नडाल ने किया ऑस्ट्रेलियन ओपन टेनिस टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश

शीर्ष वरीय प्राप्त रफाएल नडाल ने अर्जेंटीना के डिएगो श्वार्ट्जमैन की चुनौती को ध्वस्त करते हुए 10वीं बार ऑस्ट्रेलियन ओपन टेनिस टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया। 16 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन नडाल ने 24वीं वरीय श्वार्ट्जमैन को 6-3, 6-7 (4), 6-3, 6-3 से हराया।
नडाल ने पहले तीन विरोधियों के खिलाफ एक भी सेट नहीं गंवाया था, लेकिन श्वार्ट्जमैन ने अपने ताकतवर शॉट्स के जरिए नडाल को काफी परेशान किया लेकिन वह उनके अनुभव के आगे सफल नहीं हो सके। नडाल ने 3 घंटे 51 मिनटों के संघर्ष के बाद जीत दर्ज की। नडाल अब स्टीफन एडबर्ग के साथ संयुक्त तौर पर दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं जिन्होंने पेशेवर युगल में ऑस्ट्रेलियन ओपन में सबसे ज्यादा बार क्वार्टर फाइनल में पहुंचने का रिकॉर्ड बनाया है। फेडरर (14) इस सूची में शीर्ष पर हैं। अब नडाल का अगले दौर में सामना मारिन सिलिच से होगा।
सिलिच की 100वीं ग्रैंड स्लैम जीत : क्रोएशिया के मारिन सिलिच ने स्पेन के पाब्लो कारेआ बुस्टा को हराकर 11वीं बार ग्रैंड स्लैम के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। छठी वरीय सिलिच ने करीब साढ़े तीन घंटे के मैराथन मैच में बुस्टा को 6-7 (7), 6-3, 7-6 (0), 7-6 (7) को मात दी। यह उनके करियर की 100वीं ग्रैंड स्लैम जीत है।
एडमंड अंतिम आठ में: ब्रिटेन के काइल एडमंड ने एक सेट से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए इटली के आंद्रेयास सेप्पी को 6-7 (4), 7-5, 6-2, 6-3 से हराकर पहली बार ग्रैंड स्लैम के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। एडमंड ने मैच के दौरान 25 ऐस सर्विस की। वह 1985 में जॉन लॉयड के बाद एंडी मरे के अलावा ऑस्ट्रेलियन ओपन के अंतिम आठ में पहुंचने वाले दूसरे ब्रिटिश खिलाड़ी बनें। बुल्गारिया के ग्रीगोर दिमित्रोव ने रोमांचक मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के निक किर्गीयोस को चौथे ही दौर में मात दी। तीसरी वरीय दिमित्रोव ने 64 वीनर्स लगाते हुए किर्गीयोस को 7-6 (3), 7-6 (4), 4-6, 7-6 (4) से हराया। अगले दौर में उनका सामना एडमंड से होगा।
वोज्नियाकी 6 साल बाद क्वार्टर फाइनल में : नंबर दो खिलाड़ी डेनमार्क की कैरोलिन वोज्नियाकी ने ऑस्ट्रेलियन ओपन के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। विश्व की पूर्व नंबर एक खिलाड़ी वोज्नियाकी ने प्री-क्वार्टर फाइनल में स्लोवाकिया की मैग्दालेना रिबारिकोवा को 6-3, 6-0 से मात दी। दूसरी वरीय वोज्नियाकी साल 2012 में बेल्जियम की किम क्लिस्टर्स के हाथों मिली हार के बाद यहां अंतिम आठ में पहुंची है।
सुआरेज ने कोंटावेट को हराया : स्पेन की कार्ला सुआरेज नवारो ने इस्टोनिया की एनेट कोंटावेट को 2 घंटे 17 मिनट तक चले मैच में 4-6, 6-4, 8-6 से हराकर अंतिम आठ में जगह बनाई। वह तीसरी बार इस ग्रैंड स्लैम के क्वार्टर फाइनल में पहुंचीं हैं। अब उनका सामना वोज्नियाकी से होगा। पहली बार मुख्य ड्रॉ में जगह बनाने वाली बेल्जियम की एलिसे मेर्टेन्स ने पहली बार इस ग्रैंड स्लैम के अंतिम में जगह बनाई। विश्व की 37वें क्रम की मेर्टेन्स ने क्रोएशिया की पेट्रा मार्टिक को 7-6 (5), 7-5 से मात दी।

