दुनिया के अकेले शख्स जिनके अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिका के सबसे बड़े दुश्मन किम जोंग से अच्छे संबंध

अमेरिका के पूर्व बास्केटबॉल (NBA) खिलाड़ी डेनिस रोडमैन चर्चा में हैं। इस बार अपने खेल या अजीब-गरीब स्टाइल के कारण नहीं, बल्कि उत्तर कोरिया के अपने लगातार दौरों को लेकर। डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन के बीच जैसी तनातनी चल रही है, उसमें सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर डेनिस ऐसा क्यों कर रहे हैं और उनका मकसद क्या है? यहां हम आपको इसी बारे में बताएंगे।
56 साल के डेनिस बास्केटबॉल से रिटायर हो चुके हैं। वे खुद को बैड बॉय बताते हैं। उनकी पहचान शानदार खेल के साथ ही अजीब हेयरस्टाइल और टैटू के कारण भी है।
मेडोना के साथ उनके संबंध रहे, लेकिन उन्होंने शादी रचाई हॉलीवुड अभिनेत्री कारमैन एलेक्ट्रा से। हालांकि यह रिश्ता लंबा नहीं चला। डेनिस ने रेसलिंग और एक्टिंग में भी हाथ आजमाया। साथ ही कई ऑटोबायोग्राफी भी लिखी हैं।
डेनिस के बारे में कहा जाता है कि वे दुनिया के अकेले शख्स हैं, जिनके अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और आज की तारीख में अमेरिका के सबसे बड़े दुश्मन किम जोंग उन से अच्छे संबंध हैं।
ऐसे हुई तानाशाह से दोस्ती
डेनिस 2013 में पहली बार नॉर्थ कोरिया गए थे। तब उन्होंने एक मीडिया कंपनी के साथ मिलकर बास्केटबॉल को प्रमोट करने का बीड़ा उठाया था। तभी उनकी किम जोंग उन से पहली मुलाकात हुई थी। बाद में डेनिस ने तानाशाह को अपना दोस्त बताया था।
जब डेनिस अपने राष्ट्रपति से मिले तो उन्होंने किम जोंग की तारीफ की थी और कहा था कि दोनों नेताओं को बास्केटबॉल पसंद है, इसलिए उन्हें दोस्ती कर लेना चाहिए।
किम जोंग से मुलाकात के बारे में डेनिस ने एक टीवी शो में कहा था कि हमने काफी अच्छा वक्त बिताया। हम स्कीईंग की, हॉर्स राइडिंग की और खूब मजे किए।
जुलाई 2013 में डेनिस ने घोषणा की थी कि उनका मकसद दोनों देशों के बीच जमी रिश्तों की बर्फ को पिघलाना है। इसके बाद 2014 में प्योंगयांग के इन्डोर स्टेडियम में अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच बास्केटबॉल का प्रदर्शन मैच हुआ। तब भी स्टेडियम में ये दोनों साथ बैठे नजर आए थे।
इसके बाद डेनिस कई बार उत्तर कोरिया जा चुके हैं और उनका हालिया दौरा जून 2017 में हुआ था। कुल मिलाकर वे पांच बार उत्तर कोरिया जा चुके हैं।
अमेरिका ने माना है कि डेनिस बार-बार उत्तर कोरिया जा रहे हैं, लेकिन ये उनकी निजी यात्राएं हैं, अमेरिकी सरकार उन्हें आधिकारिकतौर पर नहीं भेज रही है।

एटीएम हैक कर सात राज्यों के 300 लोगों के खातों से करोड़ों रुपये निकालने वाले गिरोह के तीन गिरफ्तार

