12 दुर्दात आतंकी सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर

कश्मीर में सेना आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन चला रही है। इसी कड़ी में उसकी लिस्ट में 12 आतंकियों के नाम हैं जो उसके निशाने पर हैं। दक्षिण कश्मीर में सक्रिय हिज्ब आतंकी सब्जार को मार गिराने के बाद लश्कर का नामी कमांडर दुजाना, हिज्ब का यासीन यत्तू व जाकिर मूसा के अलावा जैश कमांडर अबु हमास समेत 12 दुर्दात आतंकी सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर हैं।
चिन्हित किए गए इन आतंकियों में हिज्ब के पांच, लश्कर के छह और जैश-ए-मोहम्मद का एक आतंकी शामिल है। कश्मीर में कई आतंकी हमलों में शामिल ये सभी ए प्लस श्रेणी के हैं। इस सूची में सिर्फ दुजाना और हमास ही विदेशी हैं, अन्य सभी स्थानीय आतंकी हैं। इन आतंकी कमांडरों को जिंदा अथवा मुर्दा पक़़डने के लिए सभी सुरक्षा एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं।
माना जा रहा है कि इन कमांडरों के सफाए के बाद कश्मीर में आतंकी हमलों में कमी आएगी और युवाओं की आतंकी संगठनों में नई भर्ती पर भी लगाम लगेगी। इसके बाद दबाव की रणनीति शुरू कर हाल ही में आतंकी बनने वाले ल़़डकों को मुख्यधारा में लाने के प्रयास होंगे। इस समय दक्षिण कश्मीर में लगभग 115 आतंकी सक्रिय हैं। इनमें से करीब 99 स्थानीय हैं, लेकिन सुरक्षाबलों ने सिर्फ 12 प्रमुख कमांडरों को ही सबसे पहले जिंदा अथवा मुर्दा पक़़डने के लिए चिन्हित किया है।
ये हैं पहले तीन दुर्दात आतंकी कमांडर
अबु दुजाना उर्फ हाफिज
सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर पहला नंबर लश्कर के मोस्ट वांटेड अबु दुजाना उर्फ हाफिज का है। वह दिसंबर 2014 से सक्रिय है और ऊधमपुर हाईवे पर हमले के साथ कई वारदातों में शामिल रह चुका है। वह सुरक्षाबलों के घेरे में कई बार फंसा, लेकिन हर बार बच निकला।
यासीन यत्तू
जिला ब़़डगाम के चाडूरा का रहने वाला हिज्ब आतंकी यासीन यत्तू (कोड नेम : गजनवी व मंसूर) दूसरे नंबर पर है। यत्तू ही दक्षिण कश्मीर और सेंट्रल कश्मीर में हिज्ब की नई पौध को सींच रहा है।
जाकिर रशीद बट उर्फ मूसा
हिजबुल मुजाहिदीन से नाता तोड़ने वाले हिज्ब के पूर्व डिवीजनल कमांडर जाकिर रशीद बट उर्फ मूसा का तीसरा नंबर आता है। मूसा ने ही हाल ही में अलगाववादियों का सिर काटकर लाल चौक में लटकाने की धमकी दी थी।
इन आतंकी कमांडरों की भी तलाश
चिन्हित 12 आतंकी कमांडरों में अल्ताफ अहमद उर्फ काचरू भी है। दक्षिण कश्मीर में जिला कुलगाम का रहने वाला काचरू हिज्ब में जिला कमांडर है। उसके साथ ही टकुम (अवंतीपोर) का रहने वाला रियाज अहमद नायकू उर्फ जुबैर उल-इस्लाम है। जबकि जैश का अबु हमास बीते एक साल से दक्षिण कश्मीर में अपना आधार बढ़ा रहा है। सद्दाम पडर उर्फ जैद की भी सरगर्मी से तलाश है। वह भी बुरहान गुट के जिंदा बचे आतंकियों में एक है। हिज्ब ने उसे जिला शोपियां की कमान सौंप रखी है।
सुरक्षाबलों की गई सूची में हफ श्रीमाल का रहने वाला लश्कर आतंकी वसीम अहमद भी है। सोफशाली कोकरनाग का रहने वाला बशीर अहमद वानी उर्फ लश्कर का जिला कमांडर है। नए लड़कों की भर्ती में जुटा जिला शोपियां के सुगन गांव का रहने वाला लश्कर आतंकी जीनत उल इस्लाम उर्फ अलकामा भी इस सूची में है। उसके साथ ही जुनैद मट्टू उर्फ कांदरू निवासी खुडवनी कुलगाम की भी तलाश की जा रही है। लश्कर के शौकत अहमद टाक उर्फ हुजैफा निवासी पंजगाम (पुलवामा) को भी सुरक्षाबल मौका मिलते ही मार गिराने के लिए तैयार बैठे हैं।