भारत का ओसामा बिन लादेन कहा जाने वाला दिल्ली से गिरफ्तार

भारत का ओसामा बिन लादेन कहा जाने वाला इंडियन मुजाहिदीन का मोस्ट वांटेड आतंकी दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है। गणतंत्र दिवस के ठीक पहले दिल्ली पुलिस को यह बड़ी सफलता मिली है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने देश के मोस्ट वांटेड इंडियन मुजाहिदीन आतंकी अब्दुल सुभान कुरैशी उर्फ तौकीर को गिरफ्तार किया है। यह आतंकी इंडिया मुजाहिदीन का सह-संस्थापक है और सिमी का कमांडर रहा है। इसकी गिरफ्तारी शनिवार रात को हुई एक मुठभेड़ के बाद हुई है।
गिरफ्तारी को लेकर मीडिया से बात करते हुए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के डीसीपी प्रमोद कुशवाह ने बताया कि गिरफ्तारी गाजीपुर से हुई है। तौकीर देश में फिर से इंडियन मुजाहिदीन को जिंदा करने की कोशिश में दिल्ली आया था। यह अभी तक नकली पहचान के दम पर नेपाल में रह रहा था।
उन्होंने आगे बाताया कि तौकीर बम बानाने में माहिर है और अच्छी शिक्षा के चलते वो कई बड़ी आईटी कंपनियों में भी काम कर चुका है। उसने अच्छी नौकरी छोड़कर आतंक का रास्ता अपनाया और आतंकियों को ट्रेनिंग देता था। गुजरात धमाकों के बाद यह मध्यप्रदेश और बिहार भी गया था। यह आतंकी 2007 से 2013 के बीच हुई कई धमाकों में आरोपी था।
बताया जा रहा है कि इंडियन मुजाहिदीन का यह आतंकी गुजरात में 2008 में हुए सीरियल ब्लास्ट का आरोपी है। कुरेशी प्रतिबंधित संगठन सीमी का कमांडर है जिसने बाद में इंडियन मुजाहिदीन लॉन्च किया था। उसके खिलाफ कई राज्यों में आतंकी गतिविधियों के मामले में केस दर्ज हैं।
कुरेशी 2011 से फरार बताया जा रहा है और एनआईए ने 2012 में उसके सिर पर 4 लाख रुपए का इनाम भी रखा था। महाराष्ट्र के रहने वाले तौकीर के खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी कर रखा था।

वडोदरा के केमिकल फैक्ट्री में धमाके से चार लोगों की मौत

वडोदरा के बाहरी इलाके में एक केमिकल फैक्ट्री में धमाके से चार लोगों की मौत हो गई और नौ अन्य घायल हो गए।
वडोदरा की जिलाधिकारी पी भारती ने बताया कि जीएसपी क्रॉप साइंस प्राइवेट लिमिटेड के फिल्टर में शाम लगभग साढ़े पांच बजे आग लग गई।
देखते-ही-देखते आग फैल गई और इसमें चार लोगों की मौत हो गई। मारे गए सभी लोग फैक्ट्री के कर्मचारी थे। पुलिस ने हादसे के चलते मौत का मामला दर्ज कर लिया है।
फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। हादसे में घायल लोगों को आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें दो की हालत गंभीर है।
वडोदरा के डीसीपी गौतम परमार ने बताया कि अग्निशमन कर्मचारियों को आग पर काबू पाने में लगभग दो घंटे का समय लगा।
इससे मशीनों और अन्य उपकरणों को काफी नुकसान पहुंचा है। हादसे के समय 13 कर्मचारी फैक्ट्री में काम कर रहे थे।