राजस्थान पुलिस ने एटीएम हैक कर सात राज्यों के 300 लोगों के खातों से करोड़ों रुपये निकालने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनमें से दो आरोपी उत्तराखंड के रहने वाले सगे भाई हैं। तीनों आरोपियों ने राजस्थान, गुजरात, पंजाब, मध्य प्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश के करीब 300 लोगों के साथ धोखाधड़ी कर तीन करोड़ रुपये की ठगी की बात कुबूली है।
13 नवंबर को उत्तराखंड में रुड़की निवासी अजय राठौड़ और सचिन राठौड़ व उत्तर प्रदेश के सहारनपुर निवासी विजेंद्र सिह चौहान ने पाली जिले के रायपुर से सुरेंद्र सिह नामक व्यक्ति के खाते से 35 हजार रुपये निकाले थे। यह रकम एटीएम कार्ड बदलकर निकाली गई।
सुरेंद्र सिह को अपने खाते से पैसे निकलने की जानकारी मिली तो उसने जैतारण पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया। इस पर पुलिस ने जांच शुरू की और मुखबिर से सूचना मिलने पर थाना अधिकारी राजेंद्र सिह ने अपनी टीम के साथ तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में तीनों ने राजस्थान में 22 और अन्य राज्यों में 50 से अधिक शहरों व कस्बों में लोगों से धोखाधड़ी की बात स्वीकार की है। पुलिस के अनुसार ये तीनों आरोपी पिछले कई दिन से राजस्थान के अलग-अलग शहरों में घूमकर एटीएम हैक कर लोगों के खातों से पैसे निकाल रहे थे। इनका एक साथी फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।

अब आपका बिजली कनेक्शन भी आधार नंबर से लिंक होगा

बैंक खातों और मोबाइल नंबरों के बाद अब आपका बिजली कनेक्शन भी आधार नंबर से लिंक होगा। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने इस बारे में अपने वितरण केंद्रों को आदेश जारी कर दिए हैं। इंदौर-उज्जैन संभाग में फौरी तौर पर 11 लाख उपभोक्ताओं के नंबर लिंक करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
बिजली कंपनी के एमडी आकाश त्रिपाठी ने अपने सभी 475 विद्युत वितरण केंद्रों के प्रभारियों को उपभोक्ताओं से आधार नंबर लेने के निर्देश दिए हैं। इसमें कहा है कि बिल बांटते या बिल जमा करते वक्त सभी उपभोक्ताओं से आधार नंबर ले लिए जाएं और उन्हें उनके कनेक्शन के साथ कम्प्यूटर में फीड किए जाएं।
बिजली कंपनी ने आधार नंबरों के लिए अपने सॉफ्टवेयर में परिवर्तन करते हुए उपभोक्ता के नाम के साथ नया कॉलम भी जोड़ दिया है। फिलहाल कंपनी ने आधार नंबर देना उपभोक्ताओं के लिए अनिवार्य नहीं किया है। इन्हें स्वेच्छा से लिया जा रहा है।
उपभोक्ताओं के कनेक्शन से आधार लिंक करने की कोई खास वजह बिजली कंपनी नहीं बता रही। न ही शासन से इस बारे में आदेश जारी हुआ है। कंपनी कह रही है कि डिजिटलाइजेशन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए यह किया जा रहा है।
कंपनी सूत्रों के मुताबिक कंपनी धीरे-धीरे इस दिशा में आगे बढ़ रही है जिससे सभी उपभोक्ताओं की जानकारी सीधे आधार से लिंक हो जाएगी। ऐसे में सरकार की योजना, किसानों या गरीबी रेखा से नीचे लाभ दिए जाने पर सीधे आधार से कनेक्शन का वेरीफिकेशन हो सकेगा।
कनेक्शन से आधार जुड़ने पर नए कनेक्शनों में भी दस्तावेजी औपचारिकताओं की जरूरत खत्म होगी। वसूली और डिफॉल्टर की स्थिति में भी आधार से लिंक होना कंपनी के लिए खासा मददगार होगा।

