मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी सी एम हाउस में गृह प्रवेश कर शाम को होगा फलाहार कार्यक्रम

यूपी का सीएम बनने के 10 दिन बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को सीएम हाउस में गृह प्रवेश किया। इसके बाद शाम को मेहमानों के लिए फलाहार का आयोजन रखा गया है। यूं तो शपथ लेने के अगले ही दिन पांच कालिदास मार्ग स्थित सरकारी घर में हवन-पूजन कराकर इसका शुदि्धकरण करा चुके हैं लेकिन, विधिवत गृह प्रवेश आज हुआ है। मुख्यमंत्री ने गृह प्रवेश के लिए नवरात्र का पहला दिन चुना है।
सीएम आवास पर शाम को फलाहार कार्यक्रम भी आयोजित किया गया है जिसमें पार्टी के प्रमुख कार्यकर्ताओं, नेताओं के अलावा विधायक और मंत्री भी शामिल होंगे। भाजपा के प्रदेश मंत्री कामेश्र्वर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री बुधवार को सरकारी घर में चले जाएंगे।

नया रिकॉर्ड रात तीन बजे तक चली राजस्थान विधान सभा

राजस्थान विधानसभा ने मंगलवार को नया रिकॉर्ड कायम किया। सुबह 11 बजे शुरू हुई विधानसभा की कार्यवाही रात साढे़ तीन बजे तक चली। इस तरह करीब साढे़ 16 घंटे तक विधानसभा चली।
दरअसल, मंगलवार को पेयजल और सिंचाई विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा रखी गई थी। पेयजल और सिंचाई राजस्थान की सबसे बड़ी समस्या है। यही कारण है कि 65 विधायकों ने इस समस्या पर अपनी बात रखी और अपने क्षेत्रों की मांग रखी।
इस दौरान एक-दो बार हंगामे की स्थिति भी बनी, लेकिन कार्यवाही आमतौर पर शांतिपूर्ण ढंग से चली। चर्चा खत्म होने के बाद रात करीब पौने तीन बजे जलदाय मंत्री सुरेन्द्र गोयल और सिंचाई मंत्री डॉ. रामप्रताप ने इस चर्चा का जवाब देते हुए कुछ घोषणाएं की। विधायकों का कहना है कि इतनी देर तक विधानसभा चलने का यह पहला अवसर है।