महिला और पुरुष टीम की अगुआई करेंगे एशियाई बैडमिंटन टीम चैंपियनशिप में

ओलिंपिक रजत विजेता पीवी सिंधू और विश्व के नंबर तीन किदांबी श्रीकांत मलेशिया में 6 से 11 फरवरी तक होने वाली एशियाई बैडमिंटन टीम चैंपियनशिप में भारत की ओर से क्रमशः महिला और पुरुष टीम की अगुआई करेंगे। 2016 में हैदराबाद में हुई पिछली चैंपियनशिप में भारतीय पुरुष टीम सेमीफाइनल में इंडोनेशिया से जबकि महिला टीम क्वार्टर फाइनल में दक्षिण कोरिया से हारी थी।
भारतीय बैडमिंटन संघ (बीएआई) ने इस साल मजबूत टीम के साथ इस टूर्नामेंट में उतरने का फैसला किया है। यह टूर्नामेंट थॉमस और उबेर कप का क्वालीफिकेशन टूर्नामेंट भी होगा।पुरुष टीम में श्रीकांत के अलावा एचएस प्रणय, साईं प्रणीत और समीर वर्मा हैं।
महिला एकल में सिंधू के साथ साइना नेहवाल, कृष्णा प्रिया और रुत्विका हैं। पुरुष युगल में सात्विक साईराज-चिराग शेट्टी, विश्व नंबर-32 जोड़ी मनु अत्री-सुमित रेड्डी, श्लोक रामचंद्रन-एमआर अर्जुन जबकि महिलाओं में अश्विनी पोनप्पा और सिक्की रेड्डी, प्राजक्ता सावंत-संयोगिता, रितुपर्णा दास-मिथिला यूके हैं।
सिबू (मलेशिया)। भारतीय शटलर बी साईं प्रणीत और महिला युगल में अश्विनी पोनप्पा और एन सिक्की रेड्डी की जोड़ी गुरुवार को अपने-अपने मुकाबले हारकर मलेशिया मास्टर्स से बाहर हो गई। पुरुष एकल में प्रणीत को शीर्ष वरीय डेनमार्क के विक्टर एक्सलसन ने सीधे गेमों में 21-17, 21-8 से मात दी।
वहीं, डेनमार्क की महिला युगल जोड़ी कामिला रेटर जुहल और क्रिस्टिना पीडरसेन ने पोनप्पा और सिक्की रेड्डी की जोड़ी को सीधे गेमों में 21-15, 21-15 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखाया।

भगत सिंह को पाकिस्तान का सर्वोच्च वीरता पुरस्कार “निशान-ए-हैदर” मिलना चाहिए

शहीद-ए-आजम भगत सिंह को पाकिस्तान का सर्वोच्च वीरता पुरस्कार “निशान-ए-हैदर” मिलना चाहिए। साथ ही लाहौर के शादमान चौक पर उनकी एक प्रतिमा लगाई जानी चाहिए। यह मांग पाकिस्तान के एक संगठन की ओर से की गई है। यह संगठन स्वतंत्रता के इस महान सेनानी को कोर्ट में निर्दोष साबित करने के लिए काम कर रहा है।
शहीद भगत सिंह को दो अन्य स्वतंत्रता सेनानियों राजगुरु और सुखदेव के साथ 23 मार्च, 1931 को 23 साल की उम्र में लाहौर में फांसी दी गई थी। इन पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ षड्यंत्र रचा और ब्रिटिश पुलिस अधिकारी जॉन पी सांडर्स की हत्या की।
पाकिस्तान की पंजाब प्रांत की सरकार को दी अपनी ताजा अर्जी में भगत सिंह मेमोरियल फाउंडेशन ने कहा है कि भगत सिंह ने उपमहाद्वीप की स्वतंत्रता के लिए अपना बलिदान दिया था।
याचिका के अनुसार, “पाकिस्तान के संस्थापक कायदे आजम मोहम्मद अली जिन्ना ने भगत सिंह को यह कहते हुए श्रद्धांजलि दी थी कि उपमहाद्वीप में उनके जैसा कोई वीर शख्स नहीं हुआ है। भगत सिंह हमारे नायक हैं। वह मेजर अजीज भट्टी की तरह ही सर्वोच्च वीरता पुरस्कार (निशान-ए-हैदर) पाने के हकदार हैं, जिन्होंने भगत सिंह को हमारा नायक तथा आदर्श घोषित किया था।”
फाउंडेशन ने शादमान चौक का नाम भगत सिंह चौक करने की भी मांग की। फाउंडेशन ने कहा, “पंजाब सरकार को इसमें और विलंब नहीं करना चाहिए। जो देश अपने नायकों को भुला देते हैं, वे धरती से गलत शब्दों की तरह मिट गए हैं।”

