का व्यवहार नहीं कर सकता। राजग ने इस घटना को लेकर मंगलवार को विरोध दिवस मनाने का फैसला किया है। माकपा सांसद एमबी राजेश ने इसकी निंदा करते हुए कहा कि अतार्किक तरीके के विरोध से बचा जाना चाहिए। ऐसी हरकत संघ परिवार की मदद करेगी।

‘द राइज ऑफ केजरीवाल’ पर संकट के बादल छा गए

अरविंद केजरीवाल के एक सामाजिक कार्यकर्ता से दिल्ली का मुख्यमंत्री बनने तक के सफर पर बनी डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘द राइज ऑफ केजरीवाल’ पर संकट के बादल छा गए हैं।
दरअसल, फिल्म निर्माताओं ने दावा किया है कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) ने फिल्म से भाजपा और कांग्रेस के जिक्र को हटाने को कहा है।
फिल्म निर्देशक खुशबू रंका और विनय शुक्ला ने इस फिल्म में केजरीवाल के उत्थान और आम आदमी पार्टी (आप) के जन्म का ब्योरा दिया है।
खुशबू ने बताया कि हमारी फिल्म में दिखाया गया है कि एक बाहरी कैसे राजनीति में कदम रखता है। इसलिए हम इस फिल्म के लिए किसी तरह की मुसीबत की उम्मीद नहीं कर रहे थे।
यह एक राजनीतिक फिल्म है। इसलिए कोई भी बात मुसीबत बन सकती है या मुसीबत नहीं भी बन सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सेंसर बोर्ड के प्रमुख का काम राजनीतिक दलों को बचाना नहीं है।
इधर, सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष पहलाज निहलानी ने इन आरोपों से इन्कार करते हुए कहा कि उनसे सिर्फ सामान्य प्रक्रिया को अपनाने को कहा गया है।
उनसे और कुछ भी नहीं मांगा गया है। हमने उन्हें नोटिस देकर कुछ शब्दों पर आवाज बंद करने को कहा है।

मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के तहत निजी कॉलेजों में एडमिशन लेने वाले छात्रों की फीस रैंक के आधार

मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के तहत सरकार निजी कॉलेजों में एडमिशन लेने वाले छात्रों की फीस प्रतियोगी परीक्षा में उनकी रैंक के आधार पर दे सकती है। काफी मशक्कत के बाद भी निजी कॉलेजों के नाम तय नहीं होने के बाद अब सरकार इस विकल्प पर विचार कर रही है। योजना का ड्राफ्ट लगभग तैयार है। इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाना है, लेकिन निजी कॉलेजों को लेकर कोई नीति तय नहीं हुई है।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि राष्ट्रीय स्तर के कॉलेजों में एडमिशन लेने के साथ-साथ सरकारी कॉलेजों और चुनिंदा निजी कॉलेजों के लिए भी सरकार फीस भरेगी। विभाग निजी कॉलेजों के नाम तय करने को लेकर कई दिनों से मशक्कत कर रहा है। पहले राष्ट्रीय स्तर के निजी कॉलेजों की रैंकिंग ढूंढी गई, लेकिन कोई भी सरकारी संस्था निजी कॉलेजों की रैंकिंग नहीं करती।
निजी कॉलेजों को लेकर योजना पर वित्त विभाग भी आपत्ति जता चुका है। सूत्रों के मुताबिक वित्त विभाग ने कहा था कि तकनीकी शिक्षा विभाग यह तय करे कि कितने और कौन-से निजी कॉलेजों में एडमिशन लेने पर सरकार फीस भरेगी। मुख्यमंत्री ने अपने सचिवालय के अफसरों को भी निजी कॉलेजों के नाम तय करने की जिम्मेदारी दी थी।
अधिकारियों के मुताबिक प्रतियोगी परीक्षा में रैंक तय करने पर विचार चल रहा है। इससे अच्छी रैंक वाले विद्यार्थियों की ही निजी कॉलेज में फीस भरी जाएगी। उदाहरण के लिए इंजीनियरिंग में एनआईटी में एडमिशन के लिए जेईई के कटऑफ वाली रैंक तय की जाती है तो कटऑफ से अच्छी रैंक वाले छात्र को ही निजी कॉलेज में एडमिशन लेने पर फीस का पैसा सरकार देगी, लेकिन प्रदेश के सरकारी कॉलेज में एडमिशन लेने पर किसी रैंक की जरूरत नहीं होगी।
मुख्यमंत्री ने योजना के लिए 12वीं में न्यूनतम अंक सीमा को 85 फीसदी से घटाकर 75 फीसदी करने की घोषणा की थी, लेकिन वित्त विभाग की आपत्ति के कारण कैबिनेट को 85 प्रतिशत का ही प्रस्ताव भेजा गया है।