देश का अगला राष्ट्रपति मध्य प्रदेश से हो सकता है

राजनीतिक तौर पर यदि कुछ बड़ा उलटफेर नहीं हुआ, तो देश का अगला राष्ट्रपति मध्य प्रदेश से हो सकता है। फिलहाल अब तक की स्थिति में राष्ट्रपति पद के मध्य प्रदेश की दावेदारी सबसे तगड़ी मानी जा रही है। इस लिहाज से जो नाम सबसे आगे है, उनमें भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत का नाम सबसे आगे है। जो अनुभवी के साथ-साथ संघ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी करीबी है।
इसके अलावा पार्टी के बड़े दलित चेहरे के रुप में भी उनकी पहचान है। वहीं इस दावेदारी में मध्य प्रदेश से दूसरा नाम इंदौर की सांसद और लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन का है। वह भी अनुभवी के साथ पार्टी और संघ के बेहद करीबी है।
राष्ट्रपति चुनाव की रणनीति पर काम कर रहे एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) के रणनीतिकारों की मानें तो मध्य प्रदेश से जुड़े इन दोनों ही नेताओं की छवि फिलहाल निर्विवाद है। ऐसे में गठबंधन के बीच भी इन दोनों नामों में से किसी एक पर सहमति बन सकती है। हालांकि सूत्रों की मानें तो संघ और भाजपा दोनों की फोकस पिछले कुछ समय से जिस तरह से दलित और पिछडे वर्ग को लेकर है,ऐसे में राष्ट्रपति पद के लिए भाजपा किसी दलित चेहरे को ही मौका देगी। इस लिहाज से थावरचंद गहलोत की दावेदारी सबसे तगड़ी मानी जा रही है।
सूत्रों की मानें तो अभी इस पर अंतिम निर्णय होने में वक्त लगेगा, फिर भी जिस तरह से जुलाई में राष्ट्रपति पद के चुनाव होने है। ऐसे में जो भी प्रत्याशी होगा, उसका ऐलान 15 जून के बाद कभी भी किया जा सकता है।
बता दें कि राष्ट्रपति पद के लिए कांग्रेस की अगुवाई में विपक्षी दल भी रणनीति बनाने में जुटे है, लेकिन फिलहाल वहां भी अभी तक किसी नाम पर सहमति नहीं बन पायी है। वैसे भी मौजूदा समय में राष्ट्रपति चुनाव का जो गणित है वह पूरी तरह से भाजपा और एनडीए के पक्ष में है।
तीन साल की उपलब्धि गिनाने आए गहलोत से राष्ट्रपति को लेकर भी हुए सवाल
राष्ट्रपति चुनाव की इन चर्चाओं के बीच बतौर केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत अपने तीन सालों के काम-काज का लेखा-जोखा लेकर मंगलवार को मीडिया के सामने आए,तो मीडिया ने उनसे राष्ट्रपति से जुडी चर्चाओं को लेकर भी सवाल कर लिया। जिसे उन्होंने मुस्काकर टाल दिया।
राष्ट्रपति के लिए थावरचंद और सुमित्रा महाजन के अलावा कई अन्य नाम भी चर्चा में है। इनमें भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण अडवाणी, ड़ा मुरली मनोहर जोशी, झारखंड की राज्यपाल द्रोपदी मुरमू और शरद पवार आदि जैसे नाम चर्चा में है। हालांकि लालकृष्ण अडवाणी और मुरली मनोहर जोशी पर बाबरी ढांचा को ढहाने का आरोप तय होने के बाद उनका नाम इस दौड़ से बाहर माना जा रहा है।
हालांकि संघ के एक वरिष्ठ पदाधिकारी की माने तो संघ की पहली और एक मात्र पसंद डॉ. मुरली मनोहर जोशी है। जिसका नाम संघ की ओर से भाजपा नेताओं को सुझाया गया है।