डब्लूईएफ सम्मेलन से पहले पीएम मोदी ने शुक्रवार को दुनिया पर छोड़ी अपनी छाप

दावोस में होने वाले डब्लूईएफ सम्मेलन से पहले पीएम मोदी ने शुक्रवार को कहा कि भारत ने दुनिया पर अपनी छाप छोड़ी है और अब जरूरत उसका लाभ उठाने की है। भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है और सभी रेटिंग एजेंसियों समेत दुनियाभर ने इसे मान्यता दी है। “दावोस” भारत के लिए बेहतरीन अवसर है क्योंकि देश के पास एक बड़ा बाजार और जनसांख्यिकीय ताकत है।
सम्मेलन के लिए पहली बार दावोस जाने से पहले प्रधानमंत्री ने एक समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा कि भारत की नीतियों और विकास क्षमताओं के बारे में दुनिया सीधे उसके मुखिया से सुनना चाहती है। विश्व आर्थिक मंच (डब्लूईएफ) सम्मेलन में 125 करोड़ भारतीयों की सफलता की कहानी सुनाने में उन्हें बेहद गर्व होगा। प्रधानमंत्री 23 जनवरी को सम्मेलन में उद्घाटन भाषण देंगे। यह पहला मौका होगा जब डब्लूईएफ सम्मेलन की शुरुआत भारतीय प्रधानमंत्री के भाषण से होगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआइ) में बड़ा उछाल आया है। यह स्वाभाविक है कि दुनिया भारत से सीधे बात करना चाहती है। दावोस सम्मेलन को वैश्विक अर्थव्यवस्था के सबसे बड़े उद्योगपतियों, वित्तीय संस्थाओं और नीतिनिर्धारकों की सभा करार देते हुए मोदी ने कहा कि वह अब तक वहां नहीं जा सके।
लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्सवों की तरह चुनावों की तारीखें भी फिक्स होनी चाहिए ताकि राजनेताओं और नौकरशाहों को पूरे साल चुनाव प्रचार और चुनाव कराने में व्यस्त न रहना पड़े। सभी चुनावों के लिए उन्होंने एक ही मतदाता सूची की भी वकालत की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह देश का दुर्भाग्य है कि इसका जातिगत राजनीति का इतिहास रहा है। लेकिन उनकी सरकार का मंत्र सिर्फ विकास है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा
– मैं सामान्य इंसान हूं, सारे प्रोटोकॉल नहीं जानता हूं।
– सवा सौ करोड़ देशवासियों को अपने अंदर जीता हूं।
– देशवासियों की इच्छाशक्ति बहुत अहम।
– आपको दुनिया के सामने अपने वजूद का अहसास कराना होगा।
– विश्व ने देखा कि हम अलग सोच वाली अलग सरकार हैं।
– ग्लोबल वामिर्ग के मुद्दे पर भारत की निर्णायक भूमिका।
– हमने अंतरराष्ट्रीय मुद्दे पर आतंकवाद की बात को उठाया।
– आलोचना को अवसर में बदलना मेरा स्वभाव
– आर्थिक, सामाजिक दृष्टि से गुड गवनेर्स की ओर ठोस कदम।
– हम देश के लोगों को मुख्यधारा में लाने में सफल रहे।
– बैंकों के राष्ट्रीयकरण के बाद भी 30-40 फीसद लोग बैंकिंग में नहीं थे।
– आगामी बजट पर कहा, विकास किया है, विकास करेंगे।