शुरू होने जा रही भारत में फुटबॉल की सबसे बड़ी लीग शुक्रवार से

देश में पहली बार आयोजित हुए फीफा अंडर-17 विश्व कप से पैदा हुए उत्साह को भुनाने की बारी अब इंडियन सुपर लीग (आइएसएल) के चौथे संस्करण पर होगी। भारत में फुटबॉल की सबसे बड़ी लीग शुक्रवार से शुरू होने जा रही है।
टूर्नामेंट का उद्घाटन मुकाबला दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में केरला ब्लास्टर्स एफसी और एटलेटिको डि कोलकाता (एटीके) के बीच खेला जाएगा। इस लीग के विजेता को एएफसी कप में सीधे प्रवेश मिलेगा, जिसे एशिया में वही दर्जा हासिल है, जो यूरोप में यूरोपा लीग को है।
इस साल दो नई टीमें, टाटा ग्रुप की जमशेदपुर एफसी और बेहद पेशेवर बेंगलुरू एफसी लीग में पदार्पण कर रही हैं। आइएसएल को एशियाई फुटबॉल परिसंघ से मान्यता मिल चुकी है। जाहिर है, इसके बाद बेंगलुरु एफसी का इसमें शामिल होना तार्किक कदम माना जाएगा।
लीग में इस बार एक बदलाव और हुआ, जिसके मुताबिक अब टीमों के लिए अलेसांद्रो डेल पिएरो, मार्को मेटराजी और रॉबर्टो कार्लोस जैसे विश्व कप विजेता स्टार खिलाडियों से करार करना अनिवार्य नहीं रह गया है। इसके बदले अब देश के युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। अब किसी भी मैच में मैदान पर एक समय में कम से कम छह भारतीय खिलाड़ी होना अनिवार्य होगा।
चेन्नइयन एफसी के कोच जॉन ग्रेगरी ने कहा कि आइएसएल के चौथे सत्र से पहले पूर्व अभ्यास सत्र अच्छा रहा है और उनकी टीम का पहला लक्ष्य इसके प्लेऑफ में जगह बनाना है। उनकी टीम का पहला मुकाबला 19 नवंबर को एफसी गोवा से है।
पिछले साल सेमीफाइनल तक पहुंचने वाली मुंबई एफसी चौथे संस्करण में दम भरने को तैयार है। टीम के कोच अलेक्सांद्र गुईमारेस का मानना है कि उनकी टीम में दो शानदार गोलकीपर हैं। मुंबई एफसी का पहला मुकाबला 19 नवंबर को बेंगलुरु एफसी से होगा।

देश की बेटियां बार्डर की सुरक्षा में अग्रिम पक्तिं में

आज के समय में लड़कियां प्रत्येक क्षेत्र में नाम रोशन कर रही हैं। जहां पहली बार भारतीय वायु सेना ने महिलाओं को फाइटर पॉयलट के रुप में कमीशन प्रदान की, वहीं दूसरी तरफ देश की बेटियां बार्डर की सुरक्षा में अग्रिम पक्तिं में खड़ी हैं।
लेकिन उनकी यह उड़ान वहीं नहीं रुकी है। महाराष्ट्र सरकार ने प्रदेश की फायर ब्रिगेड में पहली बार बड़ी संख्या में महिलाओं की भर्ती की है।
जानकारी के मुताबिक महाराष्ट्र सरकार की फायर ब्रिगेड में 97 महिला फायर फाइटर्स को नियुक्ति की गई है। इससे पहले प्रदेश सरकार की फायर ब्रिगेड में केवल 18 लड़कियां ही शामिल थीं। नई भर्ती हुई महिलाओं में अधिकतर प्रदेश के दूर-दराज क्षेत्रों की रहने वाली हैं।
सरकारी सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में महिलाओं की संख्या और बढ़ाई जायेगी। उन्होंने बताया कि नई भर्ती हुई फायर फाइटर्स को वडाला के रीजनल कमांड सेंटर में ट्रेनिंग दी जा रही है। इसके बाद इन्हें प्रदेश के विभिन्न भागों में तैनाती दी जायेगी।