१८ साल बाद याद आई छात्रावास में होने वाली धांधली पर करवाई के आश्वासन की

श्योपुर के पूर्व विधायक बृजराज सिंह चौहान ने 18 साल पहले छात्रावासों में नियुक्ति में धांधली का मामला विधानसभा में उठाया था। तब सरकार ने तत्काल कार्रवाई का आश्वासन दिया और भूल गई। अब 18 साल बाद इस आश्वासन का निराकरण करने की सुध आई है और भोपाल से एक पत्र कलेक्टर अभिजीत अग्रवाल को भेजकर 18 साल पुराने मामले का रिकार्ड मांगा है।
1998 में निर्दलीय विधायक बने बृजराज सिंह चौहान ने अप्रैल 1999 के विधानसभा सत्र में श्योपुर के आदिम जाति विभाग के छात्रावासों के अधीक्षकों की नियुक्ति में घूसखोरी और नियम विस्र्द्ध अपात्रों को पद देने की शिकायत की थी। श्री चौहान ने कई सबूत भी विधानसभा में पेश किए थे।
इसी के आधार पर विधानसभा में सरकार ने आश्वासन दिया था कि, मामले की जांच कराई जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी। उस समय कोई जांच हुई न किसी पर कार्रवाई। इस आश्वासन को पूरा करने की सुध सरकार को ठीक 18 साल बाद आई है। जब 21 फरवरी को आदिवासी विकास विभाग की कमिश्नर दीपाली रस्तोगी ने श्योपुर कलेक्टर अभिजीत अग्रवाल को अशासकीय पत्र लिखकर नाराजगी जताई।
कमिश्नर दीपाली रस्तोगी ने अपने पत्र में कहा है कि विस आश्वासन क्रमांक 987 के संबंध में छात्रावास अधीक्षकों की नियुक्ति की जानकारी मांगीी गई थी, जो अब तक नहीं मिली। इस कारण इस विस आश्वान के निराकरण में बेवजह ही विलंब हो रहा है।
कमिश्नर दीपाली रस्तोगी ने कलेक्टर को निर्देश देते हुए लिखा है कि, इसकी जानकारी तत्काल भेजी जाए, जिससे पेंडिंग पड़े इस मामले का निपटारा हो। कलेक्टर श्री अग्रवाल ने इस मामले की पूरी रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त संदीप जैन को दी है। सहायक आयुक्त जैन को पुराने रिकार्ड खंगालकर जानकारी जुटाने में पसीने छूट रहे हैं।
1999 के इस मामले की पूरी रिपोर्ट बन भी जाए और विस में पेश भी हो जाए तो दोषियों पर कार्रवाई होना मुश्किल है, क्योंकि 18 साल में न सिर्फ सरकार बल्कि मामला उठाने वाले विधायक और गड़बड़ी करने वाले अफसर तक बदल गए हैं।
जिन अफसरों पर आरोप हैं वह तो रिटायर हो गए और श्योपुर को छोड़कर दूसरे शहरों में जाकर बस चुके हैं। 1999 में जब यह मामला विस में उठाया था तब बृजराज सिंह चौहान निर्दलीय विधायक थे और प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी। इसके बाद बृजराज सिंह 2009 से 2014 तक कांग्रेस से विधायक रह चुके हैं।
18 साल पुराने हो चुके इस मामले की जानकारी जुटाने में शासन को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है, क्योंकि जिला प्रशासन इतने पुराने रिकार्ड को ढूंढ भी नहीं पा रहा। दूसरी तरफ भोपाल से अब तक कुल चार पत्र इस संबंध में जानकारी देने के लिए आ चुके हैं।
सबसे पहला पत्र 06 नवंबर 2016 को भेजा गया, लेकिन जानकारी श्योपुर से भोपाल नहीं गई। इसके बाद स्मरण पत्र नाम से 04 अगस्त 2016 को दूसरा और तीसरा पत्र 09 सितंबर 2016 को भेजा गया। इन तीन पत्रों के बाद भी श्योपुर से इस मामले की जानकारी नहीं जा पाई इसलिए कलेक्टर अग्रवाल ने इस मामले को टीएल प्रकरणों में भी शामिल कर लिया है।
-विस के प्रति इतनी बड़ी लापरवाही शायद ही इतिहास में पहले कभी हुई हो। मैं इस मामले में राज्यपाल और विस अध्यक्ष को पत्र लिखूंगा। 18 साल पहले के मामले की जानकारी अब मांगी जा रही है। अब इसका औचित्य ही क्या है? न तो वह अफसर बचे हैं नहीं वह कर्मचारी जिन्होंने नियम विरुद्ध पदस्थी कराई थी। नौकरशाहों की यह लापरवाही जनप्रतिनिधियों के काम-काम के लिए चिंता का विषय है।

कप्तान विराट कोहली का आईपीएल 10 के शुरुआती मैचों में खेलना संदिग्ध

रॉयल चैलेंजर्स बंगलोर के कप्तान विराट कोहली का आईपीएल 10 के शुरुआती मैचों में खेलना संदिग्ध हो गया है। विराट कंधे की चोट के चलते ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ धर्मशाला टेस्ट में नहीं खेल पाए थे और अब उनका आईपीएल की शुरुआत के वक्त समय रहते फिट हो पाना मुश्किल दिख रहा है।
आरसीबी को आईपीएल 2017 के प्रारंभिक मैच में 5 अप्रैल को गत विजेता सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ खेलना है। विराट ने धर्मशाला टेस्ट में भारत की ऑस्ट्रेलिया पर 8 विकेट से मिली जीत के बाद कहा, ‘मुझे 100 प्रतिशत फिट होकर मैदान पर उतरने के लिए अभी कुछ सप्ताह का समय है। खिलाड़ी के करियर में चोट लगती रहती है और आपको इसी के साथ आगे बढ़ना होता है।’
कोहली को रांची में तीसरे टेस्ट के दौरान फील्डिंग करते वक्त दाएं कंधे में चोट लगी थी। वैसे अभी कोहली की चोट के बारे में उनकी टीम आरसीबी ने कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
आरसीबी को 5 अप्रैल को हैदराबाद में सनराइजर्स से भिड़ना होगा, इसके बाद उसका बेंगलुरू में 8 अप्रैल को दिल्ली डेयरडेविल्स से मुकाबला होगा। आरसीबी का अगला मुकाबला 10 अप्रैल को इंदौर में किंग्स इलेवन से और फिर 14 अप्रैल को बेंगलुरू में मुंबई इंडियंस से होगा।