आदमी पार्टी के 20 विधायकों की सदस्यता जानी लगभग तय

लाभ के पद मामले में उलझे आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों की सदस्यता जानी लगभग तय है। लंबे इंतजार के बाद चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति से इन विधायकों की सदस्यता खत्म कर देने की अनुशंसा की है। राष्ट्रपति से मंजूरी मिलते ही आयोग उनकी सदस्यता खत्म कर देगा। हालांकि, चुनाव आयोग की ओर से इस मामले में अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। संपर्क किए जाने पर मुख्य चुनाव आयुक्त एके जोति ने कहा कि वह इस मामले में फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।
दूसरी ओर, आप के सभी प्रभावित विधायक दिल्ली हाई कोर्ट पहुंच गए। इस पर कोर्ट ने आयोग के वकील से 22 जनवरी तक यह बताने को कहा कि क्या आयोग ने विधायकों को अयोग्य घोषित किए जाने की सिफारिश राष्ट्रपति के पास भेज दी है? कोर्ट ने उसकी कॉपी भी मांगी। हालांकि, कोर्ट ने विधायकों को कोई फौरी राहत देने से इन्कार कर दिया।
उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को भेजी सिफारिश में कहा है कि संसदीय सचिव होने के नाते ये विधायक 13 मार्च, 2015 से 8 सितंबर, 2016 तक लाभ के पद पर रहे। इस कारण वे दिल्ली विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित किए जाने के पात्र हैं। संसदीय सचिव मंत्रियों को उनके कामकाज में सहायता करते हैं।
इस मामले में राष्ट्रपति चुनाव आयोग की सिफारिशों से बंधे हैं। नियमानुसार, राष्ट्रपति विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग वाली अर्जी चुनाव आयोग को भेजते हैं। इसके बाद आयोग उन्हें अपनी सिफारिश देता है, जिसे राष्ट्रपति भवन स्वीकार करता है।
70 सदस्यीय दिल्ली विधानसभा में दलीय स्थिति को देखते हुए अरविंद केजरीवाल सरकार को फिलहाल कोई खतरा नहीं है। आप के अभी 66 विधायक हैं। 20 के अयोग्य होने के बाद भी उसके 46 विधायक बचेंगे।
लाभ के पद मामले में 21 विधायक घिरे हुए थे। लेकिन, राजौरी गार्डन के विधायक जरनैल सिंह को पार्टी ने गत वर्ष पंजाब चुनाव लड़ने के लिए उतारा था। इसके चलते उन्होंने दिल्ली विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। चुनाव आयोग ने तभी उनके खिलाफ कार्रवाई बंद कर दी थी। बाकी 20 विधायकों के खिलाफ आयोग में मामला चल रहा था।
-राष्ट्रपति द्वारा आयोग की सिफारिश माने जाने के बाद 20 विधायक अयोग्य घोषित हो जाएंगे।
-अयोग्य घोषित विधायकों के पास कोर्ट जाने का विकल्प होगा। लेकिन, पूर्व के फैसले को देखते हुए राहत की गुंजाइश कम है।
-ऐसे में छह महीने के भीतर इन सीटों पर उपचुनाव होंगे। आप के लिए सभी सीटों पर जीतकर आना आसान नहीं होगा।
संविधान के अनुच्छेद 102-1ए के तहत सांसद या विधायक ऐसे किसी अन्य पद पर नहीं हो सकते, जिसके लिए वेतन, भत्ते या अन्य दूसरे तरह के लाभ मिलते हों।
-संविधान के अनुच्छेद 191-1ए और जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 9ए के तहत भी सांसदों और विधायकों को अन्य पद लेने से रोकने का प्रावधान है।
-सांसदों या विधायकों की अयोग्यता के लिए लाभ के पद पर होना ही काफी है। भले ही वेतन, भत्ते या अन्य सुविधा नहीं लिया गया हो।
मेरे और केजरीवाल के रास्ते उसी समय अलग हो गए थे, जब उन्होंने राजनीतिक पार्टी बनाई थी। अगर पार्टियों से देश चलता, तो आजादी के 70 साल बाद भी ऐसे हालात नहीं होते।
एके जोति गुजरात में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधान सचिव रहे और बाद राज्य के मुख्य सचिव भी बने। वह सोमवार को रिटायर हो रहे हैं। इसलिए मोदीजी का कर्ज चुकाना चाहते हैं।
आप के 20 विधायकों को अयोग्य घोषित किए जाने के आयोग के फैसले का हम स्वागत करते हैं। अरविंद केजरीवाल को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए।
केजरीवाल सरकार के आधे मंत्री भ्रष्टाचार के आरोप में हटाए गए। 20 विधायक अयोग्य होंगे। मंत्री और विधायक विदेश दौरा कर रहे हैं। कहां है लोकपाल? कहां है शुचिता?