प्रदेश में कोई भी भूखा नहीं रहेगा सभी गरीबों को सब्सिडी से अनाज उपलब्ध कराया जाएगा

अहमदपुर में ग्रामोदय से भारत उदय अभियान के समापन पर सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश में कोई भी भूखा नहीं रहेगा। सभी गरीबों को सब्सिडी से अनाज उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ गरीबों को मकान बनाने के लिए पैसा दिया जाएगा, प्रदेश की धरती पर कोई बिना मकान के नहीं रहेगा। इसका पैसा सीधे खाते में डाला जाएगा। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तरक्की कर रहा है।
सीएम ने कहा प्रदेश हर गरीब के लिए रोटी, कपड़ा और मकान देंगे। आज 1 रुपये किलो गेहूं, चावल और नमक 5.5 करोड़ लोगों को दिया जा रहा है। जो लोग सक्षम हैं वे मिल रही सब्सिडी को छोड़ने के लिए खुद आगे आए, जिससे गरीबों का भला हो सके।
सीएम ने कहा कि खेती को फायदे का धंधा बनाना है, नदियों को जोड़कर खेती को लाभ का धंधा बनाएंगे। प्रदेश में लड़कियों के लिए कई स्कीम लागू की गई है। ग्राम पंचायतों को विकास के लिए करोड़ों की राशि दी जा रही है। अब गांवो में बैठकर ही ग्रामीणों की समस्या का निवारण किया जाएगा। हमने हर पंचायत में तय किया है कि एक तालाब तो होगा। आप गांव वाले विकास के जो काम तय कर देंगे, सरकार व ग्राम पंचायत वही काम करेंगे। सभी गांवों में सीसी रोड और पक्की नालियां बनाएंगे।
प्रदेश में सात हजार पंचायतें और सहित 5 और जिले खुले में शौच से मुक्त हो चुके हैं। ग्राम पंचायतों को एक करोड़ रुपए से एक लाख रुपए तक की राशि मिल रही है। गरीबों और किसानों का कल्याण हमारा लक्ष्य है।

भारतीय टीम के पूर्व तेज गेंदबाज अजीत अगरकर को पुरुषों की अंडर-23 टीम की चयन समिति का चेयरमैन नियुक्त किया

मुंबई क्रिकेट संघ (एमसीए) ने भारतीय टीम के पूर्व तेज गेंदबाज अजीत अगरकर को मुंबई सीनियर टीम और पुरुषों की अंडर-23 टीम की चयन समिति का चेयरमैन (मुख्य चयनकर्ता) नियुक्त किया है।
भारत के लिए 191 वनडे मैचों में 288 विकेट लेने वाले अगरकर पूर्व क्रिकेटर मिलिंद रेगे की जगह लेंगे। 39 वर्षीय अगरकर ने अपना अंतिम टेस्ट मैच पाकिस्तान के खिलाफ 2006 में और अंतिम वनडे 2007 में इंग्लैंड के खिलाफ खेला था।
सीनियर चयन समिति में पूर्व भारतीय खिलाड़ियों नीलेश कुलकर्णी, जतिन परांजपे और सुनील मोरे को भी जगह दी गई है। एमसीए के सूत्रों के मुताबिक, यह फैसला क्रिकेट सुधार समिति ने लिया है।
साथ ही राजेश पवार को पुरुषों की अंडर-19 टीम की चयन समिति का चेयरमैन चुना गया है। इस समिति में उनके साथ पूर्व भारतीय गेंदबाज अविष्कार साल्वी, राजू सुतार और संतोष शिंदे भी होंगे।
लड़कों की अंडर-16 टीम के लिए अतुल रानाडे को चयन समिति का चेयरमैन चुना गया है। इस समिति में मंदर फड़के, पियूष सोनेजी और मयूर कादरेकर भी शामिल होंगे।

