सेंट्रल स्कूल में टीचर ने स्टूडेंट को जबरन दौड़ाया , गिरा तो फिर उठा ही नहीं

ग्वालियर। केन्द्रीय विद्यालय में फिजीकल टेस्ट के दौरान एक स्टूडेंट को टीचर ने तबीअत खराब होने के बाद भी डांट लगाकर दौड़ा दिया। स्टूडेंट दौड़ा, लेकिन ट्रैक पर गिर पड़ा। उसके बाद वह उठ ही नहीं सका, क्योंकि उसकी मौत हो गई थी। स्टूडेंट की मौत के बाद परिजनों ने टीचर के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। भिंड के सेंट्रल स्कूल में टेस्ट चल रहे हैं, बुधवार को फिजीकल एजूकेशन का टेस्ट था।10वीं के स्टूडेंट अभिषेक राजावत ने टीचर को बताया कि वह बीमार है, इसलिए दौड़ नहीं पाएगा।स्पोर्ट्स टीचर उर्मिला ठाकुर ने स्टूडेंट की दलील नहीं मानी और उसे जबरदस्ती ट्रैक पर भेज कर दौड़ा दिया।अभिषेक कुछ दूर ही दौड़ पया था कि लड़खड़ा कर ट्रैक पर गिर पड़ा।लोग दौड़कर पहुंचे, अभिषेक को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।बच्चे की मौत की सूचना पर उसे परिजन सेंट्रल स्कूल पहुंचे और स्पोर्ट्स टीचर उर्मिला की मारपीट कर दी।पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है, साथ ही स्कूल प्रशासन भी मामले की जांच कर रहा है।

फेस्टीवल सीजन में चना दाल हुई रिकॉर्ड महंगी, 145 रुपए किलो बिक रहा बेसन

भोपाल. इस दिवाली अपनों के लिए मठरी, चकली-चूड़ा खरीदना और बनाना महंगा पड़ेगा। इसमें इस्तेमाल होने वाला बेसन 145 रुपए प्रति किलो हो गया है। तेजी का आलम यह है कि रोजाना इसके दाम 2 से 4 रुपए तक बढ़ रहे हैं। राजधानी के बाजारों में पिछले 30 दिनों में त्योहारों की यह सबसे अहम सामग्री करीब 60 रुपए किलो तक महंगी हो चुकी है।यह स्थिति चना दाल के थोक बाजार में 137 रुपए किलो तक पहुंचने के बाद बन रही है। केवल बुधवार को इसके दाम 10 रुपए बढ़े।मौजूदा स्तर पर यह बाजार में बिक रही सबसे महंगी दाल है। 4 से 5 दशकों से केवल दाल का कारोबार कर रहे व्यापारी खासे हैरान हैं।वे कहते हैं सामान्य स्थिति में तुअर,उड़द और मुंग जैसी दालों की तुलना में चना दाल आधे दामों में बिकती है। लेकिन आज तो मूंग की दाल चने से आधे दामों में बिक रही है। बाकी दोनों दालों के दाम भी चने से खासे कम है।कीमतों को काबू करने के लिए मंत्रिमंडलीय सचिव पी.के सिन्हा ने उपभोक्ता मामलात विभाग को सभी विकल्पों पर विकल्पों पर विचार करने को कहा है।
अगले पंद्रह दिन चना और चना दाल के भावों में गिरावट की संभावना भी कम बताई जा रही है।
उधर, सरकार ने सरकारी एजेंसियों से 90 हजार टन चना दाल आयात करने का फैसला किया है। राज्यों से स्टॉक लिमिट लगाने और जमाखोरों के खिलाफ कार्रवाई को कह दिया है।मप्र दाल-चावल एसोसिएशन के अध्यक्ष मोतीराम वाधवानी कहते हैं कि चने की दाल में न तो कभी इतनी तेजी सुनी न देखी। हम 40 साल से दाल का ही कारोबार कर रहे हैं। इस तेजी से सरकार के कान खड़े हो गए हैं।