शहर के तीन प्रसिद्ध डॉक्टर डेंगू और चिकनगुनिया से गंवा चुके जान

डेंगू और चिकनगुनिया से शहर के तीन प्रसिद्ध डॉक्टर जान गंवा चुके हैं। इनमें से दो तो एमजीएम मेडिकल कॉलेज के रिटायर प्रोफेसर थे। बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग कह रहा है कि शहर में डेंगू और चिकनगुनिया से कोई मौत नहीं हुई।
जब तक मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब पुष्टि नहीं करती, तब तक विभाग मानता ही नहीं कि बीमारी हुई है। हजारों लोग अब भी इन बीमारियों से जूझ रहे हैं लेकिन विभाग के आंकड़े 121 की ही पुष्टि कर रहे हैं। आशंका इस बात की भी है कि ये बीमारियां अब तक दर्जनों लोगों को लील चुकी हैं।
डेंगू से पीड़ित वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. ओपी बाजपेई की हाल ही में डेंगू से मौत हुई है। इसके पहले डॉ. एलएस शर्मा भी इसी बीमारी से जान गवा चुके हैं। इसी तरह डॉ. एलएस भटनागर की चिकनगुनिया से मौत हुई थी। तीनों ही डॉक्टरों की बीमारियों से मौत की आईएमए और डॉक्टर पुष्टि कर रहे हैं, बावजूद स्वास्थ्य विभाग बीमारियों से कोई मौत नहीं होने की बात कह रहा है।
शहर के हर दूसरे घर में बुखार और जोड़ों के दर्द के मरीज हैं। उन्हें हफ्तों दर्द से निजात नहीं मिल रही। विभाग ने अब तक सिर्फ 2017 मरीजों के सैंपल जांच के लिए मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब भेजे हैं। इनमें से 121 में डेंगू और 27 में चिकनगुनिया की पुष्टि हुई है। निजी अस्पतालों और क्लिनिकों में इलाज कराने वाले हजारों लोग निजी लैबों से जांच करवा रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग इनकी रिपोर्ट को मान्यता नहीं देता।
डेंगू के लिए दो तरह की जांच होती है। पहला रैपिड टेस्ट और दूसरा मैक अलाइजा टेस्ट। दोनों ही जांचों पर 50 से 300 रुपए तक खर्च आता है। एमजीएम मेडिकल कॉलेज में ये जांचें लगभग मुफ्त होती हैं लेकिन दिक्कत यह है कि हर संदिग्ध मरीज का ब्लड सैंपल यहां नहीं भेजा जा सकता। यही वजह है कि पूरा शहर भले ही बीमारी से परेशान हो, सरकारी आंकड़ा 121 पर ही अटका हुआ है। आरोप यह भी है कि शासन स्तर पर बीमारी की गंभीरता कम आंकने के लिए जानबूझकर ऐसा किया जा रहा है। शासन क्षेत्रवार निजी लैब को जांच के लिए अधिकृत कर देता तो वास्तविक आंकड़े सामने लाए जा सकते थे।
स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों से मरीजों के ब्लड सैंपल बुलवाए हैं जबकि ज्यादातर मरीज क्लिनिक में इलाज करवा रहे हैं। डेंगू और चिकनगुनिया दोनों के मरीज को भर्ती होने की अनिवार्यता नहीं रहती। ऐसे में शासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
जब तक एमजीएम मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब बीमारी की पुष्टि नहीं करती, हम बीमारी नहीं मानते। निजी लैबों की जांच रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लेने का कोई सिस्टम नहीं है। सालों से व्यवस्था इसी तरह चल रही है। अब तक शहर में डेंगू और चिकनगुनिया से कोई मौत नहीं हुई।
डेंगू और चिकनगुनिया से तीन डॉक्टरों की मौत हुई है। शहर में हजारों मरीज हैं लेकिन विभाग इसे मान नहीं रहा। हजारों मरीज रिकॉर्ड पर नहीं आ पा रहे। क्लिनिकों के बाहर मरीजों की कतार लग रही है। एमवायएच की ओपीडी में सामान्य दिनों के मुकाबले तीन गुना मरीज आ रहे हैं।