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में ‘कक्षा की सफाई करने से’ इन्कार

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में ‘कक्षा की सफाई करने से’ इन्कार करने पर 14 वर्षीया छात्रा को उसकी दो शिक्षिकाओं ने स्कूल की छत से नीचे फेंक दिया।
नौवीं कक्षा की छात्रा फजर नूर लाहौर के घुड़की अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही है। उसकी हड्डियां कई जगह से टूट गईं हैं।
रीढ़ की हड्डी भी टूट गई है। होश में आने पर नूर ने बताया, ‘बुशरा और रेहाना नाम की टीचरों ने मुझे कक्षा की सफाई करने का आदेश दिया था, क्योंकि 23 मई को यह काम करने का मेरा नंबर था।
मैंने उन्हें स्वस्थ न होने की बात बताई और कहा कि किसी अन्य दिन सफाई कर दूंगी। इस पर वे मुझे दूसरे कमरे में ले गईं और थप्पड़ मारने लगीं। बाद में मुझे छत पर ले गईं और उसे साफ करने को कहा।
जब मैंने फिर अपनी परेशानी बताई तो उन्होंने मुझे छत से नीचे धक्का दे दिया।’ यह वाकया शाहदरा के कोट शाहाबदीन स्थित सिटी डिस्ट्रिक्ट गवर्नमेंट गर्ल्स स्कूल का है।
शिक्षिकाओं के खिलाफ हत्या की साजिश का मामला दर्ज किया गया है। हालांकि अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
प्रांत के शिक्षा सचिव (स्कूल) अल्लाह बख्श मलिक ने कहा, ‘स्कूल प्रशासन और कुछ अन्य अधिकारियों ने इस घटना को शिक्षा विभाग से छिपाकर रखा।
हमें शनिवार शाम को घटना का पता चला। दोनों शिक्षिकाओं के अलावा स्कूल की प्राचार्या को भी निलंबित कर दिया गया है।

आतंकी संगठन लश्कर के 20-25 आतंकी देश में घुसने में सफल हो गए

सीमापार से लगातार आतंकी देश में घुसने की कोशिशें करते आ रहे हैं। पिछले दिनों सेना ने इसी तरह की कोशिश करते आतंकियों के रामपुर सेक्टर में मार गिराया था। इस बीच खबर है कि आतंकी संगठन लश्कर के 20-25 आतंकी देश में घुसने में सफल हो गए हैं और वो मुंबई जैसे किसी बड़े हमले को अंजाम दे सकते हैं।
खुफिया जानकारी के अनुसार आतंकी रेलवे स्टेशनों के आलावा हवाई अड्डों, होटलों और पर्यटक स्थलों को निशाना बना सकते हैं। सूचना के बाद अलर्ट जारी कर दिया गया है और प्रमुख जगहों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इसे लेकर गृह मंत्रालय ने भी निर्देश जारी किए हैं। कहा गया है कि किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति पर नजर रखी जाए और वाहनों की भी अच्छी तरह जांच करें।