पंजाब के एनआरआई बिजनेसमैन ओबरॉय ने बचा लिए 10 भारतीयों को

यूएई में साल 2015 में एक पाकिस्तानी नागरिक की हत्या के मामले में फंसे 10 भारतीयों को एक एनआरआई बिजनेसमैन ने मौत की सजा से बचा लिए है। मारे गए व्यक्ति का परिवार ने 2,00,000 दिरहम ‘ब्लडमनी’ स्वीकार कर दोषियों को माफ करने के लिए तैयार हो गया है। मगर, इस पूरे घटनाक्रम में पंजाब के एनआरआई बिजनेसमैन एसपीएस ओबरॉय का अहम योगदान है।
ओबेराय के लिए परोपकार जीवन जीने का एक तरीका है। इसके लिए ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने उन्हें मानद डॉक्टरेट की उपाधि भी दी है। पंजाब के मूल निवासी 59 वर्षीय व्यापारी दुबई में रहते हैं। 10 भारतीयों की जिंदगी बचाने के लिए ब्लडमनी का पैसा जमा करने के कारण एक बार फिर से वह सुर्खियों में हैं।
इन भारतीयों को पाकिस्तान के एक आदमी की हत्या के लिए मौत की सजा दी गई थी। सर्बत दा भला संस्था के एसपीएस ओबरॉय ने कहा कि उन्हें माफी के लिए मनाना मुश्किल था। हमने इसके बदले उन्हें पैसे दिए हैं, ताकि 10 लोगों की जिंदगी बच जाए।
ओबरॉय ने कहा कि हमने उन्हें किसी तरह मनाया। शरिया कानून के तहत हमने उन्हें कोर्ट के जरिए 200,000 दिरहम ब्लड मनी दी है। ओबरॉय अब तक 88 लोगों की जिंदगी बचा चुके हैं। मध्यपूर्व और पश्चिम एशिया में जो भी उनसे मदद मांगता है, ओबरॉय उसकी मदद के लिए आगे आते हैं।
भारतीय दूतावास के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मोहम्मद फरहान के पिता मोहम्मद रियाज ने 22 मार्च को अल आइन की अपीली अदालत में भारतीयों को माफ करने संबंधी एक सहमति पत्र जमा किया। रियाज ने कहा कि यह दुर्भाग्य है कि मैंने अपना बेटा खोया। मैं आज की पीढ़ी से अपील करता हूं कि ऐसे झगड़ों में न पड़ें। मैंने इन 10 लोगों को माफ कर दिया है। सच तो ये है कि अल्लाह ने उनकी जिंदगी बख्शी है।
एक पत्नी और बच्चों सहित कम से कम 10 लोगों की जिंदगी आर्थिक रूप से एक व्यक्ति पर निर्भर थी। अबु धाबी में भारतीय दूतावास में काउंसलर दिनेश कुमार ने कहा कि आरोपियों की तरफ से एक भारतीय परोपकारी संगठन ने अदालत में मृतक के परिवार को आरोपी को माफ करने की बदले में रकम जमा कराई है। अब मामले की सुनवाई 12 अप्रैल को होगी।
दिसंबर 2015 में अल आइन में शराब की अवैध ब्रिकी को लेकर हुई लड़ाई में कथित तौर पर यह हत्या हुई थी। इस मामले में पंजाब के 11 व्यक्तियों को दोषी ठहराया गया था, लेकिन एक व्यक्ति मौत की सजा से बच गया था।
शरिया कानून के तहत हत्या के दोषी और पीड़ित परिवार के बीच सुलह हो जाए और पीड़ित पक्ष माफी देने पर राजी हो जाए, तो फांसी की सजा माफ करने के लिए अदालत में अपील की जा सकती है। इस प्रावधान के तहत कई बार मुआवजा भी दिया जाता है, जिसे ‘ब्लड मनी’ कहते हैं। हालांकि, यह अदालत पर निर्भर करता है कि वह माफी दे या नहीं।

राष्ट्रपति पद की दौड़ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत का नाम भी शामिल

भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी के बाद अब राष्ट्रपति पद की दौड़ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत का नाम भी शामिल हो गया है।
शिवसेना नेता संजय राउत ने राष्ट्रपति पद के लिए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को बेहतर विकल्प बताया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति पद के लिए साफ छवि वाला व्यक्ति होना चाहिए। गौरतलब है कि मौजूदा राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल जल्द ही खत्म होने वाला है।
गौरतलब है कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ रात्रि भोज के लिए आमंत्रित किया गया है। अगले हफ्ते होने वाले इस डिनर में मोदी राजग के सहयोगी दलों के साथ मिलकर आगामी राष्ट्रपति चुनाव के मुद्दे पर चर्चा करेंगे।
इस डिनर से पहले शिवसेना नेता संजय राउत ने मोहन भागवत का नाम राष्ट्रपति पद के लिए उछाल दिया है। संभवतः प्रधानमंत्री मोदी और उद्धव ठाकरे के बीच बैठक 29 मार्च को होगी।
इसके अलावा भाजपा के एक केंद्रीय नेता ने दावा किया है कि पार्टी के वरिष्ठतम नेता लालकृष्ण आडवाणी, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और झारखंड के राज्यपाल द्रोपदी मुरमू के नाम अगले राष्ट्रपति के नाम के लिए सबसे आगे चल रहे हैं।

पहला ई-ऑफिस वाला मंदिर होगा विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल

विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल देश में पहला ई-ऑफिस वाला मंदिर होगा, जहां एक क्लिक पर किसी भी फाइल की हिस्ट्री पता की जा सकेगी। मंदिर समिति ने इसका खाका तैयार कर लिया है। इसके लिए देश की नामी कंपनी से भी चर्चा की जा रही है। ई ऑफिस बनने के बाद मंदिर कार्यालय पूरी तरह पेपरलेस हो जाएगा।
ई ऑफिस में फाइलों का मूवमेंट सुविधाजनक हो जाएगा। किसी भी विभाग में अफसर कम्प्यूटर पर फाइल खोलकर उस पर टीप लिख सकेंगे। इससे पारदर्शिता के साथ काम में तेजी आएगी। साथ ही फाइलों के गुम हो जाने की समस्या से भी निजात मिलेगी। ई ऑफिस का खाका तैयार कर रहे आईटी अफसरों के अनुसार मई के दूसरे सप्ताह तक काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद इसे लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
ओसीआर सिस्टम से स्कैन होंगे कागज
ई ऑफिस को ओसीआर सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इससे किसी भी डाक्यूमेंट को स्कैन कर फाइल में जोड़ जा सकेगा। मैन्युअल सिस्टम में नस्थी किए गए कागज इधर-उधर हो जाते हैं। जिससे काम में काफी अड़चने आती हैं।
2013 की कई फाइलें अपडेट नहीं
महाकाल मंदिर में 2013 तक की कई फाइलें अपडेट नहीं हैं। इससे मंदिर के पुराने कामों को समझने में परेशानी हो रही है। जल्द ही मंदिर का मास्टर प्लान तैयार होने वाला है। इसको पूरा करने में भविष्य में कोई पेरशानी खड़ी ना हो, इसके लिए मंदिर समिति अध्यक्ष व कलेक्टर संकेत भोंडवे की मंशा अनुसार ई ऑफिस तैयार किया जा रहा है।

भारतीय टीम ने 85 साल के टेस्ट क्रिकेट इतिहास में इतिहास रचा

भारतीय टीम ने मंगलवार को 85 साल के टेस्ट क्रिकेट इतिहास में इतिहास रचा। टीम इंडिया ने धर्मशाला में चौथे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को 8 विकेट से हराकर सीरीज पर 2-1 से कब्जा जमाया। टीम इंडिया ने 85 साल के टेस्ट क्रिकेट इतिहास में पहली बार लगातार सात टेस्ट सीरीज जीती।
भारत को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज के पहले मैच में 333 रनों से करारी हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद टीम इंडिया ने जबर्दस्त वापसी करते हुए बेंगलुरू में दूसरा टेस्ट जीता। रांची में तीसरे टेस्ट के ड्रॉ होने के बाद मेजबान टीम ने धर्मशाला में चौथे टेस्ट में – विकेट से जीत दर्ज की। इस तरह भारत ने सीरीज 2-1 से अपने नाम की।
भारत के लगातार सात टेस्ट सीरीज जीतने का सिलसिला 2015 में श्रीलंका में शुरू हुआ था जब विराट के धुरंधरों ने 2-1 से जीत दर्ज की। भारतीय टीम ने इसके बाद अपने घर में द. अफ्रीका को 3-0 से हराया। भारत ने वेस्टइंडीज को उसी के घर में 2-0 से हराया। इसके बाद टीम इंडिया का अपने घर में लगातार चार टेस्ट सीरीज जीत का क्रम शुरू हुआ। भारत ने न्यूजीलैंड को 3-0 से और इंग्लैंड को 4-0 से रौंदा। भारत ने बांग्लादेश को 1-0 से हराने के बाद अब ऑस्ट्रेलिया को 2-1 से पीटा।