भारतीय कुश्ती राष्ट्रीय सीनियर प्रतियोगिता में पति-पत्नी की चार जोड़ियां उतरेंगी

भारतीय कुश्ती के इतिहास में पहली बार ऐसा होगा कि राष्ट्रीय सीनियर प्रतियोगिता में पति-पत्नी की चार जोड़ियां उतरेंगी यानि कुल आठ पति-पत्नी पहलवान यहां जोर आजामाते हुए नजर आएंगे। यह सभी पहलवान हरियाणा के हैं जो अलग-अलग टीमों की तरफ से अपनी चुनौती पेश करेंगे।
गुरुवार से इंदौर (मध्यप्रदेश) में शुरू हो रही 62वीं पुरुष और 20वीं राष्ट्रीय महिला कुश्ती प्रतियोगिता में 59 किग्रा वर्ग में ओलिंपियन गीता फोगाट मैदान पर उतरेंगी। हालांकि उनके पति पवन कुमार भी 86 किग्रा वर्ग में खेलेंगे। गीता हरियाणा की तरफ से अपना दमखम दिखाएंगी, जबकि पवन रेलवे की ओर से अपना जोर लगाएंगे। हालांकि महिलाओं में सबकी नजर रियो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता भारत की स्टार पहलवान साक्षी मलिक पर रहेगी जो 62 किग्रा वर्ग में रेलवे की तरफ से खेलेंगी। वहीं, उनके पति सत्यवर्त कादयान भी रेलवे की ओर से 97 किग्रा वर्ग में अपनी चुनौती पेश करने उतरेंगे।
इसके बाद तीसरी जोड़ी के रूप में 65 किग्रा वर्ग में राहुल मान और उनकी पत्नी सरिता मोर 59 किग्रा में खेल रही हैं। यह दोनों पहलवान भी रेलवे की तरफ से खेल रहे हैं।
चौथी जोड़ी श्रीभगवान और रितु मलिक की है। श्रीभगवान ग्रीको रोमन स्पर्धा के 71 किग्रा वर्ग में, जबकि रितू मलिक रेलवे टीम की तरफ से 65 किग्रा वर्ग में खेलेंगी। रियो ओलंपिक के दौरान डोपिंग के चलते विवादों में रहने वाले पहलवान नरसिंह पंचम यादव की पत्नी शिल्पी हरियाणा टीम की तरफ से खेलेंगी। फिलहाल डोप टेस्ट में फंसने के कारण नरसिंह पर प्रतिबंध लगा हुआ है।

चीन के एक विशेषज्ञ का मानना है डोकलाम और दक्षिण चीन सागर जैसे मुद्दों को सुलझा लेगा

चीन के एक विशेषज्ञ का मानना है कि राष्ट्रपति शी चिनफिंग के दूसरे कार्यकाल में उनका देश भारत के साथ डोकलाम और दक्षिण चीन सागर जैसे मुद्दों को सुलझा लेगा।
अपने वैध हितों की रक्षा के लिए देश इनका सामना करेगा। चीन के समकालिक अंतरराष्ट्रीय संबंध संस्थान के उपाध्यक्ष युआन पेंग ने बुधवार को कहा, ‘पूर्व में हम सोचते थे कि हम विवाद को टाल देंगे।
अब हमें चौतरफा विवादों का सामना करना होगा।’ पेंग चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की हाल ही में संपन्न पांच दिवसीय कांग्रेस के परिणाम पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। पांचवीं कांग्रेस में पांच वर्षों के लिए शी को पार्टी के प्रमुख के रूप में मंजूरी दी गई है।
युआन ने कहा कि शी के नेतृत्व में चीन डोकलाम जैसे मुद्दे को निपटा सकता है। भारतीय सीमा पर चीन की सेना सड़क बनाने जा रही थी जिससे विवाद पैदा हुआ। इस क्षेत्र पर भूटान का दावा है।
72 दिनों तक जारी रहने के बाद 28 अगस्त को विवाद समाप्त हुआ। चीन ने सड़क निर्माण रोक दिया। विवाद थमने के बाद दोनों पक्षों ने अपनी सेना वापस बुला ली।
इसे भारत की कूटनीतिक जीत के रूप में देखा जाता है। हिंद-प्रशांत साबित होगा जाल युआन ने यह भी कहा कि अमेरिका ने हिंद-प्रशांत घोषित किया है। इस चतुर्भुज तंत्र में भारत, आस्ट्रेलिया और जापान भी शामिल हैं।
अमेरिका, आस्ट्रेलिया और जापान भारत को आगे कर रहे हैं। आगे चलकर यह एक प्रकार का जाल साबित होगा। उन्होंने कहा कि भारत के लिए यह बुद्धिमानी नहीं है क्योंकि यह अमेरिका और चीन के साथ संतुलित रिश्ते निभाता है।