30 मई को टूर्नामेंट खेलने पेरिस रवाना हो रही अहमदाबाद की जील देसाई

महक और जील…खेल जगत में विश्व स्तर पर उम्मीद जगाने वाली दो युवा खिलाड़ी। दुनिया की शीर्ष 50 खिलाड़ियों में शामिल होकर सिर्फ इन दोनों ने ही टेनिस के प्रतिष्ठित फ्रेंच ओपन ग्रैंड स्लैम खेलने के लिए भारत से सीधे पात्रता हासिल की।
गुजरात सरकार की मदद से अहमदाबाद की जील देसाई तो 30 मई को टूर्नामेंट खेलने पेरिस रवाना हो रही है, मगर पैसे के अभाव में इंदौर की महक जैन नहीं जा सकेगी। बता दें कि महक अंडर-14 विम्बल्डन जीतने वाली देश की पहली महिला टेनिस खिलाड़ी है। वह दिल्ली में हुए ग्रेड टू टूर्नामेंट में जील को हरा चुकी हैं।
मुंबई की संपत्ति गिरवी रखकर महक को खिला रहे हैं पिता, नौकरी भी नहीं रही
उपलब्धि : अंडर-14 रोड टू विम्बल्डन विजेता बनने वाली भारत की पहली महिला खिलाड़ी, भारतीय जूनियर फेड कप टीम की कैप्टन, जापान ओपन की विजेता, ऑस्ट्रेलियन ओपन ग्रैंड स्लैम में देश का प्रतिनिधित्व।
इस साल खेलेगी: सिर्फ विम्बल्डन को लेकर एसोसिएशन की ओर से आर्थिक मदद मिली है। फंडिंग के अभाव में इससे आगे की योजना नहीं बन पाई।
मुंबई में पली-बढ़ी महक को टेनिस की कोचिंग दिलाने के लिए तीन साल पहले पूरा परिवार इंदौर आकर बस गया। मूलत: भोपाल के रहने वाले पिता विनय जैन केमिकल इंजीनियर हैं, लेकिन बेटी को टूर्नामेंट खिलाने ले जाने की जिम्मेदारी की वजह से उन्हें नौकरी छोड़नी पड़ी।
मुंबई की प्रॉपर्टी गिरवी रखकर ही महक को खिला रहे हैं। वे कहते हैं, विश्व रैकिंग लेने के लिए साल में कम से कम 7-8 बड़े टूर्नामेंट खेलना जरूरी है, मगर हर टूर्नामेंट का खर्च उठाना उनके लिए संभव नहीं है। एक अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का खर्च तीन से साढ़े तीन लाख रुपए (जाने-आने, खाना समेत) आता है।
जब महक अंडर-14 विम्बल्डन जीतकर आई थी, तब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर बधाई दी थी। तब से ही मप्र टेनिस एसोसिएशन, महक के कोच साजिद लोधी, परिजन ने सरकार से मदद के लिए कागजी कार्रवाई शुरू कर दी, लेकिन अभी तक कोई मदद नहीं मिली।
जील के लिए ऑस्ट्रेलियन कोच का भी खर्चा उठा रही है गुजरात सरकार
उपलब्धि : 65 साल बाद ऑस्ट्रेलियन ओपन (जूनियर) के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला, ग्रेड- 1मलेशिया, वर्ल्ड जूनियर आईटीएफ जूनियर ग्रेड-2 में सानिया मिर्जा का रिकॉर्ड तोड़ा।
इस साल खेलेगी: फ्रेंच ओपन, विम्बल्डन, कॉमनवेल्थ यूथगेम्स और यूएस ओपन।
अहमदाबाद के मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मी जील देसाई के पिता मेहुल टॉरेंट पावर लिमिटेड कंपनी में सामान्य से कर्मचारी हैं। वे कहते हैं-मेरी तन्ख्वाह से सिर्फ मेरा परिवार ही चल पाता है। मेरे लिए जील को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मैच खिलवाना संभव नहीं है। उसका प्रदर्शन देखकर गुजरात स्पोर्ट्स अथारिटी 3-4 साल से ट्रेनिंग और मैच खेलने का, जबकि उसके ऑस्ट्रेलियन कोच टोड क्लार्क का खर्च गुजरात सरकार उठाती है।
सिर्फ महक ही नहीं, कई खिलाड़ी फंडिंग के अभाव में पिछड़ जाते हैं। मध्यप्रदेश सरकार सिर्फ इतना ही कर दे कि देश में शीर्ष स्थान पर आने वाले पहले तीन खिलाड़ियों के टूर्नामेंट, यात्रा भत्ता और खाने का खर्च वहन कर ले तो देश को कई बेहतरीन खिलाड़ी मिल सकते हैं।
महक की फाइल तीन-चार दिन पहले ही मेरे पास आई है। हम कोशिश कर रहे हैं कि नियमानुसार उसे मदद कर सकें।