मध्यप्रदेश में अगली सरकार किसकी बनेगी

मध्यप्रदेश में अगली सरकार किसकी बनेगी, यह युवा मतदाता तय करेंगे। ढाई करोड़ से ज्यादा मतदाताओं की उम्र 40 साल से कम है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने शुक्रवार को विशेष पुनरीक्षण के बाद अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया है। इसके मुताबिक प्रदेश में मतदाताओं की कुल संख्या 5 करोड़ 7 लाख 80 हजार 375 हो गई है। इसमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 2 करोड़ 65 लाख 78 हजार 270 और महिलाओं मतदाताओं की संख्या 2 करोड़ 42 लाख 788 हो गई है। थर्ड जेंडर मतदाताओं की संख्या 1 हजार 317 है।
प्रदेश में सबसे ज्यादा मतदाता संख्या वाली सीटों के हिसाब से देखा जाए तो इंदौर की विधानसभा सीट क्रमांक पांच में 3 लाख 80 हजार 107 मतदाता हैं। यहीं की इंदौर एक में 3 लाख 47 हजार 817, इंदौर दो में 3 लाख 37 हजार 953, भोपाल की गोविंदपुरा में 3 लाख 59 हजार 514, नरेला में 3 लाख 27 हजार 124 और हुजूर में मतदाताओें की संख्या 3 लाख 11 हजार 44 है।
ग्वालियर पूर्व में 3 लाख 4 हजार 84 मतदाता हैं। इसी तरह कम मतदाताओं के नजरिया से देखा जाए तो सबसे कम 1 लाख 52 हजार 886 मतदाता कोतमा विधानसभा में हैं। ज्यादातर विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या दो से ढाई लाख के बीच निकली है।