केंद्र सरकार के 36 राफेल विमानों सौदे पर कांग्रेस ने खड़े कर दिए सवाल

केंद्र सरकार द्वारा फ्रांस के साथ 36 राफेल विमानों सौदे पर कांग्रेस ने सवाल खड़े कर दिए हैं। इसके बाद जहां फ्रांस ने आरोपों से इन्कार किया है वहीं सौदे में शामिल अनील अंबानी की कंपनी ने कांग्रेस पर मुकदमे की धमकी दी है।
इस सौदे को भारत के फायदे में बताते हुए फ्रांस ने कहा है कि इसका चुनाव इसके शानदार प्रदर्शन और प्रतिस्पर्द्धात्मक कीमतों के चलते किया गया है। फ्रांसीसी दूतावास के सूत्रों ने बुधवार को बताया कि इसकी खरीद में पूरी तरह से पारदर्शी प्रक्रिया का पालन किया गया है। इस करार से भारत में रक्षा उत्पादन उद्योग का विकास होगा।
उल्लेखनीय है कि फ्रांस से 36 लड़ाकू विमानों की खरीद पर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने मंगलवार को सवाल उठाया था। पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राफेल सौदे में अपने उद्योगपति दोस्त के लिए देश की सुरक्षा से समझौता किया। इस डील से सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचेगा।
फ्रांस के राजनयिक सूत्रों ने इसे घरेलू राजनीतिक मामला बताते हुए इस पर टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया। लेकिन, साथ ही कहा कि किसी भी तरह का दावा करने से पहले तथ्यों की जांच कर लेनी चाहिए।
यह पूछे जाने पर कि क्या फ्रांस इस सौदे को आगे बढ़ाने के लिए भी उत्सुक है, सूत्रों ने कहा कि यह भारत पर निर्भर करता है। फिलहाल तो हमारा ध्यान भारत को 36 विमान उपलब्ध कराने पर है। राफेल फ्रांस की दासो कंपनी द्वारा बनाया गया दो इंजन वाला लड़ाकू विमान है। यह एक मिनट में 60,000 फीट की ऊंचाई तक पहुंच सकता है। साथ ही यह 2200 से 2500 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकता है।
इस डील में कांग्रेस ने अनील अंबानी की कंपनी रिलायंस डिफेंस को लेकर कहा है कि इस सौदे में उसे ज्यादा पैसे दिए गए हैं। इससे नाराज कंपनी कहा है कि कांग्रेस अपना बयान वापिस ने नहीं तो केस किया जाएगा।

भिंडी बाजार की पुरानी इमारतें बनी मुसीबतें

अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की मुंबई स्थित तीन इमारतें नीलाम हो गईं। इन्हें बुरहानी ट्रस्ट ने खरीदा है जो धर्मार्थ काम करता है। दाऊद की तीनों संपत्तियों – दिल्ली जायका होटल, शबनम गेस्ट हाउस और डामरवाला बिल्डिंग का भिंडी बाजार से सीधा संबंध है। पढ़ें इसी बारे में –
दरअसल, ये तीनों प्रॉपर्टी मुंबई के प्रसिद्ध भिंडी बाजार में हैं। बुरहानी अपलिफ्टमेंट ट्रस्ट ने भिंडी बाजार को संवारने के लिए बहुत काम किया है, लेकिन ये तीन इमारतें बाधा बन रही थीं। इसलिए भी ट्रस्ट ने यह संपत्ति खरीदने में रुचि दिखाई और तीन गुना कीमत पर खरीदा।
बुरहानी ट्रस्ट के प्रवक्ता के मुताबिक, हमारा मकसद भिंडी बाजार में बिजनेस का बेहतर माहौल पैदा करना है। हम चाहते हैं कि यह मुंबई में बिजनेस का बड़ा सेंटर बने। यहां लोगों को सुविधाएं और सुरक्षा, दोनों मिले। इलाके में दाऊद की प्रॉपर्टी होने से इस काम में बाधा आ रही थी।
मुंबई की ज्यादातर पुरानी इमारतें भिंडी बाजार में हैं। इसी साल सितंबर में एक इमारत ढह गई थी, जिसमें 33 लोग मारे गए थे। अभी भी यहां 256 इमारतें पुनर्निर्माण के लायक हैं। 80 साल से ज्यादा पुरानी इन इमारतों में 4,221 परिवार रहते हैं।
चूंकि इस इलाके में रहनेवाले ज्यादातर लोग दाऊदी बोहरा समुदाय के हैं। इसलिए 2008 में दाऊदी बोहरा समुदाय के धर्मगुरु सैयदना मुहम्मद बुरहानुद्दीन ने इस इलाके की सभी जर्जर इमारतों को गिराकर यहां रहने वाले लोगों को बेहतर आवास देने की योजना शुरू करने की घोषणा की थी। इस कड़ी में 95 इमारतें गिराकर कुछ काम शुरू भी किया जा चुका है।