12 लोगों के खिलाफ आरोप तय कर सकती है सीबीआई की विशेष कोर्ट

बाबरी विध्वंस मामले में पेशी के लिए लालकृष्ण आडवाणी लखनऊ पहुंच चुके हैं। आज सीबीआई की विशेष कोर्ट पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी समेत कुल 12 लोगों के खिलाफ आरोप तय कर सकती है। अदालत ने पिछली सुनवाई के दौरान इन सभी को 30 मई को पेश होने के आदेश दिए थे। आडवाणी एयरपोर्ट से सीधे गेस्ट हाउस पहुंचे जहां उनसे मिलने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुंचे हैं।
इस दौरान विशेष तौर पर आडवाणी, पूर्व मंत्री मुरली मनोहर जोशी और केंद्रीय मंत्री उमा भारती की मौजूदगी महत्वपूर्ण रहेगी। सीबीआई की विशेष अदालत आडवाणी, जोशी, उमा के अलावा सांसद विनय कटियार, साध्वी ऋतंभरा, विष्णु हरि डालमिया, महंत नृत्य गोपाल दास, महंत राम विलास वेदांती, बैकुंठ लाल शर्मा उर्फ प्रेम जी, चंपत राय, धर्मदास और डॉ.सतीश प्रधान के खिलाफ आरोप तय कर सकती है।
अयोध्या में छह दिसंबर, 1992 को विवादित ढांचा गिराये जाने के मामले में दर्ज मुकदमों में ये लोग आरोपी हैं। उल्लेखनीय है कि विवादित ढांचा ध्वंस मामले में रायबरेली की अदालत से लखनऊ की विशेष अदालत में स्थानांतरित मामले में भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी सहित छह आरोपियों के अदालत में हाजिर न होने के कारण आरोप तय नहीं हो सके। 26 मई को विशेष न्यायाधीश सुरेन्द्र कुमार यादव ने आरोप निर्धारित करने के लिए मंगलवार को पेश होने के निर्देश दिए थे।
तब अदालत के समक्ष आरोपी लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, विनय कटियार, विष्णु हरि डालमिया, उमा भारती एवं साध्वी ऋतंभरा की ओर से हाजिरी माफ किए जाने की अर्जी देते हुए मामले की सुनवाई के लिए अन्य तारीख तय किए जाने का अनुरोध किया गया था।
सभी ने अदालत में हाजिर न होने के लिए अलग-अलग कारण बताए थे। अदालत ने अर्जी मंजूर करते हुए कहा था कि तय तारीख पर सभी आरोपी व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होंगे।
सभी आरोपियों के विरुद्ध साजिश एवं षड्यंत्र रचने का आरोप है, जबकि दूसरी ओर मुख्य आरोप पत्र के छह आरोपियों के विरुद्ध आरोप निर्धारित किए जाने के लिए विशेष अदालत 25 मई को सुनवाई के बाद 30 मई की

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तारीख तय कर चुकी है, जिसमें डॉ. राम विलास वेदांती, बैकुंठ लाल शर्मा प्रेम, महंत नृत्यगोपाल दास, धर्मदास, चंपत राय बंसल एवं डॉ. सतीश प्रधान मुख्य हैं।
इन सभी छह आरोपियों को तकनीकी आधार पर विशेष अदालत आरोप मुक्त कर चुकी है। अब अगली सुनवाई पर 12 आरोपियों के विरुद्ध धार्मिक उन्माद एवं वैमनस्यता और षड्यंत्र रचने के आरोप तय किए जाएंगे।