बन्दुक से खेलने वाली लडकिया खेलेगी फुटबाल

महानगर में एक हफ्ते बाद एक अलग दृश्य देखने को मिलेगा। माओवादियों के गढ़ जंगल महल में एक समय हाथों में बंदूक थाम खून की होली खेलने वाली लड़कियों फुटबॉल खेलती हुई दिखाई देंगी।
माओवादी से फुटबॉलर बनीं ये लड़कियां कोलकाता महिला प्रीमियर फुटबॉल लीग में खेलेंगी। 30 मार्च से कोलकाता में शुरू होने वाले इस लीग में सरोजिनी नायडू क्लब नाम की टीम पहली बार हिस्सा ले रही है।
खास बात यह है कि इस क्लब की सभी 19 महिला फुटबॉलर एक समय माओवादी संगठन का हिस्सा थीं। ये सभी जंगल महल इलाके में ही रहती हैं।
आर्थिक रूप से बेहद गरीब आदिवासी परिवार से ताल्लुक रखने वाली इन लड़कियों को एक समय दो वक्त की रोटी के लिए माओवादियों के गिरोह में शामिल होने के लिए मजबूर होना पड़ा था।
माओवादियों के दबाव व आकर्षक लुभावने ऑफर के चक्कर में फंसकर इन लड़कियों को कुख्यात जंगलमहल के घने जंगलों में शरण लेनी पड़ी। उन्हें हथियार उठाने पड़ते थे।
2011 में पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार बनने पर जंगल महल में माओवादी गतिविधियां बंद हुई तो इन लड़कियों का नया जीवन शुरूहो गया।
पश्चिम बंगाल के मशहूर फुटबॉल कोच रत्ना नंदी व उनके पति रघु नंदी ने इन आदिवासी लड़कियों की पहचान बदल दी। इन लड़कियों को सामान्य जीवन में लाकर फुटबॉल की दुनिया में पहचान दिलाने का श्रेय नंदी दंपती को जाता है।

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की विराट सफलता के पीछे का एक कारण

पूर्व राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की विराट सफलता के पीछे निश्चित रूप से उनकी कड़ी मेहनत और लगन ही थी, लेकिन एक छोटा-सा काम और था जिसने कलाम को इतना महान बनाया। यह
काम था रोज सुबह कागजों को अलग-अलग हिस्सों में छांटकर उन पर काम करना।
यह खुलासा खुद डॉ. कलाम ने स्कूली बच्चों के एक सवाल के बदले किया था। वे सुबह 5 बजे उठते और रोजाना एक घंटा खुली हवा में जरूर टहलते। इस दौरान दिन में कम से कम तीन महत्वपूर्ण काम पूरे करने की योजना
बनाते। फिर लौटकर स्नान आदि से निवृत्त होकर ऑफिस पहुंचते। वहां सबसे पहले खुद अपनी टेबल, डेस्क आदि की सफाई करते।
इसे वे स्वावलंबन का पहला सबक कहते थे। इसके ठीक बाद वे सारे कागज लेकर बैठते और पांच मिनट उन्हें देते। इन कागजों को वे तीन श्रेणियों में बांटते- सबसे जरूरी, कम जरूरी और दीर्घावधि। सबसे जरूरी काम वाले
कागजों को अपनी आंखों के सामने डेस्क रखते और उनसे जुड़ा काम किसी भी सूरत में उस दिन पूरा कर लेते।
कम जरूरी को अपने अधीनस्थों को देते और दीर्घावधि पर खुद लंबे समय की योजना बनाते। डॉ. कलाम के मुताबिक यही एक काम उनकी सफलता का सबसे छोटा किंतु गहरा राज था।