वो कौन-सा बल्लेबाज है, जो पूरी तरह नाकाम रहा

दक्षिण अफ्रीकी दौरे पर टीम इंडिया ने लगातार दो टेस्ट मैच हारकर सीरीज गंवा दी है। सेंचुरियन में खेले गए दूसरे टेस्ट में जीत का मौका था, लेकिन आखिर में 135 रनों से हार का मुंह देखना पड़ा।
सवाल उठा कि दूसरे टेस्ट में गेंदबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया, फिर भी टीम क्यों हार गई। क्या बल्लेबाजों ने डूबोया? हां, तो वो कौन-सा बल्लेबाज है, जो पूरी तरह नाकाम रहा। विराट कोहली ने तो पहली पारी में शतक जड़ा था। मुरली विजय ने भी ठीक-ठाक 46 रन बनाए थे। रोहित शर्मा ने भी दूसरी पारी में 47 रन की पारी खेली थी। …तो कौन?
पोल की मानें तो इस हार के विलेन हैं चेतेश्वर पुजारा। 38 फीसदी लोगों ने विराट को दोषी माना है, वहीं 62 फीसदी पुजारा को जिम्मेदार मानते हैं।
मालूम हो, पुजारा के नाम सेंचुरियन टेस्ट मैच में ऐसा रिकॉर्ड दर्ज हो गया जिसे वे कभी भी अपने नाम पर नहीं चाहते। वे किसी टेस्ट मैच की दोनों पारियों में रन आउट होने वाले पहले भारतीय क्रिकेटर बने। टेस्ट क्रिकेट में ऐसा करिश्मा दिसंबर 2000 के बाद हुआ जब कोई बल्लेबाज दोनों पारियों में रन आउट हुआ। न्यूजीलैंड के स्टीफन फ्लेमिंग के साथ जिम्बाब्वे के खिलाफ ऐसा हुआ था। टेस्ट क्रिकेट इतिहास में 23वीं बार ऐसा हुआ जब कोई बल्लेबाज दोनों पारियों में रन आउट हुआ।
पुजारा 19 रन बनाकर दूसरी पारी में रन आउट हुए। पार्थिव पटेल ने शॉट खेला और वे तीसरे रन के लिए दौड़े, इस बीच डीविलियर्स के थ्रो पर विकेटकीपर डी कॉक ने पुजारा को रन आउट किया। पुजारा पहली पारी में तो पहली ही गेंद पर रन आउट हुए थे। उन्होंने लुंगी नजीडी की गेंद को मिडऑन की तरफ खेला और सिंगल के लिए दौड़े। इस बीच गेंदबाज नजीडी ने गेंद कलेक्ट कर नॉन स्ट्राइकर छोर पर पुजारा को रन आउट किया।
सेंचुरियन में हार के बाद विराट ने कहा था, गेंदबाजों ने अपना काम शानदार तरीके से अंजाम दिया, लेकिन बल्लेबाजों की असफलता की वजह से हमें निराशा हाथ लगी। सेंचुरियन की पिच बहुत सपाट थी। हमारे पास रन बनाने का सुनहरा मौका था। द. अफ्रीका की पहली पारी के बाद हम लय थे और हमें पहली पारी में बढ़त हासिल करनी चाहिए थे, लेकिन बल्लेबाजों ने निराश किया।

पाकिस्तानी सीनेट के चेयरमैन रजा रब्बानी ने बताया अमेरिका, इजरायल और भारत के बीच गठजोड़ को मुस्लिम दुनिया के लिए बड़ा खतरा

पाकिस्तानी सीनेट के चेयरमैन रजा रब्बानी ने अमेरिका, इजरायल और भारत के बीच गठजोड़ को मुस्लिम दुनिया के लिए बड़ा खतरा बताया है। रब्बानी ने इस्लामिक देशों के संसदीय संघ के 13वें सत्र को संबोधित करते हुए यह कहा है। सीनेट सचिवालय ने एक दिन पहले बुधवार को बयान जारी किया था। बयान में कहा गया है कि रब्बानी ने कहा है, “दुनिया के देशों के बीच रिश्ते बदल रहे हैं।अमेरिका, इजरायल और भारत के बीच बन रहे गठजोड़ से मुस्लिम दुनिया को खतरा है और इससे निपटने के लिए मुस्लिम दुनिया को एकसाथ आने की जरूरत है।” उन्होंने कहा कि आज पाकिस्तान और ईरान हैं कल कोई और देश हो सकता है। गौरतलब है कि अमेरिका ने हाल ही में पाकिस्तान की सैन्य सहायता पर रोक लगा दी है। ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शन को अमेरिका ने अपना समर्थन दिया था।
अमेरिका द्वारा आर्थिक मदद रोके जाने से परेशान पाकिस्तान ने साफ किया है कि वह वाशिंगटन की मदद के बिना भी जिंदा रह सकता है। लेकिन राष्ट्रीय अखंडता के साथ समझौता नहीं करेगा। न्यूज इंटरनेशनल में गुरुवार को प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने सीनेट की वित्तीय मामलों की स्टैडिंग कमेटी से कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों के बाद वाशिंगटन के साथ पाकिस्तान के रिश्ते सामान्य नहीं रह गए हैं।