भारतीय टीम के पूर्व तेज गेंदबाज अजीत अगरकर को नियुक्त किया चयन समिति का चेयरमैन

मुंबई क्रिकेट संघ (एमसीए) ने भारतीय टीम के पूर्व तेज गेंदबाज अजीत अगरकर को मुंबई सीनियर टीम और पुरुषों की अंडर-23 टीम की चयन समिति का चेयरमैन (मुख्य चयनकर्ता) नियुक्त किया है।
भारत के लिए 191 वनडे मैचों में 288 विकेट लेने वाले अगरकर पूर्व क्रिकेटर मिलिंद रेगे की जगह लेंगे। 39 वर्षीय अगरकर ने अपना अंतिम टेस्ट मैच पाकिस्तान के खिलाफ 2006 में और अंतिम वनडे 2007 में इंग्लैंड के खिलाफ खेला था।
सीनियर चयन समिति में पूर्व भारतीय खिलाड़ियों नीलेश कुलकर्णी, जतिन परांजपे और सुनील मोरे को भी जगह दी गई है। एमसीए के सूत्रों के मुताबिक, यह फैसला क्रिकेट सुधार समिति ने लिया है।
साथ ही राजेश पवार को पुरुषों की अंडर-19 टीम की चयन समिति का चेयरमैन चुना गया है। इस समिति में उनके साथ पूर्व भारतीय गेंदबाज अविष्कार साल्वी, राजू सुतार और संतोष शिंदे भी होंगे।
लड़कों की अंडर-16 टीम के लिए अतुल रानाडे को चयन समिति का चेयरमैन चुना गया है। इस समिति में मंदर फड़के, पियूष सोनेजी और मयूर कादरेकर भी शामिल होंगे।

तनाव की बावजूद नॉर्थ कोरिया लगा मिसाइल परीक्षण करने में

अमेरिका की चेतावनी और उसके साथ तनाव की बावजूद नॉर्थ कोरिया लगातार मिसाइल परीक्षण करने में लगा है। ताजा मामले में दक्षिण कोरिया ने बताया है कि नॉर्थ कोरिया ने एक और बलैस्टिक मिसाइल परीक्षण किया है। ताजा मिसाइल परीक्षण किया, वो एक कम दूरी की बैलेस्टिक मिसाइल है जो जापान सागर में जाकर गिरी है। अमेरिकी सैन्य मॉनिटर्स ने बताया कि जापान सागर में गिरने से पहले ये मिसाइल उत्तर कोरिया के समुद्री तट से 450 किमी. हवा में रही।
तीसरे हफ्ते में यह उत्‍तर कोरिया का तीसर मिसाइल परीक्षण है। उत्‍तर कोरिया अमेरिकी युद्धपोत पर हमले की धमकी भी दे चुका है। उत्‍तर कोरिया इस साल 9 मिसाइल परीक्षण कर चुका है। अब जो
जापानी सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि यह मिसाइल परीक्षण नौवहन और हवाई यातायात की सुरक्षा के लिहाज से बेहद चिंताजनक है और यह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के खिलाफ है। जापान ने उत्तर कोरिया के उकसावे की कार्रवाई को बर्दाश्त न करने की चेतावनी भी है। हालांकि इसे मिसाइल परीक्षण के चलते किसी तरह के नुकसान की बात अभी तक सामने नहीं आई है।
बता दें कि जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे जी-7 शिखर सम्मेलन में उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चिंता भी जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि उत्तर कोरिया को उकसावे वाली कार्रवाई से रोकने के लिए जापान दूसरे देशों के साथ मिलकर कोशिश करेगा।
विदेश मामलों के जानकार रहीस सिंह के अनुसार, चीन का झुकाव उत्तर कोरिया की ओर नजर आ रहा है। यदि तनाव बढ़ता है, तो अमेरिका और चीन आमने-सामने हो जाएंगे और इसकी सीधी आंच बाकी एशियाई देशों पर आएगी। जापान, ऑस्ट्रेलिया, थाईलैंड, वियतनाम और रूस के सीधे तौर पर युद्ध में शामिल होने का खतरा पैदा हो जाएगा। इस युद्ध में भारत सीधे-सीधे शामिल नहीं होता है, तो भी उसके द्विपक्षीय और बहुपक्षीय संबंधों पर असर पड़ेगा।